अब जरूरी नहीं सुबह का नाश्ता, नई रिसर्च में सामने आई हैरान करने वाली बात
सुबह के नाश्ते को लेकर हुई स्टडी के रिजल्ट में पाया गया है कि जिन लोगों ने नाश्ता किया था और जिन्होंने नहीं किया, उनके दिमाग की एक्टिविटी में लगभग कोई फर्क नहीं था.

पिछले कई सालों से यह कहा जाता है कि सुबह का नाश्ता दिन का सबसे जरूरी खाना होता है, लेकिन अब एक नई रिसर्च ने इस धारणा को गलत साबित कर दिया है. हाल ही में हुई एक स्टडी के अनुसार, नाश्ता छोड़ने से दिमाग पर कोई असर नहीं होता है. खासकर बड़े लोगों में तो इसका बिल्कुल असर नहीं होता है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि अब सुबह का नाश्ता जरूरी क्यों नहीं है और रिसर्च में क्या-क्या हैरान करने वाली बातें सामने आई है.
3,400 लोगों पर हुई चौंकाने वाली स्टडी
सुबह के नाश्ते को लेकर हुई स्टडी में रिसर्चर्स ने 63 अलग-अलग स्टडीज और 3,400 से ज्यादा लोगों पर किए गए एक्सपेरिमेंट और मेमोरी टेस्ट का विश्लेषण किया है. रिजल्ट में पाया गया है कि जिन लोगों ने नाश्ता किया था और जिन्होंने नहीं किया, उनके दिमाग की एक्टिविटी में लगभग कोई फर्क नहीं था. आंकड़ों के अनुसार, जिन्होंने सुबह का खाना खाया था, उन्होंने बाकी लोगों की तुलना में सिर्फ 0.2 यूनिट ज्यादा सही परफॉर्म किया था. इसका मतलब है कि इसमें फर्क लगभग न के बराबर रहा था.
दिमाग को बैकअप फ्यूल से भी मिलती है एनर्जी
इस रिसर्च को लेकर वैज्ञानिकों का कहना है कि इंसान का दिमाग ग्लूकोज और शरीर में जमा फैट से ऊर्जा प्राप्त करता है. जब कोई व्यक्ति कई घंटों गए तक कुछ नहीं खाता तो ब्लड शुगर लेवल घटता है, लेकिन शरीर केटोन्स नामक तत्व से ऊर्जा बनाकर दिमाग को सुचारू रूप से चलता रहता है. इसके अलावा रिसर्चर्स ने कई सालों के डेटा का विश्लेषण किया और पाया कि 8, 12 या 16 घंटे तक फास्ट करने से व्यक्ति की मेमोरी ध्यान केंद्रित करने की क्षमता या निर्णय लेने की शक्ति पर कोई असर नहीं पड़ता है. स्टडी में यह भी साफ किया गया है कि शॉर्ट टर्म फास्टिंग यानी थोड़े समय तक खाना न खाना शरीर और दिमाग दोनों के लिए सुरक्षित है.
बच्चों के लिए जरूरी है नाश्ता
रिसर्च में आए रिजल्ट के अनुसार सुबह का नाश्ता न करने से बड़े लोगों पर कोई असर नहीं होता है. हालांकि, इस रिसर्च में बच्चों के लिए ब्रेकफास्ट छोड़ना सही नहीं माना गया है. रिसर्च में कहा गया है कि बच्चे विकास की अवस्था में होते हैं, इसलिए उन्हें नियमित रूप से पौष्टिक नाश्ता करना जरूरी है. ताकि उनके शरीर और दिमाग को जरूरी पोषण मिल सके. वहीं वयस्कों के लिए अगर कभी-कभी नाश्ता छूट भी जाए तो चिंता की बात नहीं है. उनका दिमाग और शरीर दोनों इस बदलाव का आसानी से संभाल सकते हैं.
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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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Source: IOCL























