एक्सप्लोरर

Dhanteras 2026: राजा हिम की पुत्रवधू की वो सूझबूझ, जिसने टाल दिया था काल

Dhanteras 2026: धनतेरस पर क्यों किया जाता है यम दीपदान? जानिए राजा हिम की पुत्रवधू की कथा, जिसने अपनी सूझबूझ और दीपों के प्रकाश से यमराज को खाली हाथ लौटने पर विवश किया.

Dhanteras 2026: कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी यानी धनतेरस केवल नई धातु, बर्तन या आभूषण खरीदने का दिन नहीं है. इस पर्व का एक बहुत गहरा और आध्यात्मिक पहलू भी है, जो अकाल मृत्यु के भय को मिटाने से जुड़ा है. धनतेरस की शाम घर के मुख्य द्वार पर यमराज के निमित्त दीपक जलाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है, जिसे 'यम दीपदान' कहा जाता है.

लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस परंपरा की शुरुआत कैसे हुई? शास्त्रों और लोक कथाओं में वर्णित राजा हिम की पुत्रवधू की सूझबूझ की यह गाथा बताती है कि कैसे एक स्त्री की निष्ठा और बुद्धि ने स्वयं काल (यमराज) को भी खाली हाथ लौटने पर विवश कर दिया था.

कुंडली का वह भयंकर दोष: विवाह के चौथे दिन मृत्यु का साया

पौराणिक आख्यानों के अनुसार, राजा हिम के घर जब पुत्र का जन्म हुआ, तो पूरे राज्य में उत्सव मनाया गया. राजा ने राज्य के जाने-माने ज्योतिषियों को राजकुमार की कुंडली देखने के लिए आमंत्रित किया. ज्योतिषियों ने बालक के भविष्य का अध्ययन कर एक अत्यंत चिंताजनक भविष्यवाणी की.

राजकुमार की कुंडली में एक गंभीर योग था विवाह के ठीक चौथे दिन सर्प दंश (सांप के काटने) से उसकी असामयिक मृत्यु निश्चित थी.

यह सुनकर राजा हिम बहुत व्यथित हुए, लेकिन होनी को कौन टाल सकता था. समय बीतता गया और राजकुमार युवा हुआ. समय आने पर उसका विवाह एक अत्यधिक गुणवती, धर्मपरायण और बुद्धिमती कन्या से हुआ. विवाह के तुरंत बाद जब नवविवाहिता वधू को अपने पति की इस भयावह भविष्यवाणी की जानकारी मिली, तो उसने हार मानने या विलाप करने के बजाय अपने सुहाग की रक्षा के लिए एक दृढ़ संकल्प लिया.

सोने-चांदी की चमक और दीयों का घेरा: एक अनूठी योजना

विवाह की चौथी रात आई वही रात, जो राजकुमार के जीवन की अंतिम रात मानी जा रही थी. राजमहल में सन्नाटा था, लेकिन वधू ने पूरी योजना तैयार कर ली थी. उसने अपने पति को शयनकक्ष में सोने नहीं दिया और उन्हें पूरी रात जागते रहने के लिए कहा.

राजकुमारी ने महल के मुख्य प्रवेश द्वार पर:

  • अपने और राजकोष के समस्त सोने, चांदी के आभूषणों और बहुमूल्य रत्नों का एक विशाल ढेर लगा दिया.
  • गहनों के इस ढेर के चारों तरफ मिट्टी के अनगिनत दीप प्रज्वलित कर दिए.

देखते ही देखते पूरा मार्ग तीव्र दिव्य प्रकाश से जगमगा उठा. इसके बाद, पति की नींद भगाने और उनका ध्यान केंद्रित रखने के लिए वधू ने उन्हें धर्म, नीति और ज्ञान की कहानियां सुनाना और सुरीले भजनों को गाना शुरू कर दिया.

जब यमराज की आंखें चौंधिया गईं:

आधी रात के गहन अंधकार में मृत्यु के देवता यमराज ने अपने वचन के अनुसार एक भयानक विषैले सर्प का रूप धारण किया और राजकुमार के प्राण हरने के लिए महल की ओर बढ़े.

जैसे ही यमराज महल के मुख्य द्वार पर पहुंचे, वहां का दृश्य देखकर स्तब्ध रह गए. वहां रखे सोने-चांदी के आभूषणों के परावर्तन और चारों ओर प्रज्वलित सैकड़ों दीपों के तीव्र प्रकाश ने सर्परूपी यमराज की आंखों को चौंधिया दिया. प्रकाश इतना तीव्र था कि वे महल के भीतर प्रवेश करने का मार्ग ही नहीं देख पाए.

