इस समीकरण के जरिए बिना बीजेपी के भी सरकार बना सकती है शिवसेना
आज शरद पवार की पार्टी एनसीपी ने संकेत दिया कि वह सरकार बनाने के लिए शिवसेना का समर्थन कर सकती है. शिवसेना को ऐसा ही ऑफर कुछ दिनों पहले कांग्रेस ने भी दिया था. एनसीपी के पास 54 और कांग्रेस के पास 44 विधायक हैं.

नई दिल्ली: शिवसेना और बीजेपी के बीच अभी तक सरकार बनाने को लेकर कोई औपचारिक बातचीत शुरू नहीं हुई है. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि दोनों पार्टियों के बीच तल्खी कितनी ज्यादा हो चुकी है. चुनाव नतीजे 24 अक्टूबर को ही आए थे. उधर आज संजय राउत ने 170 विधायकों के समर्थन की बात कहकर राज्य का सियासी पारा और चढ़ा दिया.
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बीजेपी और शिवसेना के बीच जारी गतिरोध को देखते हुए राज्य में नए समीकरण के साथ सरकार बनने के कयास लगाए जा रहे हैं. इसके तहत कहा जा रहा है कि शिवसेना और एनसीपी मिलकर राज्य में नई सरकार बना सकते हैं. यानी बिना बीजेपी के भी शिवसेना सरकार बना सकती है. ये कयास इसलिए भी लगाए जा रहे हैं क्योंकि आज एनसीपी ने संकेत दिया कि वह शिवसेना का समर्थन कर सकती है. हालांकि उनकी शर्त ये है कि पहल शिवसेना की तरफ से हो.
बीजेपी के बिना शिवसेना कैसे बना सकती है सरकार?
एनसीपी से पहले ये बात कांग्रेस भी कह चुकी है. कांग्रेस भी यह चुकी है कि अगर शिवसेना पहल करती है तो बातचीत की जा सकती है. यानी अगर शिवसेना पहल करती है तो एनसीपी और कांग्रेस का समर्थन हासिल हो सकता है और सरकार भी बन सकती है.
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राज्य में विधानसभा की 288 सीटे हैं. सरकार बनाने के लिए बहुमत का आंकड़ा 145 है. शिवसेना के पास 56 विधायक हैं. इसके अलावा सात और विधायक शिवसेना को पहले ही समर्थन दे चुके हैं. ये कुल मिलाकर 63 होता है. एनसीपी के पास 54 विधायक हैं और कांग्रेस के पास 44 विधायक हैं. तीनों को जोड़ दें (63+54+44) ये 161 होता है. अगर ये समीकरण अमल में आ जाए तो शिवसेना की सरकार बन सकती है. यहां ये बता दें कि एनसीपी और कांग्रेस दोनों शिवसेना के सीएम पर राजी दिख रहे हैं.
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