Maa Pitambara: गर्भगृह से वीडियो कॉल पर मां पीतांबरा पीठ के ‘ऑनलाइन दर्शन’ पर पुजारी को नोटिस जारी
Maa Pitambara: गर्भगृह से वीडियो कॉल पर दर्शन कराने का मामला सामने आया है. मां पीतांबरा पीठ के गर्भगृह की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं. इसके बाद पुजारी को नोटिस जारी कर जांच शुरू की गई है.

Datia Maa Pitambara Peeth: दतिया में विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ पीतांबरा पीठ एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गया है. इस बार मामला मां पीतांबरा के गर्भगृह से कथित रूप से वीडियो कॉल के माध्यम से दर्शन कराने का मामला सामने आया है.
सोशल मीडिया पर वायरल हुई कुछ तस्वीरों के बाद मंदिर प्रबंधन और साधक समुदाय के बीच कई सवाल खड़े हो गए हैं. सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि जिस मंदिर परिसर में मोबाइल फोन के उपयोग और फोटोग्राफी पर सख्त प्रतिबंध है, वहां गर्भगृह से वीडियो कॉल कैसे की गई.
जानकारी के अनुसार सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में दावा किया जा रहा है कि मंदिर के एक पुजारी ने किसी बाहरी व्यक्ति को मोबाइल फोन के माध्यम से मां पीतांबरा के गर्भगृह से वीडियो कॉल पर दर्शन कराए. बताया जा रहा है कि ये तस्वीरें लगभग चार से पांच माह पुरानी हैं, लेकिन हाल ही में इनके सामने आने के बाद श्रद्धालुओं और साधकों के बीच चर्चा का विषय बन गई हैं.
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ऑनलाइन दर्शन कराने का आरोप
पीतांबरा पीठ में गर्भगृह की फोटोग्राफी और मोबाइल फोन के उपयोग पर लंबे समय से प्रतिबंध लागू है. ऐसे में यदि वीडियो कॉल के माध्यम से दर्शन कराए गए हैं तो इसे मंदिर के नियमों के उल्लंघन के रूप में देखा जा रहा है. वायरल तस्वीरों के बाद मंदिर की व्यवस्थाओं और नियमों के पालन को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं.
गौरतलब है कि पीतांबरा पीठ इससे पहले भी विभिन्न विवादों को लेकर चर्चा में रहा है. हाल के महीनों में मंदिर के स्टोर रूम से सामान ले जाने तथा ऑनलाइन यज्ञ-अनुष्ठान के नाम पर कथित ठगी जैसे मामलों ने भी सुर्खियां बटोरी थीं. अब वीडियो कॉल से दर्शन कराने के कथित मामले ने एक बार फिर मंदिर प्रबंधन को कटघरे में खड़ा कर दिया है.
ट्रस्ट की ओर से नोटिस जारी
मामले को गंभीरता से लेते हुए पीतांबरा पीठ प्रबंधन ने जांच शुरू कर दी है. मंदिर के मुख्य व्यवस्थापक महेश दुबे ने बताया कि वायरल तस्वीरें उनके संज्ञान में आ चुकी हैं. मामले की प्रारंभिक जांच के बाद संबंधित पुजारी को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है. उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट और संबंधित पक्ष के जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी.
फिलहाल श्रद्धालुओं और साधक समुदाय की निगाहें जांच के परिणाम पर टिकी हैं. सभी यह जानना चाहते हैं कि वायरल तस्वीरों के पीछे की वास्तविकता क्या है और मंदिर प्रबंधन इस मामले में क्या कदम उठाता है.
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