एक्सप्लोरर

Vibhuvan Sankashti Chaturthi Katha: विभुवन संकष्टी चतुर्थी व्रत की संपूर्ण कथा, इसके बिना अधूरा है पूजन

Vibhuvan Sankashti Chaturthi Katha: विभुवन संकष्टी चतुर्थी व्रत 3 जून को है. इस दिन पूजा में कथा का जरुर श्रवण करें, इसके बिना पूजन अधूरा माना जाता है.

Vibhuvan Sankashti Chaturthi Vrat 2026: विभुवन संकष्टी चतुर्थी व्रत 3 जून 2026 को है. ये व्रत समस्त संकटों, दोष से मुक्ति दिलाने में सहायक माना गया है. इसके प्रभाव से जीवन में चल रही दुविधा, परेशानी दूर होती है. साथ ही सुख मिलता है. अधिकमास की विभुवन संकष्टी चतुर्थी की पूजा में इस व्रत कथा का जरुर शर्वण करें.

विभुवन संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा

अधिक मास मे आनेवाली इस पवित्र संकष्टी चतुर्थी की कथा सतयुग काल से चली आ रही है. कहा जाता है इस व्रत की कथा द्वापर युग मे पांचाली द्रौपदी को महर्षि वेद व्यास ने सुनाई थी. एक समय की बात है जब कुरुवंश के संरक्षक ऋषि, पांडवो के वनवास काल के दौरान उनसे मिलने उनके आश्रम मे आये हुए थे.

तब पांचाली द्रौपदी, की जिन्हे दूशासन ने भरी सभा मे निर्वस्त्र किया और दुर्योधन ने उसे अपमानित किया था, यह सोच कर हैरान थी उनसे ऐसा कोनसा पाप हुआ था जिसके कारण उन्हें यह अपमान सहन करना पड़ा. तब महर्षि ने उत्तर मे  उन्हें राजा चन्द्रसेन और रानी रत्नावली की कथा सुनाई थी.

महर्षि ने कथा का आरम्भ करते हुए कहा – एक समय की बात है, जब राजा चंद्रसेन अपनी भार्या रत्नावली के साथ सुखमय जीवन व्यतीत कर रहे थे. उनके राज्य मे चारो ओर खुशहाली और पवित्रता छलक रही थी. किन्तु उनके शत्रु और राज्य लोलुप सम्राटो को उनकी यह खुशहाली रास न आई. एक दिन राजा चन्द्रसेन के शत्रुओ ने उनके राज्य पर आक्रमण किया और उनका सर्वस्व छीन लिया. राजा चन्द्रसेन और रानी रत्नावाली को अपनी सुरक्षा हेतु अपना राज्य त्याग कर वन मे शरण लेनी पड़ी.

दोनों अब अपना जीवन निर्वाह करने के लिए वन मे भ्रमण करने लगे. एक दिन दोनों को पानी की प्यास लगी, प्यास से व्याकुल हो कर वो वन मे भटक रहे थे. भटकते भटकते वो अनायास एक ऋषि के आश्रम मे जा पहुंचे. वो आश्रम महर्षि मार्कण्डेय ऋषि का था. इतने घने जंगल के बिच मे जब वे दोनों इस स्थान पर पहुंचे तो उनको परम शांति की अनुभूति हुई, उन्हें ऐसा लगा जैसे इस स्थान पर आने के बाद उनकी सुधा तृप्त हो गई हो.

जब उन्हें इस स्थान के बारे मे ज्ञात हुआ तब तो बिना किसी विलब के महर्षि मार्कण्डेय के समक्ष जा पहुंचे और उनके समक्ष नतमस्तक हो कर अपने इस कष्ट रूपी जीवन से मुक्ति पाने का उपाय मांगने लगे. महर्षि ने उन्हें आशीर्वाद दिया और उनसे अपनी इस दुर्दशा का कारण पूछा. राजा और रानी ने उन्हें सारी बात कह सुनाई. राजा को भी द्रौपदी की तरह संदेह हो रहा था की उनसे ऐसा कोनसा पाप हुआ है जिसके चलते उन्हें यह कष्ट भोगाना पड़ रहा है.

