Yoga Garudasana: स्ट्रेस दूर करने के साथ कई और फायदों के लिए कर सकते हैं गरुड़ासन, जानें कैसे करें
Garudasana Benefits: गरुड़ासन मुख्य तौर पर कंधे, कलाई, बाजू और पैर वाले हिस्से पर अच्छा प्रभाव डालता है. साथ ही यह आपके टखनों और कूल्हों को भी मजबूत बनाने में मदद करता है.

Garudasana Benefits: शरीर के अलग अलग हिस्सों के लिए योगाभ्यास हैं, जिसकी वजह से आप आसानी से किसी भी रोग, तनाव या दर्द में आराम पा सकते हैं. आज हम आपको ऐसे ही आसन गरुड़ासन (Garudasana) से रूबरू कराने वाले हैं, जिसके बारे में आपने शायद सुना या देखा हो पर ध्यान ना दिया हो. चलिए आज हम आपको गरुड़ासन के बारे में विस्तार से बताएंगे कि कैसे आप इसे कर सकते हैं और इसे करने के क्या क्या फायदे हैं.
गरुड़ासन मुख्य तौर पर कंधे, कलाई, बाजू और पैर वाले हिस्से पर अच्छा प्रभाव डालता है. साथ ही यह आपके टखनों और कूल्हों को भी मजबूत बनाने में मदद करता है.
आइए जानें गरुड़ासन के फायदों के बारे में(Garudasana Benefits)
मसल्स को मजबूत करने में करता है मदद
यदि आपके मसल्स में कमजोरी या फिर किसी तरह की परेशानी महसूस हो तो आप गरुड़ासन कर सकते हैं. यह स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज है जो बॉडी को स्ट्रेच करने का काम करती है.
स्ट्रेस को दूर करने में करता है मदद
योग की मदद से मानसिक शांति भी प्राप्त होती है. इस आसन को करने से आपका स्ट्रेस लेवल भी कम हो सकता है.
जांघ और हिप्स को करता है स्ट्रेच
यदि आपको जांघों और हिप्स में खिंचाव महसूस हो तो आप गरुड़ासन कर सकते हैं. यह बॉडी के इस हिस्से को अच्छे तरीके से स्ट्रेच कर वहां के ऐंठन या दर्द को दूर करने में मदद करता है.
पीठ को बनाता है लचीला
स्ट्रेचिंग की मदद से बॉडी को स्ट्रेंथनिंग में मदद मिलती है. गरुड़ासन करने से बॉडी के हर पार्ट को स्ट्रेच करने में मदद मिलती है. इसे करने से आपकी पीठ लचीली होती है.
बॉडी को बैलेंस करने में करता है मदद
गरुड़ासन करते वक्त आपको बॉडी को बैलेंस करना पड़ता है जिसकी मदद से बॉडी को बैलेंस करने में मदद मिलती है. शुरुआत में आपको परेशानी आएगी पर प्रेक्टिस करते रहने से आपके हैबिट में आ जाएगा.
कैसे करें गरुड़ासन
सबसे पहले योग मैट पर ताड़ासन मुद्रा में खड़े हो जाएं. अब सामान्य रूप से सांस लेते हुए अपने घुटनों को मोड़े और दोनों हाथों को सामने की ओर लाएं. अब पूरी बॉडी का बैलेंस दाएं पैर लें और बाएं पैर को ऊपर की ओर उठाएं. अब बाएं पैर को दाई टांग के आगे घूमाते हुए पीछे की ओर ले जाएं.
अब आपको दोनों बाजुओं को कोहनी से मोड़ते हुए क्रॉस करना है. इस दौरान बाईं बाजू को दाईं बाजू के ऊपर रखें. अब अपनी दोनों हथेलियों को नमस्कार मुद्रा में लाने का प्रयास करें. जब तक आप संभव हो इस मुद्रा में रहें फिर धीरे धीरे सामान्य स्थ्ति में आ जाएं. इस प्रक्रिया को आपको दूसरी तरफ से भी दोहराना है.
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Source: IOCL






















