एक्सप्लोरर

Explained: नीतीश 20 सालों में राजनीति के निचले पायदान पर! कैसे नीतीश के डाउनफॉल के 3 संकेत मिले, क्या खतरे में राजनीति?

ABP Explainer: एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बिहार की राजनीति नीतीश के इर्द-गिर्द घूमती है. ऐसा नहीं हो सकता कि उन्हें पूरी तरह दरकिनार कर दिया जाए. लेकिन चुनावी नतीजे बदले तो कुछ भी हो सकता है.

1 मार्च 1951 को बिहार के बख्तियारपुर में एक स्वतंत्रता सेनानी के घर पैदा हुए नीतीश कुमार का झुकाव हमेशा राजनीति की ओर रहा. वे 9 बार बिहार के मुख्यमंत्री बन चुके हैं. नीतीश की छवि बेहद कसे हुए और सधे नेता की रही है. लेकिन अब नीतीश बीते 20 सालों में सरकार चलाने के सबसे निचले पायदान पर पहुंच चुके हैं.

तो आइए ABP एक्सप्लेनर में समझते हैं कि नीतीश की राजनीतिक पारी क्या रही, वे कैसे सबसे निचले पायदान पर पहुंचे और चुनाव के बाद नीतीश का क्या होगा...

सवाल 1- नीतीश कुमार ने राजनीतिक करियर की शुरुआत कब और कैसे की थी?
जवाब- नीतीश कुमार राजनीति में करीब 5 दशक बिता चुके हैं और अपनी सहूलियत के हिसाब से दल और गठबंधन बदलते रहे हैं...

  • नीतीश ने 1974 से 1977 के बीच जय प्रकाश नारायण के आंदोलन में हिस्सा लिया. उन्होंने सत्येंद्र नारायण सिन्हा के नेतृत्व वाली जनता पार्टी से अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की.
  • वे पहली बार 1985 में हरनौत सीट से विधायक चुने गए. इस दौर में वो बिहार में विपक्ष में बैठे लालू प्रसाद यादव के सहयोगी थे. आपतकाल के विरोध में खड़ी हुई जनता दल में कई विघटन हुए. 1994 में जॉर्ज फर्नांडिस ने समता पार्टी का गठन किया तो नीतीश उनके साथ हो लिए. लेकिन 1995 में बिहार विधानसभा चुनावों में समता पार्टी को सिर्फ 7 सीटें मिलीं.

 

जून 2000 में पटना में आयोजित एक पीस रैली में जॉर्ज फर्नांडीज और नीतीश कुमार.
जून 2000 में पटना में आयोजित एक पीस रैली में जॉर्ज फर्नांडीज और नीतीश कुमार.
  • नीतीश को ये समझ आ गया कि बिहार में समता पार्टी अकेले दम पर मजबूती से नहीं लड़ सकती. 1996 में उन्होंने बीजेपी के साथ गठबंधन कर लिया. 1989 में सांसद बने नीतीश 1998 से 2001 के बीच अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में अलग-अलग विभागों के केंद्रीय मंत्री भी रहे. 2001 से 2004 तक उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री का पद संभाला.
  • इसी बीच 2000 में 3 मार्च से 10 मार्च के बीच नीतीश बिहार के सीएम भी बने. सीएम की कुर्सी भले ही 7 दिन के लिए मिली हो, लेकिन अपने आप को लालू प्रसाद यादव के खिलाफ एक मजबूत विकल्प के रूप में पेश कर दिया. 2004 तक केंद्र में मंत्री रहने वाले नीतीश 2005 में फिर राज्य की राजनीति में लौटे और सीएम बने.
  • 2014-15 में 10 महीनों के जीतनराम मांझी के कार्यकाल को छोड़ दिया जाए, तो नीतीश 19 सालों से बिहार के मुख्यमंत्री पद पर काबिज हैं.

सवाल 2- क्या नीतीश की दल बदलने की राजनीति से नुकसान होने लगा?
जवाब- नीतीश के नुकसान को आंकड़ों से समझते हैं...

2010 में NDA के साथ JDU को 115 सीटें मिलीं और वोट शेयर 22%  था. लेकिन 2013 में NDA छोड़ने के बाद 2015 में महागठबंधन में 71 सीटें और वोट शेयर 17% रह गया. 2017 में वापस NDA लौटे, लेकिन 2020 में सिर्फ 43  सीटें मिलीं और वोट शेयर 15.7% रहा. चिराग पासवान की LJP ने JDU की 40 सीटें काटीं. 2024 लोकसभा में NDA में लौटे तो 16 में से 12 सीटें जीतीं, लेकिन वोट शेयर 18% रह गया.