विवश होकर यमराज प्रवेश द्वार पर रखे उसी आभूषणों के ढेर पर कुंडली मारकर बैठ गए.

गीतों और कथाओं में बीती रात, टल गया काल का मुहूर्त:

द्वार पर बैठे यमराज के कानों में भीतर से आती राजकुमारी की मधुर आवाज गूंजने लगी. वह अपने पति को पूरे मनोयोग से कथाएं सुना रही थी और ईश्वर की वंदना कर रही थी. राजकुमारी के ज्ञानवर्धक प्रसंगों और सुरीले सुरों में यमराज ऐसे मंत्रमुग्ध हुए कि उन्हें समय बीतने का भान ही नहीं रहा.

बातचीत और कथा-सुनने में ही पूरी रात बीत गई और पूर्व दिशा में भोर की पहली किरण फूट पड़ी. भोर होते ही ज्योतिषीय गणना के अनुसार राजकुमार की मृत्यु का वह संकटकालीन मुहूर्त हमेशा के लिए टल गया.

क्योंकि काल का निर्धारित समय समाप्त हो चुका था, इसलिए यमराज को बिना प्राण लिए ही खाली हाथ यमलोक लौटना पड़ा. इस प्रकार, एक नवविवाहिता की अडिग आस्था, प्रेम और बुद्धिमत्ता ने काल के फंदे से अपने पति के प्राण छीन लिए.

धनतेरस पर क्यों जरूरी है 'यम दीपदान'?

जिस दिन यह घटना घटी, उस दिन कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि थी. तभी से धनतेरस की शाम को यम दीपदान करने की अटूट परंपरा की शुरुआत हुई.

किस दिशा में जलाएं: यह दीप हमेशा घर के मुख्य द्वार के बाहर, दक्षिण दिशा की ओर मुख करके रखा जाता है, क्योंकि दक्षिण दिशा को यमराज की दिशा माना गया है.

चार मुखी दीपक का महत्व: अक्सर इस दिन आटे या मिट्टी का चौमुखी (चार बत्तियों वाला) दीपक जलाया जाता है, जिसमें सरसों या तिल का तेल डाला जाता है.

इस दीपदान के पीछे का मुख्य उद्देश्य परिवार के सदस्यों को अकाल मृत्यु, गंभीर व्याधियों और अनहोनी के भय से मुक्ति दिलाना है. धनतेरस पर की गई आभूषणों की खरीदारी केवल समृद्धि का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह कथा दर्शाती है कि धातु और दीपों का प्रकाश नेगेटिव एनर्जी और मृत्यु तुल्य संकट को भी जीवन से दूर रखने का सामर्थ्य रखता है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

अणिमा शुक्ला | डिजिटल पत्रकार, ABP Live धर्म-एस्ट्रो सेक्शन

अणिमा शुक्ला एक उभरती हुई डिजिटल पत्रकार और वीडियो स्टोरीटेलर हैं, जो वर्तमान में ABP Live के धर्म और एस्ट्रो सेक्शन में कंसल्टेंट के रूप में कार्यरत हैं. उन्होंने AAFT, नोएडा से BAJMC और AIMC, दिल्ली से TV & Radio Journalism (TVRJ) में पत्रकारिता की शिक्षा प्राप्त की है, जिसने उनके कंटेंट को व्यावहारिक, तकनीकी रूप से मजबूत और ऑडियंस-फोकस्ड बनाया है.

अणिमा की विशेष रुचि अंक शास्त्र (Numerology), वास्तु शास्त्र, वैदिक ज्योतिष और हस्तरेखा विज्ञान (Palmistry) जैसे विषयों में है. वे इन पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों को सरल और स्पष्ट भाषा में प्रस्तुत करती हैं, ताकि डिजिटल ऑडियंस, खासतौर पर Gen-Z, उन्हें आसानी से समझ सके और अपने जीवन में लागू कर सके.

एक वीडियो स्टोरीटेलर के रूप में, अणिमा जटिल विषयों को विजुअल फॉर्मेट (short videos, reels, explainers) के माध्यम से आकर्षक और समझने योग्य बनाती हैं. उनका फोकस सिर्फ जानकारी देना नहीं, बल्कि उसे जिम्मेदारी और स्पष्टता के साथ प्रस्तुत करना है, ताकि दर्शकों को भरोसेमंद और उपयोगी कंटेंट मिल सके.

