बैरियरलेस टोल पर संभलकर चलें, FASTag की ये गलती पड़ेगी भारी
Barrierless Toll Plaza FASTag Rules: बिना बैरियर वाले टोल प्लाजा पर FASTag में खराबी या कम बैलेंस आपको भारी पड़ सकता है. जानिए 72 घंटे में भुगतान न करने पर दोगुना जुर्माना और ई-नोटिस के नियम.

Barrierless Toll Plaza FASTag Rules: भारत में सभी नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे पर अब बैरियरलेस टोल सिस्टम लगाया जा रहा है. अब आपको टोल प्लाजा पर लंबी लाइनों में लगने या गाड़ी रोकने की बिल्कुल जरूरत नहीं पड़ेगी. क्योंकि कैमरे और सेंसर अपने आप आपकी कार का FASTag और नंबर प्लेट स्कैन करके टोल काट लेंगे. लेकिन अगर आप सोचते हैं कि बिना बैरियर के गाड़ी निकाल लेने से कोई देखने वाला नहीं है तो आप बहुत बड़ी गलतफहमी में हैं.
क्योंकि, हाईवे अथॉरिटी के हालिया रिपोर्ट में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि हर 10 में से एक गाड़ी बिना मान्य FASTag या बिना बैलेंस के इन टोल प्वाइंट्स से गुजर रही है. बता दें कि, दिल्ली के मुंडका, गुजरात के चोरयासी, हरियाणा के घरौंडा और राजस्थान के दौलतपुरा व मनोहरपुरा टोल प्लाजा के आंकड़ों से पता चला है कि मई से जुलाई के बीच करीब 1.10 करोड़ गाड़ियों में से 10.52 लाख गाड़ियों को ई-नोटिस भेजे गए हैं. अगर आप भी अपने FASTag को समय पर रीचार्ज नहीं करते या ब्लैकलिस्टेड टैग के साथ बैरियरलेस टोल पार करते हैं तो आपकी जरा सी लापरवाही जेब पर काफी भारी पड़ सकती है.
दोगुना पेनल्टी का है खतरा
बता दें कि, बैरियरलेस टोल प्लाजा पर अगर आपकी कार के FASTag में बैलेंस कम है या टैग काम नहीं कर रहा है तो सिस्टम तुरंत आपकी गाड़ी का चालान काटकर ई-नोटिस जारी कर देता है. यह नोटिस गाड़ी मालिक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है. सरकारी नियमानुसार ई-नोटिस मिलने के बाद आपको सामान्य टोल टैक्स चुकाने के लिए पूरे 72 घंटे यानी 3 दिन का समय दिया जाता है.
यदि अगर आप इस तय समयसीमा के भीतर ऑनलाइन पेमेंट नहीं करते हैं तो 72 घंटे बीतते ही यह रकम दोगुनी कर दी जाती है. यानी जो टोल आप आराम से कम पैसों में दे सकते थे उसके लिए आपको सीधा डबल जुर्माना भरना पड़ेगा.

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सबसे ज्यादा नियम तोड़ने का रिकॉर्ड
जानकारी के लिए आपको बता दें कि, आंकड़ों का विश्लेषण करने पर सबसे हैरान करने वाली बात यह सामने आई है कि टोल नियमों को तोड़ने में सबसे आगे कार और जीप वाले ही हैं. मई से जुलाई के बीच जारी हुए कुल 10.52 लाख ई-नोटिस में से 91 परसेंट से भी ज्यादा यानी 9.62 लाख नोटिस सिर्फ निजी कारों को भेजे गए हैं.
वहीं ट्रकों और बसों जैसी भारी गाड़ियों की हिस्सेदारी इसमें केवल 3.5 परसेंट के करीब ही रही है. ज्यादातर कार चालक FASTag का लो बैलेंस नजरअंदाज कर देते हैं या विंडशील्ड पर गलत तरीके से लगा टैग लेकर निकल पड़ते हैं. दिल्ली के मुंडका टोल प्लाजा पर सबसे ज्यादा 4.54 लाख ई-नोटिस जारी किए गए हैं.
ई-नोटिस न भरने पर रुक जाएंगे काम
आपको यह भी बता दें कि, कई लोग सोचते हैं कि ई-नोटिस आने के बाद भी अगर भुगतान न करें तो क्या ही फर्क पड़ेगा. लेकिन अथॉरिटी ने इस बार नियम काफी सख्त कर दिए हैं. अगर आपके नाम पर बकाया ई-नोटिस जमा नहीं होता है तो भविष्य में गाड़ी से जुड़े लगभग सभी सरकारी काम पूरी तरह ठप हो जाएंगे.
जब भी आप अपनी गाड़ी का मालिकाना हक किसी दूसरे के नाम ट्रांसफर कराने जाएंगे गाड़ी का रजिस्ट्रेशन रिन्यू कराएंगे या फिटनेस सर्टिफिकेट लेने जाएंगे तो आपको एनओसी जारी नहीं किया जाएगा. जब तक आप अपना सारा बकाया टोल जुर्माना नहीं भर देते तब तक वाहन पोर्टल पर आपकी गाड़ी के सारे काम रोक दिए जाएंगे.

जुर्माना से बचने के लिए करें ये काम
अगर आप भी हाईवे पर बिना किसी झंझट और जुर्माने के सफर करना चाहते हैं तो कुछ छोटी-छोटी बातों का हमेशा ध्यान रखें. सबसे पहले जब भी लंबी यात्रा पर निकलें तो अपने FASTag वॉलेट में हमेशा पर्याप्त बैलेंस बनाकर रखें ताकि रास्ते में लो-बैलेंस की दिक्कत न हो. इसके अलावा FASTag को अपनी गाड़ी की विंडशील्ड पर बिल्कुल सही जगह और सही तरीके से चिपकाएं ताकि हाई-स्पीड एएनपीआर कैमरे उसे एक बार में ही स्कैन कर सकें.
अगर कभी गलत टोल कट जाता है या कोई तकनीकी गड़बड़ी होती है तो घबराने की जरूरत नहीं है. आप 3 दिनों के भीतर संबंधित वेबसाइट पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जांच के बाद आपका पैसा आपके FASTag में वापस क्रेडिट कर दिया जाएगा.
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