राहुल गांधी, प्रियंका और अखिलेश... यूपी को लेकर संसद में तीनों नेताओं में इन मुद्दों पर हुई बात
यूपी चुनाव से पहले राहुल गांधी, अखिलेश यादव और प्रियंका गांधी वाड्रा के बीच संसद में अहम मुलाकात हुई. इस मुलाकात का मुख्य एजेंडा यूपी में सीटों का बंटवारा रहा.

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए इंडिया अलायंस एकजुट होकर चुनाव लड़ने के दावे कर रहा है. दोनों ही ओर से आगामी चुनाव में सीटों को लेकर अपने अपने दावे किए जा रहे हैं. इस बीच भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कन्नौज सांसद अखिलेश यादव ने संसद परिसर में मुलाकात की.
मॉनसून सत्र के पहले दिन इस मुलाकात के कई मायने निकाले जा रहे हैं. इस बैठक में राहुल और अखिलेश के अलावा वायनाड सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा भी रहीं.
संसद में 20 जुलाई को अखिलेश और राहुल के बीच दो बार मुलाकात हुई. इस मुलाकात को यूपी चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है.
एबीपी न्यूज़ संवाददाता आशीष सिंह के अनुसार, यूपी में सपा और आम आदमी पार्टी भी साथ ही चुनाव लड़ सकते हैं. इसको लेकर आम आदमी पार्टी की लीडरशिप से सपा चीफ की मुलाकातें हो चुकीं हैं. वहीं सपा प्रमुख हर मंच से यह बात स्पष्ट कर चुके हैं कि यूपी में इंडिया अलायंस इंटैक्ट है यानी सपा और कांग्रेस साथ चुनाव लड़ेंगे. ऐसे में अगर अलायंस को इंटैक्ट रखना है तो कोई न कोई बीच का रास्ता निकालना होगा ताकि वह यूपी में बीजेपी का मुकाबला कर सके.
बता दें बीते कुछ समय में कांग्रेस और सपा के सांसदों के बीच में सीटों को लेकर काफी तकरार हुई. यूपी में कांग्रेस के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम बराबरी की सीट शेयरिंग चाह रहे हैं.
क्या है नेताओं की कोशिश?
अब राहुल और अखिलेश की मुलाकात के जरिए दोनों नेता एक ओर जहां एकजुटता का संदेश दे रहे हैं तो वहीं अप्रत्यक्ष तौर पर अपने नेताओं को भी यह मैसेज देने की कोशिश है कि वह सीटों और अन्य मुद्दों पर या तो चुप रहे या जो बोलें तो वह गठबंधन के सामंजस्य और समर्थन के बीच हो.
एबीपी न्यूज़ संवाददाता मोहित दुबे के ने सपा चीफ अखिलेश और राहुल के बीच एक ही दिन में दो मुलाकात होने पर कहा कि पहले अखिलेश यादव और सपा सांसदों की बैठक हुई. उसके बाद राहुल गांधी के साथ उनकी वन टू वन बैठक हो रही है. दुबे के अनुसार सूत्रों ने बताया कि दोनों नेताओं के बीच यूपी चुनाव के मुद्दों को लेकर बात हुई. जिसमें राम मंदिर का चढ़ावा चोरी का मुद्दा भी शामिल था.
अब यह देखना होगा कि तीनों नेताओं की बैठक का जमीनी धरातल पर कितना असर होता है और सीट बंटवारे को लेकर चल रही कलह लंबी खिंचेगी या खत्म होगी. नेताओं की कोशिश है कि नेताओं की बयानबाजी को थामते हुए सीट बंटवारे पर जल्द से जल्द बात फाइनल हो ताकि अलायंस को चुनाव में नुकसान न हो.
उधर सूत्रों बैठक में प्रियंका गांधी की मौजूदगी यह संकेत दे रही है कि यूपी चुनाव में वह इंडिया अलायंस की ओर से न सिर्फ प्रमुख चेहरा होंगी बल्कि इलेक्शन में प्रमुखता से अपनी भूमिका निभाती नजर आ सकतीं हैं.




