ABP Live के साथ अपने कार्यकाल के दौरान, वे लगातार अपने कंटेंट को Google Discover-friendly, audience-centric और credibility-driven बनाने पर काम कर रही हैं, जिससे पारंपरिक विषयों को आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सके.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Shani Pradosh 2026: शनि प्रदोष समझकर 7 नवंबर को व्रत रख रहे हैं? पहले जान लें सही तारीख
Shani Pradosh 2026: 7 नवंबर को शनिवार और त्रयोदशी, फिर प्रदोष व्रत 6 को क्यों?
Dev Uthan Ekadashi 2026: 4 महीने बाद योग निद्रा से जागेंगे भगवान विष्णु, तुलसी विवाह पर जरूर करें ये 1 काम; खुलेंगे भाग्य के द्वार
Dev Uthan Ekadashi 2026: 4 महीने बाद योग निद्रा से जागेंगे भगवान विष्णु, तुलसी विवाह पर जरूर करें ये 1 काम; खुलेंगे भाग्य के द्वार
Dhanteras 2026: धनतेरस पर क्या न खरीदें? इन 7 चीजों की खरीदारी मानी जाती है अशुभ, जानें वजह और शुभ मुहूर्त
Dhanteras 2026: धनतेरस पर भूलकर भी न खरीदें ये 7 चीजें, मान्यता अनुसार घर में आ सकती है दरिद्रता, जानें शुभ मुहूर्त
Happy Dhanteras 2026 Wishes:
Happy Dhanteras 2026 Wishes: धनतेरस पर अपनों को भेजें ये 10 खास शुभकामना संदेश, बरसेगी मां लक्ष्मी और कुबेर देव की कृपा
Advertisement

वीडियोज

Chitra Tripathi: यूपी की सियासत में श्रीकृष्ण पर 'महाभारत'! | UP Election 2027 | Krishna | ABP
UP Elections 2027: यूपी के रण में कृष्ण की एंट्री | CM Yogi | Breaking | Akhilesh Yadav | BJP
US Elections Inside Story: Donald Trump का दबदबा टूटा, बाजार खुशी से झूमा... | Share Market
Sansani: LOVE...शादी...और 'डेथ गेम' !
UP Elections 2027: श्रीकृष्ण पर BJP-SP में Poster War शुरू! चुनाव से पहले गरमाई यूपी की सियासत
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
पटियाला: कर्मभूमि एक्सप्रेस के डिब्बों में लगी आग, यात्रियों में मचा हड़कंप
पटियाला: कर्मभूमि एक्सप्रेस के डिब्बों में लगी आग, यात्रियों में मचा हड़कंप
'ये राष्ट्र विरोधी बयान है', इरफान अंसारी पर अठावले की कड़ी प्रतिक्रिया; BJP ने राहुल को घेरा
'ये राष्ट्र विरोधी बयान', इरफान अंसारी पर अठावले की कड़ी प्रतिक्रिया; BJP ने राहुल को घेरा
सूर्यकुमार यादव ने परिवार के साथ पीएम मोदी से की मुलाकात, बच्ची का गाना सुन बजाई तालियां
सूर्यकुमार यादव ने परिवार के साथ पीएम मोदी से की मुलाकात, बच्ची का गाना सुन बजाई तालियां
CSK छोड़ने के बाद माइकल हसी नए रोल में आएंगे नजर, मिली सबसे बड़ी जिम्मेदारी
CSK छोड़ने के बाद माइकल हसी नए रोल में आएंगे नजर, मिली सबसे बड़ी जिम्मेदारी
दिवाली से पहले 'रामायण' ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, पहले दिन वर्ल्डवाइड 150 करोड़ के पार हुई कमाई
दिवाली से पहले 'रामायण' ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, पहले दिन वर्ल्डवाइड 150 करोड़ के पार हुई कमाई
बसों का किराया बढ़ा तो बीजेपी ने शिवकुमार को बना दिया बच्चा, शेयर किया AI-जनरेटेड वीडियो
बसों का किराया बढ़ा तो बीजेपी ने शिवकुमार को बना दिया बच्चा, शेयर किया AI-जनरेटेड Video
तरुण तेजपाल की सजा पर रोक लगाने से SC का इनकार, दिवाली के दौरान छूट की मांग भी खारिज
तरुण तेजपाल की सजा पर रोक लगाने से SC का इनकार, दिवाली के दौरान छूट की मांग भी खारिज
'कुछ नियुक्ति पत्र तीसरी बार के लिए रोकेंगे', CM योगी ने किया यूपी में सरकार बनाने का दावा
'कुछ नियुक्ति पत्र तीसरी बार के लिए रोकेंगे', CM योगी ने किया यूपी में सरकार बनाने का दावा
Embed widget