एक्सप्लोरर

Chhath Puja 2025: दिल्ली में छठ की धूम! नहाय-खाय से शुरुआत, जानें महापर्व का महत्व और विधि

Chhath Puja 2025 Nahay Khay: देशभर में महापर्व छठ की शुरुआत हो चुकी है. आज नहाए खाए के मौके पर तमाम व्रती महिलाओं ने नहा धोकर छठ के पहले दिन के अनुष्ठान को पूरा किया.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • नहाय-खाय के साथ छठ पूजा का शुभारंभ, माहौल भक्तिमय।
  • व्रती महिलाएं शुद्धता से बनाती हैं लौकी-चावल, दाल।
  • खरना के दिन 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू।
  • डूबते-उगते सूर्य को अर्घ्य देकर पर्व का समापन।

Chhath Puja 2025 Nahay Khay: पूर्वांचलियों के आस्था के महापर्व छठ पूजा की आज नहाय-खाय के साथ शुरुआत हो गयी और इसी के साथ ही राजधानी दिल्ली का माहौल छठमय हो गया है. फिजाओं में छठ की पवित्रता की खुशबू घुलने लगी है और पूर्वांचल-बिहार के रहने वाले लोगो के घरो में छठ के गीत गूंजने लगे है जो दिल्ली के वातावरण को भक्तिमय बना रहे हैं.

दीवाली के बाद से ही लोग इस महापर्व की तैयारियों में जुट जाते हैं. छठ महापर्व के इस व्रत में शुद्धता और सात्विकता की प्रधानता होती है.

इस पर्व का विधान चार दिनों तक चलता है. भगवान भास्कर की आराधना का लोकपर्व सूर्य षष्ठी (डाला छठ) कार्तिक शुक्ल षष्ठी तिथि में मनाया जाता है. इस तिथि में व्रती महिलाएं शाम के समय नदी, तालाब-सरोवर या कृत्रिम रूप से बनाये गए जलाशय में खड़ी हो कर अस्ताचलगामी भगवान सूर्य की आराधना करती हैं और उन्हें अर्घ्य दिया जाता है.

दीप जलाकर रात्रि पर्यंत जागरण के साथ गीत एवं कथा के जरिये भगवान सूर्य की महिमा का बखान का श्रवण किया जाता है. इसके बाद सप्तमी की तिथि में प्रातः काल मे उगते हुए सूर्य की पूजा कर अर्घ्य दिया जाता है और फिर प्रसाद ग्रहण करने के साथ इस महापर्व का समापन होता है.

नहाय-खाय लौकी-चने की दाल, अरवा चावल प्रसाद स्वरूप में खाने का विधान

इसकी शुरुआत आज नहाय-खाय के साथ हुई. आज के दिन लौकी- अरवा चावल, चने की दाल सहित सात्विक तरीके से बिना लहसुन-प्याज के कई तरह के पकवानों को बनाया जाता है. जिसे भगवान को भोग लगाने के बाद, व्रती खाती हैं और फिर सब लोग उसे प्रसाद के रूप में खाते हैं. खास बात यह है कि व्रती वे खाने के दौरान किसी भी प्रकार की आवाज नहीं होनी चाहिए.

इस दिन का काफी महत्व होता है और नहाय-खाय के दिन गंगा स्नान का विधान है. इसके बाद खरना के दिन व्रती पूरे दिन उपवास रख कर रोटी-खीर बनाती हैं, जिसे केले या फिर अन्य फलों के साथ भगवान को अर्पण करने के बाद प्रसाद के रूप में खाया जाता है, और तब से छठ व्रती का 36 घंटों उपवास शुरू होता है, जो पारण के बाद ही समाप्त होता है.

पारण के साथ पूरा होता है व्रतियों का 36 घंटे का उपवास

खरना पूजा के अगले दिन विभिन्न कृत्रिम और प्राकृतिक घाटो पर डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा. जिसकी अद्भुत खूबसूरती देखते ही बनती है. भगवान भास्कर जब धीरे-धीरे अस्त होने को होते हैं, उस वक्त स्वर्णिम प्रभात के लिए उन्हें अर्घ्य अर्पित किया जाता है.

पूरी दुनिया में डूबते सूर्य को श्रद्धा और भक्ति के साथ अर्घ्य देने की यह परंपरा कही और नहीं है. यह जीवन के हर कठिन क्षण में आशा का प्रतीक है. इसके बाद पारण के दिन उदयगामी भगवान भास्कर की पूजा और अर्घ्य के साथ यह महापर्व सम्पन्न होता है.

बताते चलें कि, कल 26 अक्टूबर को खरना पूजा के बाद षष्ठी तिथि यानी 27 अक्टूबर को अस्ताचलगामी भगवान भास्कर की आराधना-पूजा कर अर्घ्य दिया जाएगा और फिर 28 अक्टूबर सप्तमी तिथि को पारण के दिन उदयगामी सूर्य की पूजा कर उन्हें दूध और गंगा जल का अर्घ्य दिया जाएगा. जिसके बाद इस चार दिवसीय महापर्व का समापन प्रसाद वितरण के साथ होगा.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. 

