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अक्षय तृतीया 2026: क्यों कभी-कभी दो दिन मनाया जाता है अखा तीज? चंद्र कैलेंडर से समझिए

Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया इस साल 19 अप्रैल 2026 को मनाया जाएगा. कई बार आमतौर पर साल में लगातार 2 दिनों तक अक्षय तृतीया की तिथि पड़ती है. जानिए इसके पीछे का ज्योतिषीय कारण?

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  • अक्षय तृतीया समृद्धि, सफलता और शुभ कार्यों का दिन है।

Akshaya Tritiya 2026: हिंदू पंचांग के हिसाब से अक्षय तृतीया का दिन बेहद शुभ माना जाता है, जिसे आमतौर पर साल में एक बार मनाया जाता है. हालांकि कभी-कभी यह लगातार 2 दिनों तक पड़ती है, जिससे कई लोग इस त्योहार को मनाने की सही तारीख को लेकर भ्रमित हो जाते हैं.

यह घटना कोई गलती नहीं है, बल्कि हिंदू चंद्र पंचांग की कार्यप्रणाली का परिणाम है. 

साल में 2 अक्षय तृतीया मनाने का क्या कारण?

वैशाख महीने की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि ही अक्षय तृतीया है. निश्चित तिथियों पर आधारित ग्रेगोरियन पंचांग के विपरीत, हिंदू पंचांग चंद्रमा की गति पर आधारित है. इस साल अक्षय तृतीया 19 अप्रेल 2026, रविवार के दिन पड़ रहा है.

तिथि का कोई निश्चित 24 घंटे का चक्र नहीं होता और यह दिन के किसी भी समय से शुरू या समाप्त हो सकती है. इसी वजह से तृतीया तिथि एक दिन (अक्सर शाम को) शुरू होकर अगले दिन तक जारी रह सकती है. 

जब यह ओवरलैप होता है, तो ऐसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जहां अक्षय तृतीया दो अलग-अलग कैलेंडर तिथियों पर पड़ती हुई होती है.

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किस दिन को सही माना जाता है?

यदि तृतीया तिथि दो दिनों तक पड़ती है, तो अधिक शुभ तिथि का निर्धारण करने के लिए पारंपरिक नियमों का इस्तेमाल किया जाता है.

किस दिन को सही माना जाता है?

यदि तृतीया तिथि दो दिनों तक पड़ती है, तो अधिक शुभ तिथि का निर्धारण करने के लिए पारंपरिक नियमों का पालन किया जाता है. 

आमतौर पर तृतीया तिथि वाले दिन यदि तृतीया तिथि अधिक समय तक रहती है, तो दूसरा दिन चुना जाता है. कई ज्योतिषी तीन मुहूर्त नियमों को मानते हैं, जिसके मुताबिक यदि दूसरे दिन तृतीया तिथि तीन मुहूर्त (करीब 6 घंटे) से ज्यादा समय तक रहती है, तो वह दिन अनुष्ठानों या खरीदारी के लिए ज्यादा शुभ और पवित्र माना जाता है. 

यह ओवरलैप क्यों होता है?

यह ओवरलैप इसलिए होता है क्योंकि चंद्र कैलेंडर सौर कैलेंडर के साथ पूरी तरह से मेल नहीं खाता है. तिथियों का समय सूर्य और चंद्रमा की सापेक्ष स्थिति पर निर्भर करता है, जो हर दिन थोड़ा-थोड़ा बदलती रहती है. 

परिणामस्वरूप तिथि किसी भी वक्त पर शुरू हो सकती है, जिससे दो तिथियों में आंशिक रूप से तिथि का असर पड़ता है. इस विसंगति की वजह से अक्षय तृतीया जैसे त्योहारों के लिए कभी-कभी दोहरी तिथियां बन जाती हैं. 

अक्षय तृतीया क्यों हैं खास?

अक्षय शब्द का मतलब है, कभी न घटने वाला और माना जाता है कि यह दिन चिरस्थायी समृद्धि और सफलाता लाने का दिन होता है. इसे अबुझ मुहूर्त भी कहते हैं, जिसका मतलब पूरा दिन शुभ होता है और इसके लिए किसी खास समय की गणना करने की जरूरत नहीं होती है. 

