एक्सप्लोरर

हमले के जरिए अंतर्राष्ट्रीय मीडिया को चुप कराना चाहता है इजराइल?

इजराइल की सेना ने गाज़ा शहर में स्थित एक बहुमंज़िला इमारत को एक हवाई हमले में ध्वस्त कर दिया था, जिसमें अमेरिकी समाचार एजेंसी 'द एसोसिएटेड प्रेस' यानी एपी और क़तर के समाचार चैनल 'अल-जज़ीरा' मीडिया संस्थानों के दफ़्तर हुआ करते थे.

नई दिल्ली: इजराइल की सेना ने शनिवार को गाज़ा शहर की एक बिल्डिंग पर जो हवाई हमला किया है, क्या वह मीडिया को चुप कराने की चेतावनी है? क्या इजराइल नहीं चाहता कि अंतर्राष्ट्रीय मीडिया फिलीस्तीन के लोगों की तकलीफों को दुनिया से रूबरू करा सके, इसलिए इस हमले के जरिए यह संदेश दिया गया? हालांकि, प्रेस की आजादी की वकालत करने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने इजराइल के इस हमले की निंदा करते हुए इसे मानवाधिकार का उल्लंघन बताया है.

इन संस्थाओं ने इजराइली सेना पर आरोप लगाया है कि वो मीडिया के काम को सेंसर करने की कोशिश कर रही है, जिससे उसके द्वारा किए जा रहे कथित युद्ध अपराधों के बारे में दुनिया को नहीं बताया जा सके जबकि अमेरिका ने इजराइल  से पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कहा है.

गौरतलब है कि शनिवार को इजराइल की सेना ने गाज़ा शहर में स्थित एक बहुमंज़िला इमारत को एक हवाई हमले में ध्वस्त कर दिया था, जिसमें अमेरिकी समाचार एजेंसी 'द एसोसिएटेड प्रेस' यानी एपी और क़तर के समाचार चैनल 'अल-जज़ीरा' मीडिया संस्थानों के दफ़्तर हुआ करते थे. 'द एसोसिएटेड प्रेस' ने इस हमले को 'भयावह और चौंकाने वाला' बताया है जबकि अल-जज़ीरा ने कहा है कि इजराइल पत्रकारों को गाज़ा में उनकी ड्यूटी करने से रोक रहा है.

हमले के बाद इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सफाई देते हुए कहा कि 'हमास' भी उस बिल्डिंग को इस्तेमाल कर रहा था. ये कोई निर्दोष इमारत नहीं थी. हमास,फिलीस्तीन का चरमपंथी इस्लामिक संगठन है.

दुनिया की सेनाओं का ये दस्तूर रहा है कि वे अपने किसी गलत हमले को भी जायज साबित करने के लिए कुछ ऐसे तर्क गढ़ लेती हैं कि उस पर उंगली न उठाई जा सके. सो,इजराइली सेना ने भी ऐसी ही दलील दी है. उसने दावा किया है कि अल-जला नाम की जिस बहुमंज़िला इमारत को उसने गिराया है, जिसमें मीडिया संस्थानों के दफ़्तर और कुछ लोगों के घर भी थे, उसी इमारत की एक मंजिल पर चरमपंथी संगठन हमास की सैन्य ख़ुफ़िया टीम बैठती थी. वैसे ऐसी खबरें आईं हैं कि पिछले कुछ दिनों में इजराइली सेना ने गाज़ा की कई बड़ी इमारतों को इसी दलील के साथ हवाई हमले का निशाना बनाया है कि उसे हमास द्वारा इस्तेमाल किया जाता था. सेना ने यह आरोप भी लगाया कि चरमपंथी संगठन हमास पत्रकारों को मानव-कवच के रूप में भी इस्तेमाल करता रहा है. हालांकि, इजराइल की सेना ने अपने इस दावे को साबित करने वाला कोई सबूत अब तक पेश नहीं किया है.

