तेलंगाना में मुस्लिमों को लेकर जिस फैसले पर मचा बवाल, अब आंध्र प्रदेश में उसी का समर्थन कर रही BJP
आंध्र प्रदेश में रमजान के दौरान मुस्लिम कर्मचारियों को समय से पहले छुट्टी की अनुमति दी गई है, जिसे भाजपा ने समर्थन दिया है, लेकिन तेलंगाना में कांग्रेस सरकार के इसी फैसले का भाजपा ने विरोध किया है.
Andhra Pradesh Govt Ramadan leave: आंध्र प्रदेश की तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के नेतृत्व वाली राजग सरकार ने रमजान के महीने में मुस्लिम सरकारी कर्मचारियों को एक घंटा पहले कार्यालय छोड़ने की अनुमति दे दी है. इससे पहले कांग्रेस शासित तेलंगाना सरकार ने भी यही घोषणा की थी,लेकिन वहां इस फैसले पर राजनीतिक विवाद छिड़ गया था.
तेलंगाना में बीजेपी ने इस फैसले को तुष्टिकरण की राजनीति बताया और कांग्रेस सरकार पर हमला बोला था, लेकिन आंध्र प्रदेश में एनडीए के सहयोगी चंद्रबाबू नायडू की सरकार के इस फैसले का भाजापा प्रदेश इकाई ने स्वागत किया है.
किन कर्मचारियों को मिलेगी यह सुविधा?
आंध्र प्रदेश सरकार ने हाल ही में यह आदेश जारी किया, जिसे प्रमुख सचिव (राजनीतिक) मुकेश कुमार मीणा ने आधिकारिक परिपत्र के रूप में जारी किया. यह छूट कांट्रैक्ट और आउटसोर्स्ड कर्मचारियों सहित वार्ड और ग्राम सचिवालयों में काम करने वाले मुस्लिम कर्मचारियों को भी दी गई है. हालांकि, यह सुविधा आपातकालीन परिस्थितियों में लागू नहीं होगी, जहां संबंधित विभागों को कर्मचारियों की उपस्थिति आवश्यक हो.
भाजपा का आंध्र में समर्थन, तेलंगाना में विरोध
आंध्र प्रदेश भाजपा इकाई ने इस कदम का समर्थन किया. पार्टी नेता एस. यामिनी शर्मा ने कहा, "हम 'सबका साथ, सबका विकास' के सिद्धांत पर अमल करते हैं. भाजपा जाति, पंथ या धर्म की परवाह किए बिना सभी के विकास का समर्थन करती है." तेलंगाना में भाजपा नेताओं ने इस फैसले की आलोचना की. केंद्रीय मंत्री बी. संजय कुमार और हिंदूवादी विधायक टी. राजा सिंह ने कांग्रेस सरकार पर अल्पसंख्यक तुष्टीकरण का आरोप लगाया.
राजा सिंह ने सवाल उठाया कि "41 दिन की अयप्पा दीक्षा लेने वाले हिंदू श्रद्धालुओं" को ऐसी कोई सुविधा क्यों नहीं दी जाती? तेलंगाना कांग्रेस और तेदेपा की सफाई तेलंगाना कांग्रेस महासचिव जीशान लालानी ने कहा कि तेदेपा और भाजपा दोस्त और गठबंधन सहयोगी हैं, लेकिन तेदेपा मुस्लिमों को यह राहत दे रही है, जबकि भाजपा तेलंगाना में इसका विरोध कर रही है. वहीं, तेलंगाना के मंत्री पी. प्रभाकर ने सरकार के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि "यह छूट पिछले 25 वर्षों से दी जा रही है."
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Source: IOCL






















