माघ मेले में पुलिस के साथ विवाद के बाद धरने पर बैठे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, DM बोले एक्शन होगा
Uttar Pradesh: माघ मेले में बिना अनुमति संगम नोज जाने पर अविमुक्तेश्वरानंद और अनुयायियों की पुलिस से झड़प हुई. बैरियर तोड़ने, अव्यवस्था फैलाने के आरोपों पर प्रशासन सीसीटीवी के आधार पर कार्रवाई करेगा.

माघ मेले के दौरान प्रयागराज में पुलिस और एक संत के अनुयायियों के बीच हुई झड़प अब बड़ा मामला बनती नजर आ रही है. इस पूरे प्रकरण में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. प्रशासन ने साफ कहा है कि बिना अनुमति परंपरा के खिलाफ आचरण किया गया और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार्रवाई होगी.
प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार ने बताया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सुबह करीब 9 बजे अपने करीब 200 अनुयायियों के साथ उस क्षेत्र में पहुंचे, जिसे सुरक्षा कारणों से एक दिन पहले ही बंद कर दिया गया था. उनके अनुयायियों ने बैरियर तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी हुई. इस पूरी घटना के सीसीटीवी फुटेज मौजूद हैं.
स्वामी के समर्थकों ने तीन घंटे तक बंद रखा रास्ता
पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद संगम नोज पर जाने की जिद कर रहे थे, जबकि उस समय वहां भारी भीड़ थी. सुबह कोहरे के कारण संगम क्षेत्र में 9 से 10 बजे के बीच सबसे ज्यादा भीड़ रहती है. पुलिस ने समझाने की कोशिश की कि 200 लोगों और एक रथ के साथ आगे बढ़ने से भगदड़ हो सकती है, लेकिन वे नहीं माने. आरोप है कि उनके समर्थकों ने छोटे बच्चों को आगे कर अव्यवस्था फैलाने की कोशिश की और करीब तीन घंटे तक वापसी का रास्ता भी रोक दिया गया, जिससे आम लोगों को काफी परेशानी हुई.
पुलिस के साथ हुई स्वामी के समर्थकों की धक्का-मुक्की
प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि परंपरा के विपरीत संगम पर स्नान करने वे (स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद) बिना अनुमति के अपनी पालकी पर आए थे. उस समय संगम पर बहुत ज्यादा भीड़ थी. बार-बार अनुरोध करने के बाद भी वे बिना अनुमति के यहां आए और अपनी जिद पर अड़े रहे, यह गलत था. अन्य कई पहलु भी संज्ञान में आए हैं कि उनके समर्थकों द्वारा बैरियर तोड़े गए और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की गई तो इस पूरे मामले की हम जांच कर रहे हैं. हम सभी पहलुओं की जांच कर विधिक कार्रवाई करेंगे.
बिना किसी अनुमित के पालकी लेकर आए थे अविमुक्तेश्वरानंद
प्रयागराज मंडल की मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद परंपरा के विपरीत और बिना किसी अनुमति के अपने पालकी पर सवार होकर यहां अपने करीब 200 अनुयायियों के साथ आए थे, यहां संगम पर बहुत अधिक भीड़ थी. यहां करोड़ी की भीड़ थी, वे बैरियर तोड़कर आए और 3 घंटे तक हमारा वापसी मार्ग अवरुद्ध किया जिससे जनसामान्य को बहुत असुविधा हुई.
विवाद के बाद धरने पर बैठे अविमुक्तेश्वरानंद
प्रयागराज में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े मामले में विवाद और गहरा गया है. माघ मेले के दौरान पुलिस प्रशासन से हुए विवाद के बाद शंकराचार्य अपने शिविर में धरने पर बैठ गए हैं. उन्होंने साफ कहा है कि जब तक पुलिस और प्रशासन उन्हें ससम्मान और तय प्रोटोकॉल के तहत संगम तक नहीं ले जाएगा, तब तक वे गंगा स्नान नहीं करेंगे. शंकराचार्य ने प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताते हुए मीडिया को अपने शिविर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए आमंत्रित किया है. इस घटनाक्रम के बाद माघ मेले की व्यवस्थाओं और प्रशासन की भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.
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Source: IOCL


