ऋषि मार्कण्डेय सर्व ज्ञाता थे वो बहुत भविष्य और वर्तमान को भलीभांति देख सकते थे. महर्षि ने ध्यान धरते हुए राजा के पूर्व जन्म के कर्मो को टटोला और उनके प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा – “है राजन पूर्व जन्म आप एक परम तेजस्वी राजा थे. एक दिन आप आखेद करने जंगल मे गये हुए थे वहां अपने लाल वस्त्र को धारण किये कुछ नाग कन्याओ को व्रत का अनुष्ठान करते हुए देखा था. आप उनसे प्रभावित हो कर उनसे उस व्रत अनुष्ठान के बारे मे पूछने लगे, वो समय अधिक मास का था.

उन्होंने बताया की वो सभी भगवान श्री गणेश की संकष्टी चतुर्थी का व्रत कर रही है. इस व्रत को करने मात्र से मनुष्य की सभी समस्याओ का अंत हो जाता है. मनुष्य को अपने कष्टों से सहज़ ही मुक्ति प्राप्त होती है. नाग कन्याओ के मुख से भगवान श्री गणेश की अधिकमास की संकष्टी व्रत के बारे मे सुन कर उन्होंने भी इस व्रत को करने का मन ही मन निश्चय किया.

किन्तु समय जाते वो अपने नाम, यश और कीर्ति की प्राप्ति होने पर इस व्रत का अनुष्ठान करना भूल गये. अपने शक्ति और सत्ता के मद मे वो अहंकारी और अन्यायी राजा बन गये. अपने कुकर्मो के फल स्वरुप उनकी अकाल मृत्यु हो गई थी. आखिरकार उन्हें अपने पूर्व जन्म के कुकर्मो के फल भोगने के लिए इस जन्म मे भी एक राजसी परिवार मे जन्म लेना पड़ा. राजा चन्द्रसेन की दुर्दशा का मुख्य कारण उनके पिछले जन्म मे किये हुए उनके कुकर्म ही है जिसके चलते उन्हें इस जन्म मे भी अनेको कष्ट का सामना करना पड़ रहा है.

जब राजा चन्द्रसेन को महर्षि के श्री मुख से अपने पूर्व जन्म के कुकर्मो के बारे मे ज्ञात हुआ, वो पश्चाताप की अनुभूति करने लगे. उन्होंने उसी पल एक संकल्प लिया की वो अपने इस जन्म मे अपने पूर्वजन्म की गलतियों का अनुकरण नहीं करेंगे. अपने पूर्व जन्म मे उन्होंने भगवान श्री गणेश की संकष्टी चतुर्थी का अनादर किया था अतः इस जन्म मे आनेवाली अधिक माह के कृष्ण पक्ष की संकष्टी चतुर्थी को दोनों राजा और रानी ने श्रद्धापूर्वक व्रत का अनुष्ठान किया. जिसके फल स्वरुप उन्होंने अपना खोया हुआ राज्य और सन्मान वापस पाया.

June 2026 Lucky Rashi: जून 2026 चार राशियों के लिए बेहद लकी, बन रहा नवपंचम योग, शनि की बरसेगी कृपा

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. 

जागृति सोनी बरसले (Jagriti Soni Bursle)

धर्म, ज्योतिष और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं पर शोध आधारित लेखन करने वाली डिजिटल पत्रकार

जागृति सोनी बर्सले धर्म, ज्योतिष, वास्तु और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं से जुड़े विषयों की अनुभवी डिजिटल पत्रकार और लेखिका हैं. उन्हें डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 10 वर्षों का अनुभव है. वर्तमान में वह ABP Live (Abplive.com) में बतौर कंसल्टेंट कार्यरत हैं, जहां वह व्रत-त्योहार जैसे नवरात्रि, करवा चौथ, दिवाली, होली, एकादशी, प्रदोष व्रत, हरियाली तीज आदि, धार्मिक मान्यताओं, ज्योतिषीय घटनाओं, शुभ मुहूर्त, वास्तु और फेंगशुई, पंचांग जैसे विषयों पर शोध आधारित और प्रमाणिक लेख लिखती हैं.

