Shani Vakri 2026: 7 दिन बाद शनि चलेंगे उलटी चाल, इन 5 राशियों पर सबसे ज्यादा असर, देखें क्या करें, क्या नहीं
Shani Vakri 2026: शनि 27 जुलाई से 11 दिसंबर तक वक्री रहेंगे. शनि की उल्टी चाल कुंभ, मीन, सिंह, धनु और मेष वालों को इस अवधि में ज्यादा सावधान रहने की जरुरत है, देखें क्या करें, क्या नहीं.

Shani Vakri 2026 Date: 27 जुलाई से शनि वक्री हो रहे हैं, 138 दिन शनि की उल्टी चाल सभी 12 राशियों के जीवन में उलटफेर करेगी. वक्री शनि के दौरान आपकी साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही है, तो उसका प्रभाव अधिक स्पष्ट महसूस हो सकता है. अभी शनि की साढ़ेसाती कुंभ, मीन और मेष राशि पर है वहीं ढैय्या सिंह और धनु राशि पर चल रही है.
शनि वक्री का समय परीक्षा का हो सकता है लेकिन धैर्य, संयम और सकारात्मक नजरिया बनाए रखें, इससे कठिन परिस्थितियों का सामना करना आसान हो जाता है. शनि 11 दिसंबर 2026 तक वक्री रहेंगे. ऐसे में शनि की अशुभता से बचने के लिए क्या करें और क्या नहीं.
शनि वक्री के दौरान क्या नहीं करना चाहिए?
- बिना सोचे समझे नई शुरुआत न करें- नया कारोबार, बड़ा निवेश, साझेदारी या महत्वपूर्ण समझौता करने से पहले अच्छी तरह विचार करें. जल्दबाजी में लिया गया फैसला बाद में चुनौती बन सकता है.
- विवाद से दूरी- अनावश्यक बहस, झगड़े या कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों को बढ़ाने से बचें. अगर कोई मामला पहले से चल रहा है, तो धैर्य और कानूनी सलाह के साथ आगे बढ़ें.
- अहंकार और नकारात्मक भावनाओं से बचें: शनि कर्म और न्याय के ग्रह माने जाते हैं इसलिए झूठ, छल, ईर्ष्या, दूसरों के काम में दखल, अपने हित के लिए दूसरी को तन, मन या धन से हानि न पहुंचाएं.
- सेहत की लापरवाही पड़ेगी भारी- शरीर से मिलने वाले छोटे-छोटे संकेतों को भी हल्के में न लें. यदि कोई परेशानी लंबे समय तक बनी रहे तो चिकित्सकीय जांच अवश्य कराएं.
- नियमों को नजरअंदाज न करें - ऑफिस, समाज और परिवार में अपने काम को ईमानदारी से निभाएं. लापरवाही या जिम्मेदारियों से बचने का काम नुकसान पहुंचा सकता है. नियमों का उल्लंघन न करें.
शनि वक्री के दौरान क्या करना चाहिए?
- ये समय अपनी कमियों, गलत आदतों और व्यवहार को ईमानदारी से परखें. उन्हें सुधारने का संकल्प लें.
- समय पर उठना, नियमित दिनचर्या का पालन करना, मेहनत और ईमानदारी से अपने कार्य पूरे करना शनि को प्रसन्न करने वाला माना जाता है.
- जरूरतमंदों की सहायता करें. तिल का तेल, काली उड़द, काले वस्त्र, जौ आदि का दान करना शुभ माना जाता है. निस्वार्थभाव से किए गए कार्य शनि के अशुभ प्रभाव को कम करते हैं.
- मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ, शनिदेव के बीज मंत्र का जप या शनि स्तोत्र का पाठ करना शुभ माना जाता है. इससे मानसिक शक्ति बढ़ती है और नकारात्मकता कम होती है.
- आत्मविश्वास बनाए रखें और निराशा को अपने ऊपर हावी न होने दें.
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