अंतरराष्ट्रीय मंच पर दहाड़ेगी कश्मीर की सबसे युवा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, 6 साल की उम्र में बनाया था पहला वीडियो
कश्मीर की सबसे युवा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर को इंटरनेशनल फोरम पर अपनी बात रखने का मौका मिला है. अक्सा मसरत कई मुद्दों पर सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करती हैं और काफी लोकप्रिय हैं.

Kashmir Social Media Influencer: कश्मीर की सबसे युवा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, कॉलेज ऑफ इंफॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशंस और यूनेस्को (UNESCO) द्वारा आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय मंच को संबोधित करेंगी. बारामूला के सोपोर कस्बे की रहने वाली अक्सा मसरत कश्मीर घाटी की सबसे कम उम्र की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं, जिन्होंने सोशल मीडिया पर अपने आकर्षक वीडियो के साथ लोगों के दिलों के छुआ है.
जम्मू-कश्मीर में अच्छी-खासी लोकप्रियता हासिल करने के बाद अक्सा को दक्षिण कैरोलिना विश्वविद्यालय ने 'आज के युवाओं पर सोशल मीडिया की भूमिका और प्रभाव' के बारे में एक अंतरराष्ट्रीय मंच पर बोलने के लिए आमंत्रित किया है. अंतरराष्ट्रीय मंच के आमंत्रण को गर्व का क्षण बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे उन्हें बहुत खुशी होती है कि उनके काम को न केवल जम्मू-कश्मीर में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिल रही है.
'कड़ी मेहनत के बिना कुछ संभव नहीं हैं'
उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति इसके लिए कड़ी मेहनत करने को तैयार है तो कुछ भी हासिल किया जा सकता है. उन्होंने कहा, 'कड़ी मेहनत के बिना कुछ भी संभव नहीं है और हर एक व्यक्ति में आत्मविश्वास होना चाहिए कि वह ऐसा कर सकता है. उसे दुनिया को दिखाना है कि वो कर सकता है.'
ऐसे वीडियो बनाती है अक्सा
दिन-प्रतिदिन के मुद्दों पर वीडियो बनाने के अलावा, अक्सा अपने सोशल मीडिया पोस्ट में अपने आस-पड़ोस की नागरिक समस्याओं पर भी प्रकाश डालती हैं. उन्होंने स्थानीय खेती और कटाई प्रक्रियाओं को दिखाने वाले वीडियो भी पोस्ट किए हैं. उन्होंने कहा कि कंटेंट क्रिएशन के अलावा वो अपनी पढ़ाई का भी ध्यान रख रही हैं, क्योंकि वो आईएएस (IAS) अधिकारी बनना चाहती हैं.
यूट्यूब और फेसबुक पर हैं इतने फॉलोअर्स
परिवार की ओर से भी अक्सा को पूरा सपोर्ट मिलता है. उनके यूट्यूब चैनल 'व्हाट अक्सा सेज' (What Aqsa Says) के 50,000 से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं, जबकि उनके फेसबुक पेज पर 60,000 से ज्यादा फॉलोअर्स हैं. अक्सा ने कहा कि वो सिर्फ 6 साल की थी जब उन्होंने अपना पहला वीडियो बनाया था, जो कि 'चिल्लाओ कल्लन' (कश्मीर की सर्दियों के सबसे कठोर 40 दिन) के बारे में था.
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Source: IOCL






















