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सुबह के वक्त वॉक करना ज्यादा सही या शाम के वक्त टहलना, जानें कब मिलता है सबसे ज्यादा फायदा?

अगर आप रेगुलरली सुबह खाली पेट टहलने जाते हैं तो यह फैट जलाने में ज्यादा मदद कर सकता है. दरअसल, शाम के वक्त जब आप टहलने जाते हैं, तब तक आप कई बार कुछ न कुछ खा चुके होते हैं, जिससे फायदा कम मिलता है.

टहलना या वॉकिंग आपकी ओवरऑल फिटनेस और हेल्थ को बेहतर बनाने के सबसे अच्छे तरीकों में से एक है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, यह हार्ट प्रॉब्लम्स और डायबिटीज जैसी क्रोनिक बीमारियों के रिस्क को कम करने के अलावा, कॉग्निटिव लॉस को भी कम करता है. आपके हेल्थ और फिटनेस गोल्स के आधार पर, सुबह या शाम को टहलने के अपने अलग-अलग फायदे हैं. आइए एक्सपर्ट्स से जानते हैं कि आप अपने लिए सबसे अच्छा टाइम कैसे चुन सकते है?

सुबह टहलने के ये हैं फायदे

फिटनेस एक्सपर्ट रवि तेज कहते हैं, अगर आप रेगुलरली सुबह खाली पेट टहलने जाते हैं तो यह फैट जलाने में ज्यादा मदद कर सकता है. दरअसल, शाम के वक्त जब आप टहलने जाते हैं, तब तक आप कई बार कुछ न कुछ खा चुके होते हैं, जिससे फायदा कम मिलता है. सुबह टहलना और जिस तरह से यह फैट जलाता है, वह ओबीस लोगों के लिए फायदेमंद है.

  • ब्रेन को मजबूत बनाना: ज्यादा वजन और ओबीस बूढ़े लोगों में ब्रेन में प्रॉपर ब्लड फ्लो के मामले में, सुबह की सैर आपको लंबे समय तक बैठने के हार्मफुल इफेक्ट्स को दूर करने में मदद करती है.
  • एनर्जी लेवल में सुधार: सुबह सबसे पहले टहलने से कोर्टिसोल लेवल बढ़ता है, जो आपको अलर्ट और एनर्जेटिक बनाए रखने में मदद करता है.
  • नींद को रेगुलेट करता है: सुबह की सैर नींद को रेगुलेट करने के लिए बहुत अच्छी होती है, क्योंकि यह मेलाटोनिन हार्मोन के स्राव में मदद करती है, जो नींद को इफेक्ट करता है.
  • ब्लड शुगर को बैलेंस करता है: अगर आप कुछ खाते हैं और टहलने जाते हैं, तो यह आपके ब्लड शुगर लेवल को बैलेंस करने में मदद कर सकता है। एक स्टडी के अनुसार, खाना खाने के तुरंत बाद टहलने के लिए उठना आपके शरीर में ग्लाइसेमिक स्कोर पर इतना इफेक्ट डालता है कि यह लो-लेवल इंफ्लेमेशन और हार्ट डिजीज दोनों को पोटेंशियली प्रिवेंट कर सकता है.

शाम को टहलने के क्या हैं फायदे?

अगर आप शाम को टहलते हैं तो यह आपके हेल्थ गोल्स के आधार पर समान रूप से फायदेमंद हो सकता है.

  • स्ट्रेस में कमी: शाम को टहलने से स्ट्रेस और एंग्जायटी की भावना कम होती है, जिससे रिलीफ मिलता है, क्योंकि वर्कआउट आपके दिमाग को स्ट्रेस से दूर रखने के लिए बहुत अच्छा है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, भले ही रिजल्ट स्पेशली शाम की सैर के लिए न हों, लेकिन ज्यादातर लोग दिन की शुरुआत की तुलना में अंत में ज्यादा स्ट्रेस्ड होते हैं.
  • मूड को बेहतर करना: शहरों में रहने वाले लोग अपने मूड को बेहतर बनाने के लिए शाम की सैर का एन्जॉय करते हैं. शाम की सैर के कुछ अन्य पोटेंशियल बेनिफिट्स एंग्जायटी और डिप्रेशन में कमी, ब्लड प्रेशर में कमी, लिपिड और अन्य इन्फ्लेमेटरी इंडिकेटर्स में सुधार आदि शामिल हैं। 

अपने लिए सबसे अच्छा टाइम  कैसे चुनें?

दिल्ली में साओल (साइंस एंड आर्ट ऑफ लिविंग) के डॉ. बिमल छाजेड़ के अनुसार, आपके लिए सबसे अच्छा समय वह है, जो आपकी हेल्थ गोल्स और रूटीन के अनुकूल हो. सबसे महत्वपूर्ण बात कंसिस्टेंसी है. अगर आप नियमित रूप से टहलने की दिनचर्या बनाए रखते हैं, तो आपको इसके शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म दोनों तरह के हेल्थ बेनिफिट्स मिलेंगे.

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Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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About the author सोनम

जर्नलिज्म की दुनिया में करीब 15 साल बिता चुकीं सोनम की अपनी अलग पहचान है. वह खुद ट्रैवल की शौकीन हैं और यही वजह है कि अपने पाठकों को नई-नई जगहों से रूबरू कराने का माद्दा रखती हैं. लाइफस्टाइल और हेल्थ जैसी बीट्स में उन्होंने अपनी लेखनी से न केवल रीडर्स का ध्यान खींचा है, बल्कि अपनी विश्वसनीय जगह भी कायम की है. उनकी लेखन शैली में गहराई, संवेदनशीलता और प्रामाणिकता का अनूठा कॉम्बिनेशन नजर आता है, जिससे रीडर्स को नई-नई जानकारी मिलती हैं. 

लखनऊ यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रैजुएशन रहने वाली सोनम ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत भी नवाबों के इसी शहर से की. अमर उजाला में उन्होंने बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद दैनिक जागरण के आईनेक्स्ट में भी उन्होंने काफी वक्त तक काम किया. फिलहाल, वह एबीपी लाइव वेबसाइट में लाइफस्टाइल डेस्क पर बतौर कंटेंट राइटर काम कर रही हैं.

ट्रैवल उनका इंटरेस्ट  एरिया है, जिसके चलते वह न केवल लोकप्रिय टूरिस्ट प्लेसेज के अनछुए पहलुओं से रीडर्स को रूबरू कराती हैं, बल्कि ऑफबीट डेस्टिनेशन्स के बारे में भी जानकारी देती हैं. हेल्थ बीट पर उनके लेख वैज्ञानिक तथ्यों और सामान्य पाठकों की समझ के बीच बैलेंस बनाते हैं. सोशल मीडिया पर भी सोनम काफी एक्टिव रहती हैं और अपने आर्टिकल और ट्रैवल एक्सपीरियंस शेयर करती रहती हैं.

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