एक्सप्लोरर

राष्ट्रपति भवन:  दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के गौरवगाथा की गवाह है ये इमारत

रहस्य और रोमांच से भरे महामहिम के इस महल को बनने में 17 साल लगे थे. जिस वक्त इस इमारत की नींव पड़ी उस वक्त हमारा मुल्क गुलाम था. हमारे देश पर अंग्रेजों का राज हुआ करता था. पहले इसे वायसराय हाउस के नाम से जाना जाता था.

नई दिल्ली: रामनाथ कोविंद आज देश के नए राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं. आज से पांच सालों तक रामनाथ कोविंद दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के गौरवगाथा की गवाह बनी इमारत यानी राष्ट्रपति भवन में रहेंगे. यो वो इमारत है जिसमें हमारे हमारे देश के सवा सौ करोड़ लोगों की आन बान और शान के प्रतीक महामहिम राष्ट्रपति निवास करते हैं.

आज देश के 14वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेंगे रामनाथ कोविंद, जानें मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम

क्या है राष्ट्रपति भवन की खासियत

रहस्य और रोमांच से भरे महामहिम के इस महल को बनने में 17 साल लगे थे. जिस वक्त इस इमारत की नींव पड़ी उस वक्त हमारा मुल्क गुलाम था. हमारे देश पर अंग्रेजों का राज हुआ करता था. अंग्रेजों ने जब कोलकाता से हटाकर दिल्ली को नई राजधानी बनाने का फैसला किया तब अंग्रेजों के सबसे बडे हुक्मरान वायसराय के रहने के लिए इस महल को बनाने का काम शुरू किया गया.

तीनों सेनाओं को मिलेंगे नए सुप्रीम कमांडर, जानें किन्हें कहते हैं प्रेसिडेंशियल बॉडीगार्ड्स?

राष्ट्रपति भवन:  दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के गौरवगाथा की गवाह है ये इमारत

  • साल 1911 में इस इमारत को बनाने का काम शुरू हुआ.
  • साल 1929 में भवन बनकर तैयार हुआ.
  • 70 करोड़ ईंटों से इस इमारत को तैयार किया गया है.
  • उस वक्त इसे बनाने में करीब 1.5 करोड़ रुपये खर्च हुए थे.
राष्ट्रपति के तौर पर अपनी यादों का एक झरोखा छोड़े जा रहे हैं प्रणब दा

अंग्रेजों का जमाना गया और फिर 1950 में देश के पहले राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद इसमें रहने आए. उसी के बाद से इस इमारत को राष्ट्रपति भवन कहा जाने लगा. इससे पहले तक इसे वायसराय हाउस के नाम से जाना जाता था. राजेंद्र बाबू के बाद से देश के तमाम राष्ट्रपति इसी भवन में रहते आए हैं.

राष्ट्रपति भवन:  दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के गौरवगाथा की गवाह है ये इमारत

खास बात ये है कि राष्ट्रपति इस भवन के मुख्य इमारत में नहीं रहते. राष्ट्रपति बिल्डिंग के अतिथि गृह में ही रहते हैं. इसकी भी एक कहानी है. असल में प्रथम भारतीय गवर्नर जनरल सी राजगोपालाचारी जब यहां रहने आए तो उन्हें मुख्य शयन कक्ष पसंद नहीं आया और वो अतिथि गृह में रहने लगे. उसी परंपरा का पालन करते हुए तमाम राष्ट्पति अतिथि गृह में ही रहना पसंद करते हैं.

राष्ट्रपति भवन 2 लाख वर्ग फुट में फैला हुआ है. इसे बनाने में लोहे का कम इस्तेमाल किया गया है. इस चार मंजिला बिल्डिंग में कुल 340 कमरे हैं.

सबसे पहले राष्ट्रपति भवन में मुख्य दरबार हॉल आता है. इसी दरबार हॉल में देश के कई प्रधानमंत्री शपथ ले चुके हैं. सबसे पहले प्रधानमंत्री नेहरू को यही शपथ दिलाई गई थी. खास बात य़े है कि दरबार हॉल में महामहिम के लिए जो कुर्सी लगी हुई है उसी कुर्सी के बराबर में इंडिया गेट का ऊपरी हिस्सा आता है.

असल में राष्ट्रपति भवन रायसीना की पहाड़ियों पर बना हुआ है. उस जमाने में रायसीना जयपुर रियासत का हिस्सा हुआ करता था और जयपुर रियासत ने ही वायसराय के रहने के लिए बनाये जा रहे इस भवन के लिए जमीन दी थी.

राष्ट्रपति भवन:  दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के गौरवगाथा की गवाह है ये इमारत

देश में जब भी कोई बड़ा विदेशी मेहमान आता है तो यही राजकीय सम्मान के साथ स्वागत किया जाता है. राष्ट्रपति के खानसामा से लेकर निजी सुरक्षा गार्ड सब यही इसी भवन में रहते हैं.

  • राष्ट्रपति भवन के लिए 439 कर्मचारियों का पद है.
  • राष्ट्रपति सचिवालय में 347 कर्मचारी हैं.
  • 225 से ज्यादा माली मुगल गार्डन की देखरेख में हैं.

राष्ट्रपति भवन के मुगल गार्डन की अपनी एक अलग कहानी है. मुगल गार्डन में 500 से ज्यादा तरह के फूल पाये जाते हैं. सिर्फ गुलाब की ही 125 से ज्यादा किस्में यहां पाई जाती है. यहां म्यूजिकल गार्डन से लेकर स्पीरिचुएल गार्डन और हर्बल गार्डन भी है. फरवरी महीने में हर साल आम लोगों के लिए मुगल गार्डन खुलता है और हजारों लोग इसकी खुबसूरती का आनंद लेने यहां पहुंचते हैं.

