एक्सप्लोरर

Sawan 2026: सावन में शिवलिंग पर तांबे के लोटे से ही जल क्यों चढ़ाया जाता है? जानें सही नियम और मान्यता

Sawan 2026: सावन में शिवलिंग पर तांबे के लोटे से ही जल चढ़ाने की परंपरा क्यों है? जानिए धर्म शास्त्र, ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसका महत्व, सही नियम और पूजा विधि.

Sawan 2026: भगवान शिव की आराधना के लिए सावन का महीना सबसे पवित्र माना जाता है. इस पूरे महीने शिवालयों में भक्त जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना करते हैं.

आपने अक्सर देखा होगा कि शिवलिंग पर जल चढ़ाने के लिए अधिकतर लोग तांबे के लोटे का ही उपयोग करते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इसके पीछे केवल परंपरा है या कोई धार्मिक और शास्त्रीय कारण भी है?

धर्म शास्त्रों और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, तांबे के पात्र से जल अर्पित करना अत्यंत शुभ माना गया है. इसके पीछे धार्मिक, आध्यात्मिक और वैज्ञानिक तीनों प्रकार की मान्यताएं जुड़ी हुई हैं.

तांबे का लोटा ही क्यों माना जाता है शुभ?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तांबा सूर्य का धातु माना जाता है. सूर्य ऊर्जा, तेज, आत्मविश्वास और जीवन शक्ति का प्रतीक हैं. जब तांबे के पात्र में जल भरकर भगवान शिव को अर्पित किया जाता है, तो यह सूर्य और शिव दोनों की कृपा प्राप्त करने का प्रतीक माना जाता है.

मान्यता है कि इससे व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और ग्रहों से जुड़े कुछ अशुभ प्रभाव भी कम हो सकते हैं.

धर्म शास्त्र क्या कहते हैं?

धर्म शास्त्रों के अनुसार भगवान शिव का जलाभिषेक श्रद्धा और पवित्रता के साथ करना चाहिए. तांबे का पात्र पूजा के लिए सबसे शुभ धातुओं में माना गया है. इसलिए शिवलिंग पर जल, गंगाजल या पंचामृत अर्पित करने के लिए तांबे के लोटे का प्रयोग करने की परंपरा चली आ रही है.

हालांकि यदि किसी के पास तांबे का पात्र उपलब्ध न हो, तो श्रद्धा से किसी अन्य स्वच्छ पात्र से भी जल अर्पित किया जा सकता है. पूजा में सबसे महत्वपूर्ण भाव और भक्ति को माना गया है.

ज्योतिषीय दृष्टि से क्या है महत्व?

ज्योतिषाचार्य पंडित सुरेश श्रीमाली के अनुसार, तांबा सूर्य ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि भगवान शिव सभी ग्रहों के अधिष्ठाता देव माने जाते हैं. सावन में तांबे के लोटे से जलाभिषेक करने से आत्मबल, सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक शांति प्राप्त होने की मान्यता है. वे बताते हैं कि यह उपाय विशेष रूप से उन लोगों के लिए भी शुभ माना जाता है, जो सूर्य से जुड़े दोषों की शांति के लिए भगवान शिव की उपासना करते हैं.

तांबे के लोटे से जल चढ़ाने के लाभ

  • भगवान शिव की कृपा प्राप्त होने की मान्यता है.
  • मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है.
  • सूर्य से जुड़े दोषों में राहत मिलने की मान्यता है.
  • परिवार में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है.
  • आत्मविश्वास और कार्यक्षमता में वृद्धि होने की मान्यता है.

जलाभिषेक करते समय रखें इन बातों का ध्यान

  • तांबे के स्वच्छ पात्र का प्रयोग करें.
  • जल में गंगाजल मिलाना शुभ माना जाता है.
  • जलाभिषेक करते समय 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें.
  • शिवलिंग पर धीरे-धीरे जल अर्पित करें.
  • पूजा पूरी श्रद्धा और शांत मन से करें.

क्या स्टील के लोटे से जल चढ़ाया जा सकता है?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तांबे का पात्र अधिक शुभ माना जाता है. हालांकि यदि तांबे का लोटा उपलब्ध न हो, तो स्वच्छ पात्र से भी भगवान शिव को जल अर्पित किया जा सकता है. शास्त्रों में पूजा का मूल आधार श्रद्धा और भक्ति को बताया गया है.

यह भी पढ़ें- CJP Andolan: क्या वांगचुक का अनशन धीरे-धीरे सरकार के लिए संकट बन रहा है? जानिए जंतर-मंतर के इस धरने का ज्योतिषीय भविष्य

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

रुचि शर्मा ज्योतिष जानकार हैं जो पिछले 13 वर्षों से ज्योतिष, धर्म और आध्यात्मिक विषयों पर अध्ययन, शोध और लेखन कर रही हैं. वैदिक ज्योतिष, अंक ज्योतिष, वास्तु शास्त्र, हस्तरेखा शास्त्र, टैरो, Chinese Astrology, राशिफल (Horoscope), ग्रह गोचर, पंचांग (Panchang), व्रत-त्योहार और धार्मिक परंपराओं से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष पकड़ है. जटिल ज्योतिषीय सिद्धांतों और ग्रह-नक्षत्रों के प्रभाव को सरल एवं सहज भाषा में समझाना उनकी प्रमुख पहचान है.

उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से मास्टर इन मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त की है. मीडिया और डिजिटल कंटेंट के क्षेत्र में लंबे अनुभव के दौरान वह राजस्थान पत्रिका, हिंदुस्तान, बीईसीआईएल, टाइम्स ग्रुप और Astrosage जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ कार्य कर चुकी हैं. पिछले कई वर्षों से उनका लेखन मुख्य रूप से ज्योतिष, धर्म, अध्यात्म और भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर केंद्रित रहा है.

रुचि शर्मा पारंपरिक ज्योतिषीय ग्रंथों, पंचांगों और प्रामाणिक स्रोतों के आधार पर विषयों का अध्ययन करती हैं तथा यूजर्स तक सरल, विश्वसनीय और उपयोगी जानकारी पहुंचाने का प्रयास करती हैं. उनके लेखों का उद्देश्य ज्योतिष और धर्म से जुड़े विषयों को आम पाठकों के लिए सहज और समझने योग्य बनाना है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Temple Mystery: भारत का ऐसा मंदिर, जहां आज भी बिना पुजारी के होती है आरती! सदियों से चली आ रही है अनोखी परंपरा
Temple Mystery: भारत का ऐसा मंदिर, जहां आज भी बिना पुजारी के होती है आरती! सदियों से चली आ रही है अनोखी परंपरा
Tulsi Rules: जाने-अनजाने में आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती? तुलसी के पास दीपक जलाने का सही समय जानिए
Tulsi Rules: जाने-अनजाने में आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती? तुलसी के पास दीपक जलाने का सही समय जानिए
Sawan 2026: सावन में शिवलिंग पर तांबे के लोटे से ही जल क्यों चढ़ाया जाता है? जानें सही नियम और मान्यता
Sawan 2026: सावन में शिवलिंग पर तांबे के लोटे से ही जल क्यों चढ़ाया जाता है? जानें सही नियम और मान्यता
Gupt Navratri 2026: मां दुर्गा की कृपा पाने के लिए गुप्त नवरात्रि में करें ये सरल उपाय, सुख-समृद्धि का मिलेगा आशीर्वाद
Gupt Navratri 2026: मां दुर्गा की कृपा पाने के लिए गुप्त नवरात्रि में करें ये सरल उपाय, सुख-समृद्धि का मिलेगा आशीर्वाद
Advertisement

वीडियोज

Kajal, Shreyas Talpade & Chettan DK Talk About Food Safety, Health, Parenting & Their Film 'The India Story'
Sohail Khan ने बचपन के दर्द का किया खुलासा, सालों बाद सुनाई Sexual Harassment की कहानी
गुटखाबाज बीवी की डिमांड डायरी!
Shehnaaz Gill बोलीं- अभी सक्सेस नहीं मिली, मेरा सपना है लोग टिकट खरीदकर मेरी फिल्में देखने आएं
Bollywood News: '3 Idiots' की कहानी पर आमिर का नया खुलासा, सोनम वांगचुक कनेक्शन पर छिड़ी नई बहस (17-07-2026)
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
अहमदाबाद पटाखा फैक्ट्री हादसे पर PM मोदी ने जताया दुख, बोले - 'मैं इस घटना से...'
अहमदाबाद पटाखा फैक्ट्री हादसे पर PM मोदी ने जताया दुख, बोले - 'मैं इस घटना से...'
'अखिलेश जी... बेचैन मत होइए, पश्चाताप कीजिए', जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर ओपी राजभर का निशाना
'अखिलेश जी... बेचैन मत होइए, पश्चाताप कीजिए', जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर ओपी राजभर का निशाना
सोनम वांगचुक को अस्पताल ले गई पुलिस तो आया कपिल सिब्बल का रिएक्शन, बोले - मोदी जी ने...'
सोनम वांगचुक को अस्पताल ले गई पुलिस तो आया कपिल सिब्बल का रिएक्शन, बोले - मोदी जी ने...'
21 साल की उम्र में तिहरा शतक, एक ओवर में 6 छक्के… सर गैरी सोबर्स के वो रिकॉर्ड जिन्होंने रचा इतिहास
21 साल की उम्र में तिहरा शतक, एक ओवर में 6 छक्के… सर गैरी सोबर्स के वो रिकॉर्ड जिन्होंने रचा इतिहास
Deool Band 2 Lifetime Collection: 10 करोड़ के बजट में बनी 'देऊल बंद 2' हुई सुपरहिट, 641.6% रहा प्रॉफिट, जानें- लाइफटाइम कलेक्शन
10 करोड़ के बजट में बनी 'देऊल बंद 2' हुई सुपरहिट, 641.6% रहा प्रॉफिट, जानें- लाइफटाइम कलेक्शन
लखनऊ में 5 साल के मासूम को क्लास मॉनिटर ने बेरहमी से पीटा, CCTV में कैद हुई खौफनाक घटना
लखनऊ में 5 साल के मासूम को क्लास मॉनिटर ने बेरहमी से पीटा, CCTV में कैद हुई खौफनाक घटना
रायपुर: परिवार के 5 लोगों की मौत से हड़कंप, कारोबारी ने पत्नी और 3 बच्चों को जहर देकर लगाई फांसी
रायपुर: परिवार के 5 लोगों की मौत से हड़कंप, कारोबारी ने पत्नी और 3 बच्चों को जहर देकर लगाई फांसी
श्रीहरिकोटा से Vikram-1 की सफल लॉन्चिंग पर PM मोदी ने किया फोन, वैज्ञानिकों को दी बधाई, जानें और क्या कहा?
श्रीहरिकोटा से Vikram-1 की सफल लॉन्चिंग पर PM मोदी ने किया फोन, वैज्ञानिकों को दी बधाई, जानें और क्या कहा?
Embed widget