एपी ने कहा इजराइली ने सबूत नहीं दिए
एपी ने अपने बयान में कहा है, ''हमने इजराइली सरकार से अनुरोध किया था कि इस इमारत में हमास के होने का सबूत दें लेकिन उन्होंने नहीं दिया. एपी का ब्यूरो इस इमारत में पिछले 15 सालों से था. हमें आज तक कोई संकेत नहीं मिला कि इस इमारत में हमास की मौजूदगी है. यह बहुत ही भयावह स्थिति है. गाज़ा में जो कुछ भी हो रहा है, अब उसकी हक़ीक़त दुनिया को बहुत कम पता चलेगी जो कि ग़लत है. हमारे लोगों ने बड़ी मुश्किल से अपनी जान बचाई."

एपी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि अल-जला बिल्डिंग में सबसे ऊपर की मंज़िल 15 वर्षों से एजेंसी के लिए इजराइल और फिलीस्तीनियों के विवाद को कवर करने का केंद्र बिंदु रही है. साल 2009, 2012 और 2014 में हिंसक संघर्ष के दौरान भी एजेंसी इसी दफ़्तर से काम करती रही.

इस हवाई हमले में दर्जनों परिवारों के घर छिन गए हैं जो कभी अल-जला इमारत में रहते थे. अल-जज़ीरा मीडिया नेटवर्क के कार्यवाहक महानिदेशक डॉक्टर मुस्तफ़ा सुआग ने कहा, "हम चाहते हैं कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस बर्बर हमले की निंदा करे जो मीडिया को निशाना बनाने के लिए किया गया. इस हमले को लेकर इजराइल  के ख़िलाफ़ कार्रवाई होनी चाहिए. इजराइल  मीडिया को चुप कराना चाहता है. वो चाहता है कि मीडिया गाज़ा के लोगों की तकलीफ़ों पर बात ना करे."

'हमला मानवाधिकारों का उल्लंघन'
डॉक्टर मुस्तफ़ा सुआग ने आगे कहा, "यह हमला मानवाधिकारों का उल्लंघन है. यह जघन्य अपराध है. इजराइली सेना जानती थी कि इस इमारत को ना सिर्फ़ अल-जज़ीरा, बल्कि कई अन्य अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थान वर्षों से अपने स्थानीय हेडक्वार्टर के तौर पर इस्तेमाल कर रहे थे और यह जानते हुए भी उसने इस इमारत को निशाना बनाया. पत्रकारिता कोई जुर्म नहीं, जिसके लिए इजराइल ऐसी सज़ा देने की कोशिश करे."

शनिवार के हमले के बाद अमेरिका ने भी इजराइल से कहा है कि वो पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करे. व्हाइट हाऊस की प्रवक्ता जेन साकी ने ट्वीट कर कहा, "हमने सीधे तौर पर इजराइल को कहा है कि सभी पत्रकारों और स्वतंत्र मीडिया की सुरक्षा सुनिश्चित करना उसकी अहम ज़िम्मेदारी है."

द फ़ॉरेन प्रेस एसोसिएशन, कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट और द इंटरनेशनल प्रेस इंस्टीट्यूट समेत कई अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने इजराइल के इस हमले को ग़लत ठहराया है.
न्यूज़ एजेंसी एपी ने अपनी रिपोर्ट में यह भी लिखा है कि इजराइली सेना और अंतरराष्ट्रीय मीडिया के बीच पहले से ही कठोर संबंध रहे हैं और इजराइल अंतरराष्ट्रीय मीडिया पर उनके ख़िलाफ़ पक्षपातपूर्ण होने का आरोप लगाता रहा है.

इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ जर्नलिस्ट्स की उपाध्यक्ष सबीना इंदरजीत ने भी इजराइली सेना के इस हमले की तीखी निंदा की है.एक बयान में संगठन ने कहा है कि "ये निष्पक्ष मीडिया को कुचलने की शुरुआत है जिस पर संयुक्त राष्ट्र को तत्काल हस्तक्षेप करके इजराइल को ऐसा करने से रोकना होगा." 

