'अखिलेश जी... बेचैन मत होइए, पश्चाताप कीजिए', जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर ओपी राजभर का निशाना
UP Politics: सुभासपा प्रमुख ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि जिस जौहर यूनिवर्सिटी का निर्माण समाजवादी पार्टी सरकार के दौरान हुआ, उसमें सरकारी जमीन और संसाधनों का इस्तेमाल किया गया.

उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओपी राजभर ने जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर एक्शन के संकट के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है. सोशल मीडिया पर किए गए एक पोस्ट में राजभर ने कहा कि जौहर यूनिवर्सिटी मामले में कानून अपना काम कर रहा है और इसी वजह से अखिलेश यादव बेचैन हैं.
जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर उठाए सवाल
सुभासपा प्रमुख ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि जिस जौहर यूनिवर्सिटी का निर्माण समाजवादी पार्टी सरकार के दौरान हुआ, उसमें सरकारी जमीन और संसाधनों का इस्तेमाल किया गया. उन्होंने सवाल उठाए कि यूनिवर्सिटी के लिए जमीन और संसाधन सरकार के थे, जबकि ट्रस्ट आजम खान ने बनाया. उन्होंने आरोप लगाया कि टैक्स जनता ने दिया, लेकिन नौकरियां आजम खान के रिश्तेदारों को मिलीं.
ओपी राजभर ने क्या लिखा?
मंत्री राजभर ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, "प्रिय अखिलेश जी, जौहर यूनिवर्सिटी पर कानून अपना काम कर रहा है, तो उम्मीद है आप बेचैन जरूर होंगे. हैं ना? सच-सच बताइए. जिस जौहर यूनिवर्सिटी को आपकी सरकार में बनाया गया, उसमें अरबों रुपये और जमीन किसकी थी? सरकार की. अवैध यूनिवर्सिटी किसने खड़ी की? आजम खान ने. संसाधन किसका लगा? सरकार का. ट्रस्ट किसने बनाया? आजम खान ने. टैक्स किसने दिया? हिंदुओं ने. नौकरी किसको मिली? आजम खान के रिश्तेदारों को."
यूपी सरकार में मंत्री राजभर ने आगे लिखा, "आजम खान ने जौहर यूनिवर्सिटी के लिए आपके सैफई परिवार के साथ मिलकर जो जौहर दिखाया है, उस पर किसी को भी शर्म आ जाए. अब कार्रवाई हो रही है, तो बेचैनी क्यों बढ़ रही है?" मंत्री राजभर ने कहा, "सुनिए अखिलेश जी, यह डबल इंजन की सरकार है. अवैध इमारतों पर बुलडोजर तो चलेगा ही. बेचैन मत होइए."
उन्होंने कहा कि सपा सरकार में जो हुआ, उसका पश्चाताप कीजिए, बेचैन मत होइए. क्योंकि पश्चाताप के समय बेचैन नहीं हुआ जाता, आत्मग्लानि महसूस करनी चाहिए. राजभर ने कहा कि हमारे पुरखों ने इसीलिए कहा है, "जैसी करनी, वैसी भरनी." पोस्ट के अंत में उन्होंने "जय भारत, जय श्री राम, जय श्री कृष्ण, जय महाराज सुहेलदेव" लिखा है.
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2012 के भदोही हिंसा मामले का भी किया था जिक्र
उन्होंने दावा किया कि यह पहला मौका नहीं है, जब ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी की पूर्व सरकार को निशाने पर लिया हो. 17 जुलाई को उन्होंने मार्च 2012 में भदोही में हुई हिंसा का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव पर हमला बोला था. मंत्री राजभर ने अपने एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया था कि वर्ष 2012 में जब समाजवादी पार्टी की सरकार बनी, उसके बाद प्रदेश में हिंसा का दौर शुरू हो गया था. उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के नशे में सपा कार्यकर्ताओं ने कई जगह हिंसा की, जिसका गवाह भदोही जिला भी रहा.
दलित बस्ती पर हमले का लगाया आरोप
सुभासपा प्रमुख राजभर ने भदोही के नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित मकदूमपुर गांव का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि वहां दलित बस्ती पर हमला किया गया, कई घरों में आग लगा दी गई और महिलाओं के साथ बदसलूकी की गई. उनका दावा रह कि यह घटना इसलिए हुई क्योंकि गांव के लोगों ने समाजवादी पार्टी को वोट नहीं दिया था.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार रहम की गुहार लगाते रहे, लेकिन हमलावरों ने उनकी एक नहीं सुनी. राजभर के मुताबिक, पीड़ितों की एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई और पूरा सरकारी तंत्र समाजवादी पार्टी के प्रभाव में काम कर रहा था. उन्होंने आगे कहा कि मामला तूल पकड़ने और आलोचना बढ़ने के बाद कांग्रेस के ये तत्कालीन नेता पीएल पुनिया को दिल्ली से भदोही आना पड़ा था.
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