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

CM नहीं सिद्धारमैया, फिर भी डीके शिवकुमार से ज्यादा पावरफुल कैसे ? कर्नाटक में जलवा बरकरार, इनसाइड स्टोरी
CM नहीं सिद्धारमैया, फिर भी डीके शिवकुमार से ज्यादा पावरफुल कैसे ? कर्नाटक में जलवा बरकरार, इनसाइड स्टोरी
INDIA गठबंधन में बढ़ी दरार! लोकसभा में कांग्रेस से अलग बैठेगी डीएमके, संसद तक पहुंची सियासी नाराजगी
INDIA गठबंधन में बढ़ी दरार! लोकसभा में कांग्रेस से अलग बैठेगी डीएमके, संसद तक पहुंची सियासी नाराजगी
Aaj Ka Mausam: 19 राज्यों में आंधी-बारिश, 80 KMPH की रफ्तार से तूफानी हवाएं, देश में मानसून की एंट्री के बाद IMD की नई चेतावनी
19 राज्यों में आंधी-बारिश, 80 KMPH की रफ्तार से तूफानी हवाएं, देश में मानसून की एंट्री के बाद IMD की नई चेतावनी
TMC में अब महासंग्राम! महुआ मोइत्रा का बागियों पर तगड़ा हमला, बोलीं- 'ममता बनर्जी के नाम पर...'
TMC में अब महासंग्राम! महुआ मोइत्रा का बागियों पर तगड़ा हमला, बोलीं- 'ममता बनर्जी के नाम पर...'

वीडियोज

Breaking | Malviya Nagar Fire Update: होटल जला तो पता चला, सब मिले हैं जी! | Delhi News | Fire
Malviya Nagar Fire | Janhit: 'करप्शन' की 'आग' में पूरा परिवार खत्म! | Delhi News | Chitra Tripathi
Delhi Malviya Nagar Fire | Bharat Ki Baat: 1 परिवार, 8 जिंदगी...'सिस्टम' ने छीन ली! | Fire Accident
Sandeep Chaudhary: 'FLOP SYSTEM' की पोल-खेल Analysis! | Lavkesh Bajaj | Malviya Fire News | Delhi
Malviya Nagar Fire News | Mahadangal: कागजों मे ही कायदे कानूनहकीकत में तबाही और मौत? | Breaking

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
Aaj Ka Mausam: 19 राज्यों में आंधी-बारिश, 80 KMPH की रफ्तार से तूफानी हवाएं, देश में मानसून की एंट्री के बाद IMD की नई चेतावनी
19 राज्यों में आंधी-बारिश, 80 KMPH की रफ्तार से तूफानी हवाएं, देश में मानसून की एंट्री के बाद IMD की नई चेतावनी
54 साल के हुए योगी आदित्यनाथ: 22 की उम्र में संन्यास, फिर महंत से मुख्यमंत्री तक का सफर, ऐसे हैं अजय सिंह बिष्ट
54 साल के हुए योगी आदित्यनाथ: 22 की उम्र में संन्यास, फिर महंत से मुख्यमंत्री तक का सफर
मार्क बाउचर की टेस्ट वर्ल्ड XI में 3 भारतीय, कोहली-रोहित किसी को जगह नहीं, कप्तान किसे बनाया जानिए
मार्क बाउचर की टेस्ट वर्ल्ड XI में 3 भारतीय, कोहली-रोहित किसी को जगह नहीं, कप्तान किसे बनाया जानिए
HJTIHH BO Day 1 Prediction: 'है जवानी तो इश्क होना है' क्या बन पाएगी साल की 5वीं सबसे बड़ी ओपनिंग फिल्म? जानें- बॉक्स ऑफिस प्रीडिक्शन
'है जवानी तो इश्क होना है' क्या बन पाएगी साल की 5वीं सबसे बड़ी ओपनिंग फिल्म? जानें- प्रीडिक्शन
Maharashtra News: पाकिस्तान से आए मैसेज, डिलीट हुई चैट्स, महाराष्ट्र ATS ने जब्त किए कई मोबाइल फोन
पाकिस्तान से आए मैसेज, डिलीट हुई चैट्स, महाराष्ट्र ATS ने जब्त किए कई मोबाइल फोन
Black Hole: ब्लैक होल के नजदीक चला जाए सूरज तो क्या होगा, जानें पृथ्वी पर कैसा पड़ेगा असर?
ब्लैक होल के नजदीक चला जाए सूरज तो क्या होगा, जानें पृथ्वी पर कैसा पड़ेगा असर?
सिर्फ डिजाइन देखकर Smartwatch लेना पड़ सकता है भारी, खरीदते समय इन चीजों का रखें ध्यान
सिर्फ डिजाइन देखकर Smartwatch लेना पड़ सकता है भारी, खरीदते समय इन चीजों का रखें ध्यान
UP Recruitment 2026: यूपी में निकली एक्साइज कॉन्स्टेबल की बंपर भर्ती, 12वीं पास उम्मीदवार 24 जून तक करें अप्लाई
यूपी में निकली एक्साइज कॉन्स्टेबल की बंपर भर्ती, 12वीं पास उम्मीदवार 24 जून तक करें अप्लाई
Embed widget