यह भी पढ़ें:

इजराइल के हवाई हमले में 26 लोगों की मौत, गाजा सिटी में कई इमारतें जमींदोज

 

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Plan-B एक्टिव! भारत ने फ्यूल सप्लाई और शिपिंग सुरक्षा पर कड़ा रुख अपनाया, होर्मुज में जहाजों पर 24x7 निगरानी
Plan-B एक्टिव! भारत ने फ्यूल सप्लाई और शिपिंग सुरक्षा पर कड़ा रुख अपनाया, होर्मुज में जहाजों पर 24x7 निगरानी
Bihar Diwas 22 March: बिहार के गौरव के 114 साल, PM मोदी और CM नीतीश ने दी स्थापना दिवस की बधाई
बिहार के गौरव के 114 साल, PM मोदी और CM नीतीश ने दी स्थापना दिवस की बधाई
मोटे हुए तो कट जाएगी सैलरी... फिटनेस के लिए नया नियम ला सकती है एयर इंडिया, जानें पूरा मामला
मोटे हुए तो कट जाएगी सैलरी... फिटनेस के लिए नया नियम ला सकती है एयर इंडिया, जानें पूरा मामला
Sikkim Earthquake: भूकंप के झटके से हिला सिक्किम! रिक्टर स्केल पर 4.1 मापी गई तीव्रता
भूकंप के झटके से हिला सिक्किम! रिक्टर स्केल पर 4.1 मापी गई तीव्रता

वीडियोज

Iran Israel War: क्यों अहम है Diego Garcia का 'अजेय किला'? जहां से उड़े B-2 बॉम्बर्स! | American Base
US Israel Iran War: मुनीर की धमकी, 'ईरान से प्यार है तो पाकिस्तान छोड़ दो!' भड़के शिया धर्मगुरु!
Mathura Hinsa: फरसा वाले बाबा की मौत पर मथुरा में बवाल..अब कैसे हालात? | Gau Rakshak Murder
Iran Israel War Update: अमेरिका-इजरायल का भयंकर हमला..ईरान में मची तबाही | America News
Iran Israel War Update: इजरायल के परमाणु संयंत्र पर हमले की कोशिश..क्यों कर रहा ईरान?

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'...तो हम दिल्ली-मुंबई पर बमबारी कर देंगे', भारत को पाकिस्तान ने फिर दी गीदड़भभकी, क्यों डर रहा इस्लामाबाद
'...तो हम दिल्ली-मुंबई पर बमबारी कर देंगे', भारत को पाकिस्तान ने फिर दी गीदड़भभकी
Ashok Kharat News: अशोक खरात पर डबल शिकंजा, 3 और महिलाओं ने की शिकायत, आयकर जांच की भी तैयारी
नासिक में अशोक खरात पर डबल शिकंजा, 3 और महिलाओं ने की शिकायत, आयकर जांच की भी तैयारी
'धुरंधर 2' में नजर आए एक्टर आदित्य उप्पल ने की आदित्य धर की तारीफ, संजय दत्त के गाली वाले सीन को लेकर कहा ये
'धुरंधर 2' में नजर आए एक्टर आदित्य उप्पल ने की आदित्य धर की तारीफ, संजय दत्त के गाली वाले सीन को लेकर कहा ये
IPL में किस खिलाड़ी के नाम है सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड? टॉप-5 में कई धुरंधर शामिल
IPL में किस खिलाड़ी के नाम है सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड? टॉप-5 में कई धुरंधर शामिल
Iran-US War: 'पूरी तरह खत्म कर दिया...', ईरान से युद्ध के बीच ट्रंप का बड़ा बयान, तेहरान को लेकर क्या-क्या कहा?
'पूरी तरह खत्म कर दिया...', ईरान युद्ध के बीच ट्रंप का बड़ा बयान, तेहरान को लेकर क्या-क्या कहा?
मोटे हुए तो कट जाएगी सैलरी... फिटनेस के लिए नया नियम ला सकती है एयर इंडिया, जानें पूरा मामला
मोटे हुए तो कट जाएगी सैलरी... फिटनेस के लिए नया नियम ला सकती है एयर इंडिया, जानें पूरा मामला
Contaminated Milk Products: बाजार से वापस क्यों मंगाए जा रहे दूध और बाकी मिल्क प्रॉडक्ट्स, आखिर सेहत को इनसे क्या नुकसान?
बाजार से वापस क्यों मंगाए जा रहे दूध और बाकी मिल्क प्रॉडक्ट्स, आखिर सेहत को इनसे क्या नुकसान?
घर बैठे कैसे बनवा सकते हैं लर्निंग लाइसेंस, जान लें पूरी प्रक्रिया
घर बैठे कैसे बनवा सकते हैं लर्निंग लाइसेंस, जान लें पूरी प्रक्रिया
Embed widget