Why Are People Afraid of Dogs: क्या कुत्ता देखकर आपके भी छूट जाते हैं पसीने? जानिए इसके पीछे का असली कारण
Dog Body Language: लोग अक्सर कुत्तों के व्यवहार को भी गलत समझ लेते हैं. सबसे आम गलतफहमी पूंछ हिलाने को लेकर होती है. हर बार पूंछ हिलाने का मतलब यह नहीं होता कि कुत्ता खुश है.

Why Are People Afraid Of Dogs: कुत्तों को अक्सर इंसान का सबसे अच्छा दोस्त कहा जाता है, लेकिन इसके बावजूद कई लोग उन्हें देखते ही घबरा जाते हैं. कोई रास्ता बदल लेता है, कोई वहीं रुक जाता है तो कुछ लोग डर के कारण दूर भागने की कोशिश करते हैं. दिलचस्प बात यह है कि बिल्लियां भी दुनिया के सबसे लोकप्रिय पालतू जानवरों में शामिल हैं, लेकिन उनसे डरने वाले लोगों की संख्या कुत्तों के मुकाबले काफी कम होती है.
डॉ. विनोद शर्मा, डायरेक्टर और हेड वेटरिनेरियन के मुताबिक, इसकी सबसे बड़ी वजह जानवर नहीं बल्कि लोगों की सोच, अनुभव और उनकी धारणा होती है. उनका कहना है कि कुत्ते आमतौर पर आकार में बड़े, ताकतवर और सार्वजनिक जगहों पर ज्यादा दिखाई देते हैं. ऐसे में लोगों को लगता है कि अगर कुत्ता हमला कर दे तो चोट ज्यादा गंभीर हो सकती है. यही वजह है कि लोगों के मन में कुत्तों को लेकर डर ज्यादा बैठ जाता है.
क्या होता है इसके पीछे कारण?
डॉ. शर्मा बताते हैं कि यह डर कई बार जन्मजात नहीं होता, बल्कि समय के साथ विकसित होता है. बचपन में कुत्ते के साथ कोई बुरा अनुभव, परिवार के लोगों से सुनी बातें या फिर कुत्तों के हमले से जुड़ी खबरें लोगों के मन में डर पैदा कर देती हैं. इसलिए ज्यादातर मामलों में यह डर कुत्तों के स्वभाव से ज्यादा लोगों की सोच और अनुभव से जुड़ा होता है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कुत्तों से डरने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि कोई व्यक्ति जानवरों से नफरत करता है. कई बार लोग ऐसे लोगों को गलत तरीके से 'एनिमल हेटर' कह देते हैं, जबकि ऐसा जरूरी नहीं है. उनके अनुसार, कई लोगों में यह डर फोबिया का रूप भी ले सकता है.
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क्या होते हैं इसके संकेत?
डॉ. शर्मा बताते हैं कि फोबिया सिर्फ असहज महसूस करना नहीं है. इसमें व्यक्ति को तेज घबराहट, दिल की धड़कन बढ़ना, पसीना आना, कांपना या रोने जैसी शारीरिक प्रतिक्रियाएं हो सकती हैं. इतना ही नहीं, कई लोग इस डर की वजह से उन जगहों पर जाने से भी बचते हैं, जहां कुत्तों के मिलने की संभावना होती है. वहीं, जिन्हें सिर्फ कुत्ते पसंद नहीं होते, वे उनसे दूरी बनाए रखना चाहते हैं, लेकिन उन्हें घबराहट या पैनिक जैसी स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता.
कुत्तों के व्यवहार को भी गलत समझ लेते हैं
डॉ. शर्मा के अनुसार, लोग अक्सर कुत्तों के व्यवहार को भी गलत समझ लेते हैं. सबसे आम गलतफहमी पूंछ हिलाने को लेकर होती है. हर बार पूंछ हिलाने का मतलब यह नहीं होता कि कुत्ता खुश है. अगर उसकी पूंछ ऊपर की ओर कड़ी हो और तेजी से हिल रही हो, तो यह तनाव या उत्तेजना का संकेत भी हो सकता है. इसी तरह कई लोग कुत्ते के बार-बार होंठ चाटने, जम्हाई लेने या नजरें फेरने को सामान्य व्यवहार समझते हैं, जबकि ये उसके तनाव या असहज महसूस करने के संकेत हो सकते हैं.
कैसे कम सकते हैं डर?
एक्सपर्ट मानना है कि कुत्तों के व्यवहार को सही तरीके से समझना लोगों के डर को काफी हद तक कम कर सकता है. इसके साथ ही, किसी अनजान कुत्ते के पास तभी जाना चाहिए जब उसका मालिक इसकी अनुमति दे. कुत्ते की निजी जगह का सम्मान करना और उसके व्यवहार को समझना सुरक्षित रहने का सबसे अच्छा तरीका है.
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