इसलिए लोग इसी दिन सोना खरीदते हैं, नए बिजनेस शुरू करते हैं, पैसा निवेश करते हैं या धार्मिक अनुष्ठान करते हैं. दान-पुण्य, मंदिर  दर्शन और चंदा जैसे कार्य भी आमतौर पर किए जाते हैं. 

इस त्योहार को अखा तीज या अक्ती के नाम से भी जाना जाता है, और हिंदू समेत जैन धर्म दोनों ही धर्मावलंबी पीढ़ियों द्वारा वसंत ऋतु के त्योहार के रूप में मनाते हैं. 

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Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. 

अंकुर अग्निहोत्री (Ankur Agnihotri)

Astrology & Religion Content Writer

अंकुर अग्निहोत्री ABP Live के Astro & Religion सेक्शन से जुड़े डिजिटल पत्रकार हैं, जो दैनिक राशिफल, व्रत-त्योहार, ग्रह-गोचर और ज्योतिषीय विषयों पर सरल, तथ्य-आधारित और उपयोगी लेखन करते हैं. उनका कंटेंट विशेष रूप से उन पाठकों के लिए तैयार होता है जो ज्योतिष और धर्म को आसान भाषा में समझना चाहते हैं.

अंकुर पिछले 2+ वर्षों से ABP Live (abplive.com) में सक्रिय रूप से कार्यरत हैं और ज्योतिष, अंक शास्त्र, वास्तु शास्त्र, शकुन अपशकुन शास्त्र, हस्तरेखा, स्वप्न शास्त्र, चाइनीच ज्योतिष आदि पर आर्टिकल्स प्रकाशित करते हैं.

उनका काम हाई-फ्रीक्वेंसी कंटेंट प्रोडक्शन, ट्रेंड-आधारित स्टोरी चयन और यूजर-इंटेंट आधारित लेखन पर केंद्रित है, जिससे उनके लेख लगातार अच्छा डिजिटल एंगेजमेंट प्राप्त करते हैं. इसके अतिरिक्त अंकुर अग्निहोत्री निम्नलिखित विषयों पर भी लेखन करते हैं:

  • दैनिक और साप्ताहिक राशिफल
  • ग्रह-गोचर और ज्योतिषीय प्रभाव
  • व्रत-त्योहार और धार्मिक तिथियां

वे अपने लेखों में जानकारी प्रस्तुत करते समय, पंचांग आधारित तिथि, नक्षत्र और योग का संदर्भ लेते हैं. सामान्य ज्योतिषीय सिद्धांतों (ग्रह-स्थिति, गोचर प्रभाव) का उपयोग करते हैं और पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं और प्रचलित स्रोतों के आधार पर जानकारी देते हैं. अंकुर ABP Live जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म के साथ जुड़े हैं और Astro सेक्शन में नियमित रूप से कंटेंट प्रकाशित करते हैं.

उनके लेख धार्मिक मान्यताओं, पारंपरिक ज्योतिषीय सिद्धांतों और सामान्य स्रोतों पर आधारित होते हैं. वे किसी भी प्रकार के निश्चित या गारंटीड परिणाम का दावा नहीं करते और पाठकों को जानकारी को मार्गदर्शन के रूप में लेने की सलाह देते हैं. इन्होने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता की पढ़ाई की है.

अंकुर का फोकस ज्योतिष और धर्म को सरल, व्यावहारिक और समझने योग्य रूप में प्रस्तुत करना है, ताकि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर यह जानकारी हर वर्ग के पाठकों तक पहुंच सके.

Personal Interests की बात करें तो अंकुर को अंक शास्त्र, वैदिक ज्योतिष, वास्तु और स्वप्न शास्त्र में रुचि. साथ ही साहित्य और फिल्में देखने का शौक है.

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Frequently Asked Questions

अक्षय तृतीया को किन अन्य नामों से जाना जाता है?

इस त्योहार को अखा तीज या अक्ती के नाम से भी जाना जाता है. इसे हिंदू और जैन धर्म दोनों के अनुयायी मनाते हैं.

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