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, दल बदलने की वजह से JDU अविश्वसनीय लगने लगी और नेता भागने लगे. अप्रैल 2025 में वक्फ बिल समर्थन के बाद 5 नेताओं ने इस्तीफा दिया, जिससे मुस्लिम वोट बैंक का नुकसान हुआ. दल बदलने से नीतीश 'किंगमेकर' से 'सहयोगी' बन गए. दिसंबर 2024 में बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने कहा था, 'नीतीश को सीएम फेस बनाने पर पुनर्विचार जरूरी है.' इससे पता चलता है कि बार-बार दल बदलने से बीजेपी को मजबूती मिली, लेकिन JDU को सहारा बनना पड़ा.

सवाल 3- स्वास्थ्य और उम्र ने नीतीश को कैसे पीछे की ओर खींचा?
जवाब- नीतीश कुमार 74 साल के हो गए हैं और उनकी सेहत पर कई सवाल उठ चुके हैं. नीतीश ने कई मौकों पर अटपटी हरकतें की हैं, जिससे लगा कि बढ़ती उम्र का असर हो रहा है...

  • 20 मार्च 2025 को नीतीश कुमार ने पाटलिपुत्र खेल परिसर में राष्ट्रगान को शुरू होने से पहले रुकवा दिया. नीतीश ने मंच से इशारों में कहा, 'पहले स्टेडियम का चक्कर लगाकर आते हैं, फिर शुरू कीजिएगा.' सीएम का संकेत मिलते ही मंत्री विजय चौधरी ने राष्ट्रगान बंद करा दिया. फिर से राष्ट्रगान शुरू हुआ, लेकिन नीतीश अजीब हरकतें करते रहे.
  • 15 मार्च 2025 को पटना में होली मिलन समारोह के दौरान नीतीश कुमार BJP सांसद रविशंकर प्रसाद के पैर छूने के लिए झुके. हालांकि BJP सांसद ने मुख्यमंत्री को रोक दिया. पास खड़े JDU के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने भी सीएम का हाथ पकड़ा. इसके बाद नीतीश कुमार ने रविशंकर को गले लगा लिया. नीतीश कुमार रविशंकर प्रसाद से 4 साल बड़े हैं.
  • नीतीश कुमार ने 2 बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पैर छूने की कोशिश की थी. पहली बार 7 जून 2024 को, जब दिल्ली में लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद NDA की बैठक हुई थी. दूसरी बार 13 नवंबर 2024 को जब PM मोदी दरभंगा AIIMS के शिलान्यास कार्यक्रम में आए थे. इस दौरान अपना भाषण खत्म कर सीएम अपनी कुर्सी की ओर जा रहे थे. बीच में रुके और PM मोदी के पैर छू लिए.
  • 30 जनवरी 2025 को पटना में भी बापू के लिए श्रद्धांजलि सभा का आयोजन हुआ. यहां सीएम नीतीश महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के बाद ताली बजाने लगे. विधानसभा स्पीकर नंदकिशोर यादव ने उन्हें रोका.
  • 30 नवंबर 2024 को विधानसभा के शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन नीतीश कुमार सदन में भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी के ब्रेसलेट से खेलने लगे. सीएम का ये अंदाज देकर मंत्री अशोक चौधरी भी अपनी हंसी नहीं रोक पाए.
  • 15 अक्टूबर 2024 को गांधी मैदान में दशहरा पर रावण वध समारोह का आयोजन हुआ. इसमें नीतीश ने रावण पर चलाने के लिए दिए गए तीर-धनुष को फेंक दिया.
  • 21 सितंबर 2024 को नीतीश कुमार मंत्री अशोक चौधरी के कंधे पर सिर रखकर उनसे लिपट गए थे. सीएम ने कहा था- 'हम इनसे बहुत प्रेम करते हैं.'

सीनियर जर्नलिस्ट और पॉलिटिकल एक्सपर्ट रशीद किदवई कहते हैं, ‘नीतीश की छवि बेहद कसे हुए और सधे नेता की रही है। वो बहुत सोच-समझकर बोलते रहे हैं. उनके पुराने भाषणों में एक हनक होती थी. अब उनकी पब्लिक स्पीच टुकड़ों में होती है. अगर लिखा हुआ भाषण नहीं है, तो उन्हें वाक्य पूरा करने में तकलीफ होती है. पिछले कुछ समय से लगातार उनके बदले व्यवहार को देखकर मन में स्वास्थ्य को लेकर कई तरह के सवाल आते हैं.’

