Sleepy In Partner Arms: पार्टनर के पास सोते ही शरीर क्यों हो जाता है रिलैक्स? जानिए इसके पीछे की वजह
Healthy Relationship Signs: अक्सर लोगों को अपने पार्टनर की बाहों में सुकून की नींद आती है. चलिए आपको बताते हैं कि आखिर ऐसा क्यों होता है और इससे आपके ऊपर क्या प्रभाव होता है.

Why Do You Feel Sleepy Around Your Partner: अगर आप अपने पार्टनर के पास रहते हुए अकसर नींद या सुस्ती महसूस करते हैं, तो इसे बोरियत या दूरी की निशानी समझने की गलती न करें. दरअसल, यह इमोशनल सिक्योरिटी का संकेत होता है. कई रिसर्च में सामने आया है कि हमारी इमोशनली स्थिति और नींद के बीच गहरा रिश्ता होता है. स्टडी के मुताबिक, जो लोग अपने रिश्तों में खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं, उनकी नींद की क्वालिटी बेहतर होती है.
पार्टनर के पास क्यों आती है नींद?
क्या कभी आपके साथ ऐसा हुआ है कि पार्टनर के पास बैठते ही आपको झपकी आने लगे और मन में सवाल उठे कि कहीं आप उनसे बोर तो नहीं हो रहे? अगर ऐसा है, तो आप अकेले नहीं हैं, खासतौर पर तब, जब आपका पार्टनर सच में एक “ग्रीन फ्लैग” हो. सुनने में यह अजीब लग सकता है, लेकिन इसके पीछे पूरा साइंस है। किसी अपने के साथ सुरक्षित और आरामदायक माहौल में रहना हमारे शरीर के हार्मोन और नर्वस सिस्टम को रिलैक्स कर देता है.
आपकी हेल्थ होती है बेहतर
कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी की एक स्टडी में पाया गया कि जिन लोगों का अटैचमेंट सिक्योर होता है, वे न सिर्फ बेहतर नींद लेते हैं बल्कि उनकी ओवरऑल हेल्थ भी बेहतर रहती है. दरअसल, इंसानी शरीर खतरे की स्थिति में हमेशा अलर्ट मोड में रहता है. लेकिन जब हम किसी ऐसे व्यक्ति के साथ होते हैं, जिसके साथ हमें सुरक्षित महसूस होता है, तो यह अलर्ट सिस्टम खुद-ब-खुद शांत हो जाता है. यही वजह है कि पार्टनर के साथ इमोशनली सुरक्षा मिलने पर शरीर रिलैक्स मोड में चला जाता है.
इस दौरान शरीर में ऑक्सीटोसिन, यानी ‘लव हार्मोन’, का स्तर बढ़ता है. यह हार्मोन तनाव बढ़ाने वाले कॉर्टिसोल को कम करता है और गहरी नींद में मदद करता है. साथ ही, यह भरोसा, बॉन्डिंग और इमोशनल कनेक्शन को मजबूत करता है. प्यार और भरोसा मिलने पर शरीर का पैरासिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम एक्टिव होता है, जिसे ‘रेस्ट एंड डाइजेस्ट’ मोड कहा जाता है. इससे दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर सामान्य होने लगते हैं, जो शरीर को सुकून भरी नींद के लिए तैयार करता है.
मन शांत होने से आती है नींद
अकेले रहने पर दिमाग में "अगर कुछ न कर पाया, तो क्या होगा?" जैसे विचार घूमते रहते हैं, जो चिंता को जन्म देते हैं. वहीं, एक समझदार और सपोर्टिव पार्टनर की मौजूदगी इन फिजूल की चिंताओं को कम कर देती है. मन शांत होता है और नींद स्वाभाविक रूप से आने लगती है. यह मीठा सा एहसास सिर्फ रिश्ते की गहराई ही नहीं दिखाता, बल्कि सेहत पर भी गहरा असर डालता है. भरोसा और सुकून दिल की सेहत को बेहतर रखते हैं, स्ट्रेस हार्मोन कम करते हैं और इम्युनिटी को मजबूत बनाते हैं. इससे न सिर्फ नींद अच्छी होती है, बल्कि एंग्जायटी घटती है, दिमाग बेहतर काम करता है और रोजमर्रा की जिंदगी में इमोशनल मजबूती बढ़ती है.
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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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