'अनगिनत खुलासे के बाद...', खरगे का चुनाव आयोग पर आरोप, BJP को घेरा
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाया है कि एसआईआर के सॉफ्टवेयर को लेकर जानकारी मांगी गई थी, लेकिन आरटीआई में इसका जवाब नहीं दिया गया.

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक बार फिर से चुनाव आयोग पर निशाना साधा है. उन्होंने एसआईआर के मामले पर भारतीय जनता पार्टी को भी घेरा है. खरगे ने सोमवार (26 अक्टूबर) कहा कि एसआईआर के सॉफ्टवेयर को लेकर आरटीआई से जानकारी मांगी गई थी, लेकिन इस पर जवाब नहीं मिला. खरगे ने इसको लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट भी शेयर की, जिसमें फॉर्म 6 का भी जिक्र किया.
मल्लिकार्जुन खरगे ने एक्स पर लिखा, 'वोट चोरी के अनगिनत खुलासे के बाद भी मोदी सरकार ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए सारे हथकंडे अपना रही है! SIR में इस्तेमाल सॉफ्टवेयर की जानकारी RTI में मांगी गई, तो चुनाव आयोग ने ट्रेड सीक्रेट का हवाला देकर जवाब देने से ही इनकार कर दिया.'
फॉर्म 6 को लेकर क्या बोले खरगे
उन्होंने लिखा, 'उत्तर प्रदेश में 16.18 लाख फॉर्म-6 आवेदनों का विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया. पीलीभीत में 10,470 मतदाता रिकॉर्ड में अनियमितताएँ पकड़ी गईं. अब पूरे प्रदेश में फॉर्म 6, 7 और 8 की जांच के आदेश देने को मजबूर होना पड़ा है. यह केवल वोट बचाने की लड़ाई नहीं, संविधान और लोकतंत्र बचाने का जनसंघर्ष है. मैं देश के हर जागरूक नागरिक से अपील करता हूं. 1 नवंबर को दिल्ली चलिए! रामलीला मैदान में 'वोट बचाओ–देश बचाओ' जन मार्च और महारैली से जुड़िए. जय हिंद! जय संविधान!'
मल्लिकार्जुन खरगे ने यह भी कहा कि इस मामले को लेकर भाजपा और चुनाव आयोग से विपक्ष की तीन मांगें हैं, जिस को लेकर जवाब आना चाहिए.
- CEC ज्ञानेश कुमार इस्तीफ़ा दें और उन्हें संरक्षण देने वाला 2023 का कानून निरस्त हो.
- SIR तत्काल रोका जाए. ग़ैरकानूनी ढंग से हटाए गए मतदाताओं के नाम बहाल हों.
- सभी चुनाव पेपर बैलेट से कराए जाएँ.
वोट चोरी के अनगिनत खुलासे के बाद भी मोदी सरकार ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए सारे हथकंडे अपना रही है ! SIR में इस्तेमाल software की जानकारी RTI में माँगी गई, तो चुनाव आयोग ने 'Trade Secrets' का हवाला देकर जवाब देने से ही इनकार कर दिया। उत्तर प्रदेश में 16.18 लाख Form-6 आवेदनों का विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया। पीलीभीत में 10,470 मतदाता रिकॉर्ड में अनियमितताएँ पकड़ी गईं। अब पूरे प्रदेश में Form 6, 7 और 8 की जाँच के आदेश देने को मजबूर होना पड़ा है। BJP और चुनाव आयोग की मिलीभगत के ख़िलाफ़ INDIA गठबंधन की 3 प्रमुख माँगें स्पष्ट हैं -: 1. CEC ज्ञानेश कुमार इस्तीफ़ा दें और उन्हें संरक्षण देने वाला 2023 का कानून निरस्त हो। 2. SIR तत्काल रोका जाए। ग़ैरकानूनी ढंग से हटाए गए मतदाताओं के नाम बहाल हों। 3. सभी चुनाव पेपर बैलेट से कराए जाएँ। यह केवल वोट बचाने की लड़ाई नहीं, संविधान और लोकतंत्र बचाने का जनसंघर्ष है। मैं देश के हर जागरूक नागरिक से अपील करता हूँ - 1 नवंबर को दिल्ली चलिए! रामलीला मैदान में 'वोट बचाओ–देश बचाओ' जन मार्च और महारैली से जुड़िए। जय हिंद! जय संविधान! #ChaloDilli #RamlilaMarch
— Mallikarjun Kharge (@kharge) October 26, 2026
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन
कांग्रेस समेत इंडिया गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन किया. विपक्ष ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर अड़ गया. राहुल गांधी ने अब 1 नवंबर को भी रैली का आयोजन रखा है. इंडिया गठबंधन दिल्ली के रामलीला मैदान में जुटेगा.
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