रशीद किदवई कहते हैं, 'बढ़ती उम्र भी याद्दाश्त भूलने का पड़ाव हो सकती है. हालांकि देश की राजनीति में कई ऐसे नेता हैं जो नीतीश से ज्यादा उम्र के हैं और स्वस्थ हैं. नीतीश की हालत पर अंदाजा लगाकर कोई भी टिप्पणी करना उचित नहीं लगता. NDA और JDU को चाहिए कि नीतीश के स्वास्थ्य की जांच कराए और रिपोर्ट्स को जनता के सामने लाएं.'

सवाल 4- नीतीश कुमार के सबसे निचले पायदान पर पहुंचने के क्या संकेत मिले?
जवाब- नीतीश कुमार के निचले पायदान पर पहुंचने के 2 बड़े संकेत मिले...

1. सीट शेयरिंग में JDU का हिस्सा कम: 12 अक्टूबर को NDA ने JDU को कम सीटें दीं. यह 2005 के बाद पहली बार होगा जब JDU कम सीटों पर लड़ेगी. 2005 में 139 सीटें, 2010 में 141 सीटें और 2020 में 115 सीटों पर चुनाव लड़ा. अब 2025 में NDA में JDU और बीजेपी को 101-101 सीटें मिली हैं, जबकि LJP को 29 सीटें, RLM को 6 सीटें और HAM को 6 सीटें मिली हैं. सीट बंटवारे में यह बात साफ हो गई कि इस बार छोटे भाई-बढ़े भाई का रोल खत्म हो गया. पप्पू यादव ने X पर कहा, 'नीतीश फिनिश्ड, संजय झा ने रची साजिश.'

2. JD(U) का साथ छोड़ रहे नेता: नीतीश को सबसे ताजा झटका 10 अक्टूबर को लगा, जब JD(U) के कई प्रमुख नेता अजय कुशवाहा और संतोष कुशवाहा RJD में शामिल हो गए. तेजस्वी ने पटना प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'बिहार सरकार दिल्ली से चल रही है, नीतीश से नहीं.' इस साल 5 JDU विधायक बीजेपी में शामिल हो चुके हैं. इससे नजर आता है कि नीतीश का कंट्रोल कम हो गया और पार्टी बीजेपी के पीछे छकेल दी गई.

बिहार की जनता तेजस्वी यादव को सीएम के रूप में पसंद करती है.
बिहार की जनता तेजस्वी यादव को सीएम के रूप में पसंद करती है.

सवाल 5- तो क्या वाकई नीतीश निचले पायदान पर हैं और उनकी राजनीति खतरे में है?
जवाब- रशीद किदवई के मुताबिक, बिहार की राजनीति नीतीश के इर्द-गिर्द घूमती है. ऐसा नहीं हो सकता कि उन्हें पूरी तरह दरकिनार कर दिया जाए. हालांकि यह भी कहना सही होगा कि अब उनकी छवि में पहले जैसी बात नहीं रही. बीजेपी नीतीश के बिना बिहार नहीं जीत सकती और न ही नीतीश NDA के बिना सीएम बन सकते. अगर बिहार में NDA की सरकार बनती है, तो महाराष्ट्र जैसा हाल हो सकता है. लेकिन नीतीश रिटायर्ड नहीं हो सकते और न ही उनकी राजनीति खतरे में लगती है. अगर किसी तरह आंकड़ें पलटें और महागठबंधन जीत जाए, तो फिर नीतीश को लेकर कुछ नहीं कहा जा सकता है.

ज़ाहिद अहमद इस वक्त ABP न्यूज में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर (एबीपी लाइव- हिंदी) अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इससे पहले दो अलग-अलग संस्थानों में भी उन्होंने अपनी सेवाएं दी. जहां वे 5 साल से ज्यादा वक्त तक एजुकेशन डेस्क और ओरिजिनल सेक्शन की एक्सप्लेनर टीम में बतौर सीनियर सब एडिटर काम किया. वे बतौर असिस्टेंट प्रोड्यूसर आउटपुट डेस्क, बुलेटिन प्रोड्यूसिंग और बॉलीवुड सेक्शन को भी लीड कर चुके हैं. ज़ाहिद देश-विदेश, राजनीति, भेदभाव, एंटरटेनमेंट, बिजनेस, एजुकेशन और चुनाव जैसे सभी मुद्दों को हल करने में रूचि रखते हैं.

