कोलकाता के दुर्गा पूजा प्रीव्यू शो पर ED का शिकंजा, 15 जगह छापेमारी, मचा हड़कंप
कोलकाता में दुर्गा पूजा प्रीव्यू शो मामले में ED ने 15 ठिकानों पर तलाशी ली है. जानें MassArt, UNESCO के कथित दावे और पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन से जुड़े मामले की पूरी जानकारी.

कोलकाता में दुर्गा पूजा के प्रीव्यू शो से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने कार्रवाई की है. एजेंसी ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले की जांच के तहत 15 ठिकानों पर तलाशी ली है. यह मामला Mahanirban Road Mass Art Society (MassArt) से जुड़ा बताया जा रहा है.
मामले में पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन, उनकी पत्नी और MassArt से जुड़े कुछ अन्य लोगों के नाम पहले दर्ज शिकायत में सामने आए थे. शिकायत में संस्था पर UNESCO के साथ आधिकारिक साझेदारी का दावा कर लोगों से पैसे लेने का आरोप लगाया गया था. हालांकि MassArt से जुड़े लोगों ने इन आरोपों को खारिज किया था.
15 ठिकानों पर ED की तलाशी
ED की कार्रवाई के दौरान एजेंसी की टीम ने MassArt से जुड़े लोगों और संस्थाओं के ठिकानों पर दस्तावेज और दूसरे रिकॉर्ड की जांच की. जांच का मुख्य मकसद प्रीव्यू शो के लिए जुटाए गए पैसों और उनके इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी हासिल करना है. मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों में ED को PMLA की धारा 17 के तहत तलाशी और कुछ सामान जब्त करने का अधिकार है. ED की ओर से इस मामले में आगे की जांच जारी रहने की बात सामने आई है.
UNESCO के नाम पर पैसे लेने का क्या आरोप है?
इस मामले की शुरुआत एक शिकायत से हुई थी. शिकायतकर्ता जयदीप मुखर्जी ने आरोप लगाया था कि MassArt ने खुद को UNESCO का आधिकारिक साझेदार बताकर दुर्गा पूजा के प्रीव्यू शो के लिए टिकट बेचे और लोगों से पैसे जुटाए. शिकायत के मुताबिक, कोलकाता के 24 दुर्गा पूजा पंडालों से जुड़े प्रीव्यू शो के लिए लोगों से रकम ली गई थी. शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि UNESCO की ओर से कोई प्रतिनिधिमंडल इन पंडालों में नहीं आया था.
MassArt ने आरोपों को बताया गलत
इन आरोपों को MassArt के पदाधिकारियों ने खारिज किया था. संस्था के सचिव ध्रुवज्योति बोस ने कहा था कि उनके पास ऐसे दस्तावेज हैं जो प्रीव्यू शो में UNESCO की भागीदारी और दुर्गा पूजा समितियों तथा कलाकारों को दी गई आर्थिक मदद से जुड़ी जानकारी दिखाते हैं. पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन ने भी पर्यटन विभाग की इस कार्यक्रम में किसी भूमिका से इनकार किया था और आरोपों को बेबुनियाद बताया था.
इंद्रनील सेन से जुड़े लोगों के नाम क्यों आए?
पूर्व पश्चिम बंगाल मंत्री इंद्रनील सेन और उनकी पत्नी मधुचंदा सेन के साथ MassArt के कुछ पदाधिकारियों के नाम जून 2026 में दर्ज शिकायत में सामने आए थे. शिकायत में संस्था के कामकाज और प्रीव्यू शो के लिए पैसे जुटाने के तरीके पर सवाल उठाए गए थे. अब ED की जांच में यह देखा जा रहा है कि प्रीव्यू शो के नाम पर जुटाई गई रकम कहां से आई, उसका इस्तेमाल कैसे हुआ और क्या इस पैसे से जुड़ी कोई ऐसी गतिविधि हुई जो PMLA के तहत जांच के दायरे में आती है.
जांच पूरी होने तक आरोप साबित नहीं माने जाएंगे
ED की तलाशी और जांच का मतलब यह नहीं है कि किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ लगाए गए आरोप अदालत में साबित हो गए हैं. एजेंसी की जांच के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई की स्थिति साफ होगी. MassArt से जुड़े लोगों की ओर से पहले ही आरोपों से इनकार किया जा चुका है.





















