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Constipation Relief: 3 दिन से हो रही कब्ज? इन एक नुस्खे से साफ हो जाएगा आपका पेट

Digestive Health: शौच के दौरान काफी जोर लगाना पड़ रहा है, तो यह कब्ज की समस्या हो सकती है. कब्ज होने पर सिर्फ पेट में भारीपन ही नहीं रहता, बेचैनी जैसी दिक्कतें भी परेशान कर सकती हैं.

Prunes Benefits For Gut Health And Digestion: अगर आपको तीन दिन से पेट साफ नहीं हुआ है, पेट भारी लग रहा है या शौच के दौरान काफी जोर लगाना पड़ रहा है, तो यह कब्ज की समस्या हो सकती है. कब्ज होने पर सिर्फ पेट में भारीपन ही नहीं रहता, बल्कि गैस, ब्लोटिंग और बेचैनी जैसी दिक्कतें भी परेशान कर सकती हैं. ऐसे में खान-पान और रोजमर्रा की आदतों में कुछ बदलाव काफी मददगार हो सकते हैं. इनमें एक आसान और प्राकृतिक उपाय है सूखा आलूबुखारा यानी प्रून्स खाना.

प्रून्स को लंबे समय से कब्ज दूर करने वाले नेचुरल फूड्स में गिना जाता है. इनमें फाइबर के साथ सोर्बिटोल नाम का एक शुगर अल्कोहल पाया जाता है, जिसका हल्का लैक्सेटिव प्रभाव हो सकता है. यह आंतों में पानी खींचने में मदद करता है, जिससे मल नरम हो सकता है और उसे बाहर निकालना आसान हो जाता है.

कब्ज में क्यों काम आ सकता है प्रून?

 हेल्थ के बारे में जानकारी देने वाली वेबसाइट Medicalnewstoday के अनुसार,  कब्ज के दौरान मल अक्सर सख्त और सूखा हो जाता है, जिससे उसे पास करने में परेशानी होती है. प्रून्स में मौजूद फाइबर मल में मात्रा बढ़ाने और उसकी बनावट को बेहतर करने में मदद कर सकता है. वहीं, इसमें मौजूद सोर्बिटोल आंतों में पानी की मात्रा बढ़ाकर मल को नरम करने में मदद कर सकता है. यही वजह है कि प्रून्स को कब्ज के लिए एक आसान घरेलू विकल्प माना जाता है. उपलब्ध शोध में भी प्रून्स को कब्ज से राहत देने में प्रभावी पाया गया है. करीब 50 ग्राम यानी लगभग 7 मध्यम आकार के प्रून्स दिन में दो बार लेने की मात्रा पर भी अध्ययन हुआ है.

हालांकि, हर व्यक्ति के शरीर पर इसका असर एक जैसा हो, यह जरूरी नहीं है. अगर आपको किसी खास खाद्य पदार्थ से परेशानी होती है या पहले से पाचन संबंधी समस्या है, तो इसे लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है.


Constipation Relief: 3 दिन से हो रही कब्ज? इन एक नुस्खे से साफ हो जाएगा आपका पेट

सिर्फ प्रून खाना काफी नहीं, पानी भी जरूरी

कब्ज की एक बड़ी वजह शरीर में पानी की कमी भी हो सकती है. जब शरीर को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिलता, तो मल अधिक सख्त हो सकता है और उसे बाहर निकालने में परेशानी हो सकती है. इसलिए कब्ज होने पर दिनभर पर्याप्त पानी पीना जरूरी है. पानी के साथ फाइबर से भरपूर चीजों को डाइट में शामिल करने से भी फायदा मिल सकता है. कुछ अध्ययनों में स्पार्कलिंग वॉटर को भी कब्ज में मददगार पाया गया है, हालांकि कुछ लोगों में इससे गैस या पाचन संबंधी परेशानी बढ़ सकती है.