Read
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

US Tariff News: मैक्रों की न सुनकर बुरी तरह बौखलाए ट्रंप, फ्रांस पर लगा दिया 200 प्रतिशत टैरिफ, बोले- फ्रेंच प्रेजीडेंट तो हटने वाले...
मैक्रों की न सुनकर बुरी तरह बौखलाए ट्रंप, फ्रांस पर लगा दिया 200 प्रतिशत टैरिफ, बोले- फ्रेंच प्रेजीडेंट तो हटने वाले...
सत्ता का खेल, उद्धव ठाकरे को झटका! पार्षद हुए 'नॉट रिचेबल', अब शिंदे गुट ने किया बड़ा दावा
सत्ता का खेल, उद्धव ठाकरे को झटका! पार्षद हुए 'नॉट रिचेबल', अब शिंदे गुट ने किया बड़ा दावा
बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन का पहला भाषण, बोले- 'जनसंघ के दौर से ही...'
बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन का पहला भाषण, बोले- 'जनसंघ के दौर से ही...'
BCCI सिर्फ इन 2 क्रिकेटरों को देता है रोहित-कोहली के बराबर सैलरी, मिलते हैं इतने करोड़
BCCI सिर्फ इन 2 क्रिकेटरों को देता है रोहित-कोहली के बराबर सैलरी, मिलते हैं इतने करोड़

वीडियोज

BJP New President: BJP मुख्यालय में ताजपोशी समारोह को संबोधित करते हुए PM Modi ने बोला कुछ ऐसा...
Stand Up Comedian Appurv Gupta ने बताया की कैसे खुद दुखी होकर भी वो लोगों को हंसा देते है!
BJP New President: हाथों में बाबा बैद्यनाथ धाम और Nitin Nabin का पोस्टर लिए समारोह में पहुंचे नेता |
BJP New President:Nitin Nabin के ताजपोशी के अवसर पर मनोज तिवारी ने अनोखे अंदाज में अपने भाव किए साझा
Nitin Nabin New BJP President: 'नबीन' आगाज, 'युवा कप्तान' को 'ताज'! | ABP News | Delhi

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.72 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.62 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
US Tariff News: मैक्रों की न सुनकर बुरी तरह बौखलाए ट्रंप, फ्रांस पर लगा दिया 200 प्रतिशत टैरिफ, बोले- फ्रेंच प्रेजीडेंट तो हटने वाले...
मैक्रों की न सुनकर बुरी तरह बौखलाए ट्रंप, फ्रांस पर लगा दिया 200 प्रतिशत टैरिफ, बोले- फ्रेंच प्रेजीडेंट तो हटने वाले...
सत्ता का खेल, उद्धव ठाकरे को झटका! पार्षद हुए 'नॉट रिचेबल', अब शिंदे गुट ने किया बड़ा दावा
सत्ता का खेल, उद्धव ठाकरे को झटका! पार्षद हुए 'नॉट रिचेबल', अब शिंदे गुट ने किया बड़ा दावा
बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन का पहला भाषण, बोले- 'जनसंघ के दौर से ही...'
बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद नितिन नबीन का पहला भाषण, बोले- 'जनसंघ के दौर से ही...'
BCCI सिर्फ इन 2 क्रिकेटरों को देता है रोहित-कोहली के बराबर सैलरी, मिलते हैं इतने करोड़
BCCI सिर्फ इन 2 क्रिकेटरों को देता है रोहित-कोहली के बराबर सैलरी, मिलते हैं इतने करोड़
ABP Youth Conclave 2047: दीपिका पादुकोण के फैन हैं अभय वर्मा, करना चाहते हैं उनके साथ एक फिल्म
दीपिका पादुकोण के फैन हैं अभय वर्मा, करना चाहते हैं उनके साथ एक फिल्म
India Pakistan Height: हिंदुस्तान का हिस्सा था पाकिस्तान, फिर वहां की लड़कियों से लंबी क्यों हैं भारत की गर्ल्स?
हिंदुस्तान का हिस्सा था पाकिस्तान, फिर वहां की लड़कियों से लंबी क्यों हैं भारत की गर्ल्स?
"रियल लाइफ टपू सेना" कैंसर पीड़ित स्कूल फ्रेंड के लिए बच्चों की इस सेना मुंडवा लिया अपना सिर, वीडियो वायरल
चांदी हुई 3 लाख पार, क्या अब भी कर सकते हैं इसमें निवेश; क्या है इन्वेटर्स की राय?
चांदी हुई 3 लाख पार, क्या अब भी कर सकते हैं इसमें निवेश; क्या है इन्वेटर्स की राय?
Embed widget