26 Rafale-M और 3 स्कॉर्पीन पनडुब्बी, भारत को फ्रांस का 'डबल गिफ्ट' बढ़ा देगा चीन-PAK की टेंशन
भारतीय नौसेना को जल्द फ्रांस से 26 राफेल-एम और तीन स्कॉर्पीन पनडुब्बी मिलेंगी. इनकी खरीद पर भारत जल्द मुहर लगा सकता है. राफेल की तैनाती INS विक्रांत पर होगी.

भारतीय नौसेना की शक्ति में जल्द इजाफा होने जा रहा है. भारत अपनी नौसेना की क्षमता को बढ़ाने के लिए 26 राफेल लड़ाकू जेट(Rafale-M) और तीन स्कॉर्पीन पनडुब्बी की खरीद पर अगले कुछ हफ्ते में मुहर लगा सकता है. हालांकि, अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि राफेल-एम और स्कॉर्पीन की खरीद संबंधी घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी पेरिस यात्रा के दौरान की जाएगी या नहीं.
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुकाबिक, पीएम मोदी AI पर आधारित दो दिन के समिट में हिस्सा लेने 10-11 फरवरी को पेरिस की यात्रा करेंगे. इस समिट के इतर पीएम मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे.
रक्षा मंत्रालय ने राफेल-एम की खरीद को दी थी मंजूरी
रिपोर्ट के मुताबिक, मामले से वाकिफ लोगों ने बताया कि दोनों समझौते अंतिम चरण में हैं और सुरक्षा मामलों पर कैबिनेट समिति (सीसीएस) को इन पर विचार करना होगा. जुलाई 2023 में रक्षा मंत्रालय ने फ्रांस से 22 राफेल (एम) जेट की खरीद को मंजूरी दी थी. इनकी तैनाती स्वदेशी रूप से निर्मित विमान वाहक आईएनएस विक्रांत पर होगी.
मंत्रालय ने फ्रांस से तीन स्कॉर्पीन पनडुब्बी की खरीद को भी स्वीकृति दे दी है. भारतीय नौसेना के प्रोजेक्ट-75 के तहत फ्रांस के नौसेना समूह के सहयोग से मझगांव डॉक लिमिटेड (एमडीएल) भारत में छह स्कॉर्पीन पनडुब्बी का निर्माण पहले ही कर चुका है. राफेल-एम जेट के साथ-साथ हथियार प्रणालियों और कलपुर्जों समेत संबंधित सहायक उपकरणों की खरीद एक अंतर-सरकारी समझौते (आईजीए) पर आधारित होगी. भारतीय वायुसेना पहले ही फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीद चुकी है.
क्यों खास है Rafale-M, जानें खासियत
राफेल-एम (मरीन) राफेल विमान का नेवल वेरिएंट है. माना जा रहा है कि भारतीय नेवी में इसके शामिल होने से नौसेना की क्षमता में जबरदस्त इजाफा होगा और यह दुश्मन देशों की टेंशन बढ़ाने के लिए काफी है.
- यूरेशियन टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, राफेल एम को खासतौर पर एयरक्राफ्ट कैरियर ऑपरेशन के लिए डिजाइन किया गया है.
- राफेल एम अत्याधुनिक एवियोनिक्स, थेल्स रडार, हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल से लैस होगा.
- राफेल एम डुअल इंजन, सिंगल सीट विमान है. इसका इस्तेमाल दुश्मन के भीतरी इलाकों में जाकर हमला करने में किया जा सकता है.
- राफेल-एम एक ही उड़ान के दौरान हवा से जमीन पर और हवा से हवा में हमला कर सकता है.
- राफेल-एम 13 एक्सटर्नल हार्डपॉइंट पर 9.5 टन तक हथियार, ईंधन टैंक और पॉड ले जा सकता है और दुश्मन के रडार से बचने के लिए निम्न स्तर पर तेज रफ्तार से उड़ान भरने में सक्षम है.
इसमें HAMMER (हाईली एजाइल एंड मैन्युवरेबल म्यूनिशन एक्सटेंडेड रेंज) मॉड्यूलर, रॉकेट-बूस्टेड एयर-टू-ग्राउंड वेपन, SCALP लंबी दूरी की स्टैंड-ऑफ मिसाइल, AM39 EXOCET एंटी-शिप मिसाइल, लेजर-निर्देशित मिसाइल का भी इस्तेमाल किया जा सकता है.
Source: IOCL






