डाइट में फाइबर बढ़ाएं

कब्ज से बचने के लिए फाइबर का पर्याप्त सेवन भी जरूरी है. सब्जियां, फल, साबुत अनाज, दालें, बीन्स, नट्स और बीज फाइबर के अच्छे सोर्स हैं. फाइबर मल को अधिक मात्रा देने और उसे आसानी से बाहर निकलने में मदद कर सकता है. घुलनशील फाइबर पानी को सोखकर जेल जैसी बनावट तैयार करता है, जिससे मल नरम हो सकता है. इस तरह का फाइबर कब्ज से परेशान लोगों के लिए उपयोगी हो सकता है. साइलियम यानी इसबगोल भी घुलनशील फाइबर का एक स्रोत है, जिसे कब्ज की समस्या में इस्तेमाल किया जाता है.


Constipation Relief: 3 दिन से हो रही कब्ज? इन एक नुस्खे से साफ हो जाएगा आपका पेट

लेकिन ध्यान रखें कि अचानक बहुत ज्यादा फाइबर खाना भी हर व्यक्ति के लिए सही नहीं होता. कुछ लोगों में इससे गैस, पेट फूलना या दूसरी पाचन संबंधी दिक्कतें बढ़ सकती हैं. इसलिए फाइबर की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाना बेहतर रहता है.

रोज थोड़ा चलना भी फायदेमंद

अगर आपकी दिनचर्या में शारीरिक गतिविधि बहुत कम है, तो इससे भी कब्ज की समस्या बढ़ सकती है. नियमित हल्की एक्सरसाइज या पैदल चलना पाचन तंत्र को सक्रिय रखने में मदद कर सकता है. इसके लिए जरूरी नहीं कि आप बहुत कठिन एक्सरसाइज करें. रोजाना कुछ देर तेज चाल से चलना, साइकिल चलाना या तैराकी जैसी सामान्य गतिविधियां भी की जा सकती हैं. कुछ शोध में पाया गया है कि एक्सरसाइज कब्ज के कुछ लक्षणों को कम करने में मदद कर सकती है.

कॉफी से भी कुछ लोगों को राहत

कुछ लोगों में कॉफी पीने के बाद शौच की इच्छा बढ़ जाती है. ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि कॉफी पाचन तंत्र की मांसपेशियों को सक्रिय कर सकती है. कैफीन वाली कॉफी का यह प्रभाव कुछ लोगों में ज्यादा देखा गया है. हालांकि, अगर आपको इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम की समस्या है, तो कैफीन से गैस या पेट की दूसरी परेशानियां बढ़ सकती हैं. इसलिए हर व्यक्ति के लिए कॉफी को कब्ज का इलाज मानना सही नहीं होगा.

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कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

अगर कभी-कभार कब्ज होती है तो खान-पान, पानी और फिजिकल एक्टिविटी में बदलाव मदद कर सकते हैं. लेकिन अगर कई दिनों तक पेट साफ नहीं होता, समस्या बार-बार होती है या घरेलू उपायों से राहत नहीं मिलती, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. कब्ज के लिए कई तरह की लैक्सेटिव दवाएं भी उपलब्ध हैं, लेकिन इन्हें नियमित रूप से अपनी मर्जी से लेना ठीक नहीं है. डॉक्टर या फार्मासिस्ट आपकी स्थिति के हिसाब से सही विकल्प बता सकते हैं.

इसे भी पढ़ें: 3 गुनी ज्यादा शुगर वाली फेंटा कितनी खतरनाक, जानें हेल्थ को कितने गुना नुकसान?

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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About the author सोनम

सोनम एबीपी लाइव में कंटेंट राइटर हैं. यहां वह लाइफस्टाइल कैटिगरी और इसके अंतर्गत आने वाली सब-कैटिगरीज हेल्थ, होम टिप्स, रिलेशनशिप, ट्रैवल, पैरेंटिंग, ब्यूटी और फैशन की जिम्मेदारी संभाल रही हैं.

सोनम करीब 15 साल से लेखन की दुनिया में कार्यरत हैं. इससे पहले वह अमर उजाला, दैनिक जागरण के आईनेक्स्ट में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं. इन सभी जगहों पर उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं. सोनम ने लखनऊ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रैजुएशन किया है.

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