उत्तर भारत में शादी मुहूर्त और लग्न पर निर्भर करती है, न कि दिन या रात पर।
उत्तर और दक्षिण भारत में शादी की टाइमिंग में इतना बड़ा अंतर क्यों? जानिए रात और दिन का रहस्य!
North and South India Wedding: उत्तर और दक्षिण भारत में शादियों के समय में काफी अंतर है. उत्तर भारत में दिन और दक्षिण भारत में रात के समय क्यों की जाती हैं शादियां? जानिए इसके पीछे का कारण.

Wedding Timings in North and South India: भारत विभिन्नताओं का देश है, जहां बोलचाल से लेकर खान पान, पहनावा और संस्कृति काफी अलग-अलग है. एक ही धर्म के अंदर शादी की टाइमिंग को लेकर इतना बड़ा फर्क क्यों हैं?
उत्तर भारत में ज्यादातर शादियां रात के समय संपन्न कराई जाती है, जबकि दक्षिण भारत में सुबह या दोपहर के मुहूर्त को शादी करने के लिए सबसे बेहतर माना जाता है.
आखिर नॉर्थ और साउथ में शादी की टाइमिंग को लेकर इतना बड़ा अंतर कैसे है? आइए जानते हैं इसके पीछे का धार्मिक और सामाजिक कारण क्या है?
उत्तर भारत में शादियां रात के वक्त
उत्तर भारत में रात की शादियों को लेकर कहा जाता है कि, पुराने समय में जब मुगल और अफगान हमला किया करते थे, तब हिंदूओं को रात के अंधेरे में छिपकर शादियां करनी पड़ती थी. दिन में दुश्मनों के हमलों का डर रहता था, इसलिए लोगों ने रात के अंधेरे में शादियां करनी शुरू कर दी.
जैसे-जैसे समय बीता ये आदत परंपराओं में शामिल हो गई और जब रात की शादियों में लाइट, डेकोरेशन और बेंड बाजा की शुरुआत हुई तो रात का समय शादी करने के लिए बना परफेकक्ट बाइव और रोयल लेकिन साउथ इंडिया में चीजें काफी अलग हैं.
दक्षिण भारत में दिन के समय शादियां
दक्षिण भारत में सूर्य देव की पूजा का काफी महत्व है. यहां दिन में शादी करना सबसे शुभ माना जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि सूरज की रोशनी सकारात्मक ऊर्जा और पवित्रता का प्रतीक है.
वैदिक परंपरा के हिसाब से दिन के समय देवता रात के मुताबिक अधिक सक्रिय होते हैं. इसी वजह से दक्षिण भारत में शादी सुबह या दोपहर के समय ही होती है.
दक्षिण भारत में दव्रिड़ परंपराओं में शादी खुली जगह में की जाती है. ज्यादातर मंडप खुले आंगन में बनते हैं, जिसे केले के पत्तों से सजाया जाता है.
दक्षिण और उत्तर भारत की शादियों में अंतर
दक्षिण भारत में गुह्यासूत्र, शौनक, आपस्तंब और बौधायन जैसे सूत्रों की परंपराओं को माना जाता है. जिसमें 'दिवा विवाह' यानी दिन की शादी को प्राथमिकता दी जाती है.
जबकि उत्तर भारत में दिन की शादी इसलिए नहीं कि जाती है क्योंकि यहां मुहूर्त की परंपरा प्रचलित है. उत्तर भारत में शादी मुहूर्त और लग्न पर निर्भर करता है न कि दिन और रात पर.
दक्षिण और उत्तर भारत की शादियों की टाइमिंग में सही या गलत जैसी कोई चीज नहीं हैं. दोनों ही स्थानों की परंपरा, रीति रिवाज और शादी की पद्धति अलग-अलग हैं.
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Frequently Asked Questions
उत्तर भारत में शादी का मुहूर्त किस पर निर्भर करता है?
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