विशेषज्ञता (Expertise)

जागृति सोनी बर्सले विशेष रूप से इन विषयों पर लेखन करती हैं:

  • व्रत-त्योहार और भारतीय धार्मिक परंपराएं
  • वैदिक ज्योतिष और ग्रह-नक्षत्र आधारित घटनाएं
  • शुभ मुहूर्त और धार्मिक विधि-विधान
  • वास्तु शास्त्र और फेंगशुई
  • आध्यात्मिक मान्यताएं और सांस्कृतिक परंपराएं

उनके लेखों में धार्मिक विषयों को केवल आस्था के दृष्टिकोण से नहीं बल्कि शास्त्रीय स्रोतों और प्रमाणिक ग्रंथों के आधार पर प्रस्तुत किया जाता है.

शिक्षा और पृष्ठभूमि

जागृति सोनी बर्सले ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से की है.

उन्होंने अपने करियर की शुरुआत दैनिक भास्कर डॉट कॉम से की, जहां डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने धर्म, समाज और संस्कृति से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर लेख लिखे.

डिजिटल मीडिया में काम करते हुए उन्होंने टेक्स्ट और वीडियो दोनों फॉर्मेट में काम किया है और वीडियो सेक्शन में सीनियर प्रोड्यूसर के रूप में भी लंबे समय तक योगदान दिया है. इस अनुभव ने उन्हें आधुनिक डिजिटल पत्रकारिता के विभिन्न फॉर्मेट को समझने और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने की क्षमता दी है.

शास्त्रीय अध्ययन और शोध

जागृति सोनी बर्सले की विशेष रुचि धर्म और ज्योतिष के शास्त्रीय अध्ययन में है.

उन्हें प्राचीन धार्मिक ग्रंथों जैसे:

  • धर्म सिंधु
  • मुहूर्त चिंतामणि

का अच्छा ज्ञान है. इन ग्रंथों के आधार पर वह व्रत-त्योहार, पूजा-विधि, ज्योतिषीय घटनाओं और मुहूर्त से जुड़े विषयों को सरल, प्रमाणिक और शोधपरक तरीके से पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं.

योगदान

जागृति सोनी बर्सले एक फ्रीलांस लेखक के रूप में भी कई मंचों पर आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और ज्योतिष से जुड़े विषयों पर लेख लिख चुकी हैं.

उनका उद्देश्य धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों को सरल भाषा में विश्वसनीय जानकारी के साथ प्रस्तुत करना है, ताकि पाठक इन विषयों को समझ सकें और सही जानकारी प्राप्त कर सकें.

व्यक्तिगत रुचियां

अध्यात्म और भारतीय परंपराओं के अध्ययन के प्रति उनकी गहरी रुचि है. खाली समय में उन्हें आध्यात्मिक और ज्ञानवर्धक पुस्तकें पढ़ना पसंद है. यह अध्ययन उनके लेखन को और अधिक गहन, तथ्यपूर्ण और संदर्भ आधारित बनाता है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Guru Purnima 2026 Date: 28 या 29 जुलाई, कब है गुरु पूर्णिमा? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
Guru Purnima 2026 Date: 28 या 29 जुलाई, कब है गुरु पूर्णिमा? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
Rashifal 19 July 2026: रविवार को ग्रहों की चाल किन राशियों के लिए बनेगी मुसीबत, मेष से मीन राशि तक देखें राशिफल
रविवार को ग्रहों की चाल किन राशियों के लिए बनेगी मुसीबत, मेष से मीन राशि तक देखें राशिफल
Lord Shiva Mystery: भगवान शिव के गले में नाग ही क्यों विराजते हैं? जानिए इसके पीछे की पौराणिक कथा
Lord Shiva Mystery: भगवान शिव के गले में नाग ही क्यों विराजते हैं? जानिए इसके पीछे की पौराणिक कथा
Temple Mystery: भारत का ऐसा मंदिर, जहां आज भी बिना पुजारी के होती है आरती! सदियों से चली आ रही है अनोखी परंपरा
Temple Mystery: भारत का ऐसा मंदिर, जहां आज भी बिना पुजारी के होती है आरती! सदियों से चली आ रही है अनोखी परंपरा
Advertisement

