वर्तमान में 8 मई तक के सभी स्लॉट बुक हो चुके हैं। श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि वे अपनी यात्रा की योजना बनाने से पहले आधिकारिक वेबसाइट पर स्लॉट की उपलब्धता की जांच कर लें।
Ayodhya Ram Mandir: रामलला दर्शन में बड़ा बदलाव! ‘विशिष्ट दर्शन’ खत्म, अब सबके लिए एक जैसी व्यवस्था,VIP खत्म, सुगम-सामान्य ही विकल्प
Ayodhya Ram Mandir: रामलला दर्शन, अब 'विशिष्ट' श्रेणी खत्म. केवल सुगम व सामान्य दर्शन विकल्प. 8 मई तक स्लॉट फुल. ट्रस्ट की अपील गरिमा हेतु पारंपरिक परिधान (धोती-कुर्ता/साड़ी) पहनकर आएं भक्त.

- मंदिर में पारंपरिक भारतीय परिधान पहनने का सुझाव दिया गया।
Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रामलला के दर्शन को अधिक समावेशी और पारदर्शी बनाने के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है. ट्रस्ट ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट से ‘विशिष्ट दर्शन’ (वीआईपी दर्शन) के विकल्प को पूरी तरह हटा दिया है. अब मंदिर में आने वाले हर श्रद्धालु के लिए एक समान व्यवस्था लागू की गई है, जिससे 'वीआईपी कल्चर' को कम कर सामान्य भक्तों को प्राथमिकता दी जा सके.
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दर्शन के नए विकल्प और प्रक्रिया
ट्रस्ट द्वारा किए गए अपडेट के अनुसार, अब वेबसाइट पर बुकिंग के लिए केवल दो मुख्य श्रेणियां उपलब्ध होंगी:
- सुगम दर्शन: इस पास के माध्यम से श्रद्धालु भगवान रामलला, राम परिवार और मंदिर परिसर के परकोटा में स्थित छह प्रमुख मंदिरों के दर्शन कर सकेंगे.
- सामान्य दर्शन: इसमें रामलला और राम परिवार के साथ-साथ शेषावतार मंदिर, सप्त मंदिर और कुबेर टीले के दर्शन की सुविधा शामिल की गई है.
महत्वपूर्ण बदलाव: पहले एक पास पर अधिकतम 8 श्रद्धालु दर्शन कर सकते थे, लेकिन भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा को देखते हुए अब इस संख्या को घटाकर अधिकतम 5 कर दिया गया है.
श्रद्धालुओं का भारी उत्साह: 8 मई तक सभी स्लॉट फुल
राम मंदिर में रामलला के दर्शन के लिए उमड़ रही भारी भीड़ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बदलाव लागू होते ही 8 मई तक के सभी उपलब्ध स्लॉट बुक हो चुके हैं. ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि दर्शन की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है ताकि लंबी कतारों में पारदर्शिता बनी रहे.
ड्रेस कोड पर ट्रस्ट का सुझाव
मंदिर की पवित्रता और मर्यादा बनाए रखने के लिए ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं के लिए पारंपरिक भारतीय परिधान पहनने की अपील की है:
- पुरुषों के लिए: धोती-कुर्ता या कुर्ता-पजामा.
- महिलाओं के लिए: साड़ी या दुपट्टे के साथ गरिमामय पंजाबी सूट.
फिलहाल यह व्यवस्था 'अनिवार्य' नहीं है, बल्कि एक 'सुझाव' के रूप में जारी की गई है ताकि भक्त मंदिर की आध्यात्मिक गरिमा के अनुरूप दर्शन हेतु आएं.
शरद शर्मा (मीडिया प्रभारी, वीएचपी व राम मंदिर ट्रस्ट): "ट्रस्ट का मुख्य ध्येय है कि अयोध्या आने वाला हर भक्त बिना किसी भेदभाव के सुगमता से रामलला के दर्शन कर सके. 'विशिष्ट' शब्द को हटाकर अब केवल सेवा और सुगमता पर ध्यान केंद्रित किया गया है. हम चाहते हैं कि श्रद्धालु न केवल दर्शन करें, बल्कि मंदिर परिसर की दिव्यता का अनुभव भी करें. श्रद्धालुओं से निवेदन है कि वे पोर्टल पर उपलब्ध स्लॉट के अनुसार ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं."
अयोध्या में हुए इस बदलाव से स्पष्ट है कि प्रशासन और ट्रस्ट का ध्यान अब 'मास मैनेजमेंट' (जन प्रबंधन) पर है. वीआईपी व्यवस्था को समाप्त करना इस बात का संकेत है कि रामलला के दरबार में सभी भक्त समान हैं. यदि आप भी अयोध्या जाने की योजना बना रहे हैं, तो आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्धता जांचने के बाद ही अपनी यात्रा सुनिश्चित करें.
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Frequently Asked Questions
क्या श्रद्धालु बिना स्लॉट बुकिंग के दर्शन कर सकते हैं?
Source: IOCL


