अभिषेक नयन का पत्रकारिता में लंबा अनुभव है. साल 2011 से ABP News से जुड़े हैं. दिल्ली-NCR की राजनीतिक, सामाजिक और नागरिक समस्याओं की जमीनी इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्टिंग करते हैं.

Read More

Frequently Asked Questions

छठ पूजा कितने दिनों का पर्व है?

छठ पूजा का विधान चार दिनों तक चलता है. यह पर्व कार्तिक शुक्ल षष्ठी तिथि में मनाया जाता है.

नहाय-खाय के दिन क्या विशेष होता है?

नहाय-खाय के दिन लौकी, अरवा चावल, चने की दाल सहित सात्विक पकवान बिना लहसुन-प्याज के बनाए जाते हैं. व्रती और सब लोग इसे प्रसाद के रूप में खाते हैं.

खरना पूजा के अगले दिन क्या किया जाता है?

खरना पूजा के अगले दिन, यानी षष्ठी तिथि को, विभिन्न घाटों पर डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है. यह परंपरा दुनिया में कहीं और नहीं है.

छठ पर्व का समापन कैसे होता है?

पारण के दिन, यानी सप्तमी तिथि को, उगते हुए सूर्य की पूजा और अर्घ्य के साथ महापर्व का समापन होता है. इसके बाद प्रसाद वितरण किया जाता है.

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Rashifal 15 August 2026: हरियाली तीज 6 राशियों की स्त्रियों के लिए रहेगी लकी! मेष से मीन तक राशिफल देखें
हरियाली तीज 6 राशियों की स्त्रियों के लिए रहेगी लकी! मेष से मीन तक राशिफल देखें
Weekly Rashifal 16-22 August 2026: इस सप्ताह मेष पर मेहरबान रहेगी किस्मत, वृश्चिक सहित 4 राशियों की बढ़ेगी मुश्किल
इस सप्ताह मेष पर मेहरबान रहेगी किस्मत, वृश्चिक सहित 4 राशियों की बढ़ेगी मुश्किल
PM मोदी 15 अगस्त को लाल किले से किन मुद्दों पर कर सकते हैं फोकस? भारत की कुंडली बता रही कैसा रहेगा नया साल
लाल किले से PM मोदी दे सकते हैं बड़ी चेतावनी! 15 अगस्त के बाद भारत में बड़ी हलचल?
Aaj Ka Panchang 14 August 2026: आज शुक्रवार लक्ष्मी और संतोषी माता की पूजा का मुहूर्त, योग, राशिफल और पूरा पंचांग देखें
आज शुक्रवार लक्ष्मी और संतोषी माता की पूजा का मुहूर्त, योग, राशिफल और पूरा पंचांग देखें

वीडियोज

Mahadev & Sons: Rajji पर टूटा दुखों का पहाड़, Dheeraj ने निभाया अपना सच्चा पति धर्म!
Bollywood News: Toxic के म्यूजिक जश्न के बीच विवाद ने पकड़ा जोर, किस बात पर मचा बवाल?
Bigg Boss 20 की Rumoured List में Jennifer Winget, Jannat Zubair, Nia Sharma और कई नाम
Akanksha Chamola ने Gaurav Khanna से Divorce पर किया बड़ा खुलासा, 18 महीने बाद लिया फैसला
TMKOC के पुराने Episodes आज भी क्यों हैं Hit? Asit Modi ने बताया Comedy का Secret

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
अमित शाह के खिलाफ बोलकर फंसे राहुल, विशेषाधिकार हनन का नोटिस जारी
अमित शाह के खिलाफ बोलकर फंसे राहुल, विशेषाधिकार हनन का नोटिस जारी
जयपुर: प्रिंस की मां का फटा कलेजा, '...तो वो आज मेरे साथ होता'
जयपुर: प्रिंस की मां का फटा कलेजा, '...तो वो आज मेरे साथ होता'
'कमबैक करना आसान नहीं था...', फिल्मों में वापसी पर बोलीं प्रीति जिंटा | Exclusive
'कमबैक करना आसान नहीं था...', फिल्मों में वापसी पर बोलीं प्रीति जिंटा | Exclusive
कल से भारत-श्रीलंका पहला टेस्ट, जानें प्लेइंग XI, हेड टू हेड और पिच रिपोर्ट
कल से भारत-श्रीलंका पहला टेस्ट, जानें प्लेइंग XI, हेड टू हेड और पिच रिपोर्ट
‘कॉकरोच पर बयान को किया गया मिसकोट’, CJI बोले- यूथ को बरगलाया गया
‘कॉकरोच पर बयान को किया गया मिसकोट’, CJI बोले- यूथ को बरगलाया गया
स्वतंत्रता दिवसः वीरता और सेवा पदकों से 1,057 कर्मी सम्मानित, 3 मरणोपरांत शामिल
स्वतंत्रता दिवसः वीरता और सेवा पदकों से 1,057 कर्मी सम्मानित, 3 मरणोपरांत शामिल
बैरियरलेस टोल पर संभलकर चलें, FASTag की ये गलती पड़ेगी भारी
बैरियरलेस टोल पर संभलकर चलें, FASTag की ये गलती पड़ेगी भारी
'हमारा रुख...', सिंधु जल संधि पर आया भारत का रिएक्शन
'हमारा रुख...', सिंधु जल संधि पर आया भारत का रिएक्शन
Embed widget