वीडियोज

Kajal, Shreyas Talpade & Chettan DK Talk About Food Safety, Health, Parenting & Their Film 'The India Story'
Sohail Khan ने बचपन के दर्द का किया खुलासा, सालों बाद सुनाई Sexual Harassment की कहानी
गुटखाबाज बीवी की डिमांड डायरी!
Shehnaaz Gill बोलीं- अभी सक्सेस नहीं मिली, मेरा सपना है लोग टिकट खरीदकर मेरी फिल्में देखने आएं
Bollywood News: '3 Idiots' की कहानी पर आमिर का नया खुलासा, सोनम वांगचुक कनेक्शन पर छिड़ी नई बहस (17-07-2026)
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
अहमदाबाद पटाखा फैक्ट्री हादसे पर PM मोदी ने जताया दुख, बोले - 'मैं इस घटना से...'
अहमदाबाद पटाखा फैक्ट्री हादसे पर PM मोदी ने जताया दुख, बोले - 'मैं इस घटना से...'
'अखिलेश जी... बेचैन मत होइए, पश्चाताप कीजिए', जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर ओपी राजभर का निशाना
'अखिलेश जी... बेचैन मत होइए, पश्चाताप कीजिए', जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर ओपी राजभर का निशाना
सोनम वांगचुक को अस्पताल ले गई पुलिस तो आया कपिल सिब्बल का रिएक्शन, बोले - मोदी जी ने...'
सोनम वांगचुक को अस्पताल ले गई पुलिस तो आया कपिल सिब्बल का रिएक्शन, बोले - मोदी जी ने...'
21 साल की उम्र में तिहरा शतक, एक ओवर में 6 छक्के… सर गैरी सोबर्स के वो रिकॉर्ड जिन्होंने रचा इतिहास
21 साल की उम्र में तिहरा शतक, एक ओवर में 6 छक्के… सर गैरी सोबर्स के वो रिकॉर्ड जिन्होंने रचा इतिहास
Deool Band 2 Lifetime Collection: 10 करोड़ के बजट में बनी 'देऊल बंद 2' हुई सुपरहिट, 641.6% रहा प्रॉफिट, जानें- लाइफटाइम कलेक्शन
10 करोड़ के बजट में बनी 'देऊल बंद 2' हुई सुपरहिट, 641.6% रहा प्रॉफिट, जानें- लाइफटाइम कलेक्शन
लखनऊ में 5 साल के मासूम को क्लास मॉनिटर ने बेरहमी से पीटा, CCTV में कैद हुई खौफनाक घटना
लखनऊ में 5 साल के मासूम को क्लास मॉनिटर ने बेरहमी से पीटा, CCTV में कैद हुई खौफनाक घटना
रायपुर: परिवार के 5 लोगों की मौत से हड़कंप, कारोबारी ने पत्नी और 3 बच्चों को जहर देकर लगाई फांसी
रायपुर: परिवार के 5 लोगों की मौत से हड़कंप, कारोबारी ने पत्नी और 3 बच्चों को जहर देकर लगाई फांसी
श्रीहरिकोटा से Vikram-1 की सफल लॉन्चिंग पर PM मोदी ने किया फोन, वैज्ञानिकों को दी बधाई, जानें और क्या कहा?
श्रीहरिकोटा से Vikram-1 की सफल लॉन्चिंग पर PM मोदी ने किया फोन, वैज्ञानिकों को दी बधाई, जानें और क्या कहा?
Embed widget