एक्सप्लोरर

ज्यादा स्क्रीन टाइम से आंखें ही नहीं, ये अंग भी होते हैं खराब! बच्चों को कैसे बचाएं?

लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों के साथ अन्य अंगों पर भी असर पड़ता है. लगातार बैठे रहकर स्क्रीन देखने से बच्चों की फिजिकल एक्टिविटी कम होती है. इससे मोटापा और दिल की बीमारियां हो सकती है.

आज के डिजिटल दौर में बच्चे स्मार्टफोन, टैबलेट, लैपटॉप और टीवी पर ज्यादा समय बिताने लगे हैं. पढ़ाई, गेमिंग या वीडियो देखने के लिए बच्चे घंटो स्क्रीन पर रहते हैं. बच्चों की इस आदत का असर सिर्फ आंखों पर ही नहीं पड़ता है, बल्कि शरीर के अन्य अंग भी इस आदत का शिकार बनते हैं. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि ज्यादा स्क्रीन टाइम से आंखों के अलावा कौन से अंग खराब होते हैं और बच्चों को इससे आप कैसे बचा सकते हैं. 

ज्यादा स्क्रीन टाइम से ये अंग भी होते हैं खराब 

आंखों पर असर: यह सच है कि लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों पर इसका गंभीर असर पड़ता है और इससे डिजिटल आई स्ट्रेन, ड्राई आई और धुंधलापन जैसी समस्याएं होती है. स्क्रीन के लगातार इस्तेमाल से मायोपिया जैसी आंखों की गंभीर समस्या भी बढ़ सकती है.

मांसपेशियां और हड्डियां: स्क्रीन टाइम के दौरान जब बच्चे लंबे समय तक बैठे रहते हैं, तो इससे कमर गर्दन और पीठ दर्द भी हो सकता है. फिजिकल एक्टिविटी कम होने से बच्चों की हड्डियां भी कमजोर हो सकती है और मांसपेशियां ठीक तरह से विकसित नहीं हो पाती है. 

दिल और मोटापा: ज्यादा समय तक स्क्रीन देखने से आंखों के साथ शरीर के अन्य अंगों पर भी असर पड़ता है. एक्सपर्ट्स के अनुसार लगातार बैठे रहकर स्क्रीन देखने से बच्चों की फिजिकल एक्टिविटी कम होती है. इससे मोटापा, दिल की बीमारियां और फिटनेस जैसी समस्याएं हो सकती है. दरअसल बच्चों का दिल मजबूत रहने के लिए उन्हें रोजाना फिजिकली एक्टिव रहना जरूरी होता है.  

नींद पर असर: वहीं अगर सोने से पहले बच्चे लंबे समय तक स्क्रीन का इस्तेमाल करते हैं तो उनकी नींद की क्वालिटी भी प्रभावित होती है. भरपूर मात्रा में नींद न मिलने से बच्चे दिन भर थके हुए, चिड़चिड़ा और कमजोर रहते हैं.

मेंटल हेल्‍थ: सोशल मीडिया और गेमिंग में ज्यादा समय बिताने से बच्चे अक्सर तनाव और मानसिक दबाव महसूस करते हैं. ऑनलाइन कंटेंट देखकर बच्चे खुद की तुलना दूसरों से करने लगते हैं और लगातार नोटिफिकेशन चेक करना भी मेंटल हेल्थ के लिए खतरनाक हो जाता है. 

बच्चों का स्क्रीन टाइम कैसे करें कम?

फैमिली पार्टी: बच्चों का स्क्रीन टाइम कम करने के लिए हफ्ते में एक बार आप घर पर ही फैमिली पार्टी रखें. पार्टी में बच्चों के लिए अलग-अलग एक्टिविटी रखें, जिससे वह फिजिकली रूप से एक्टिव रहेंगे और स्क्रीन टाइम कम होगा. 

आउटडोर स्कैवेंजर हंट: बच्चों का स्क्रीन टाइम कम करने के लिए उन्हें घर के आसपास या पार्क में आउटडोर स्कैवेंजर हंट गेम खि‍लाएं. जिससे बच्चे दौड़ते-भागते फिजिकल एक्टिविटी पर ज्यादा ध्यान देंगे और स्क्रीन टाइम अपने आप कम होगा. 

आउटडोर गेम्स: बच्चों की फिजिकल एक्टिविटी बढ़ाने के लिए और स्क्रीन टाइम कम करने के लिए आप उन्हें बैडमिंटन, फ्रिसबी और क्रिकेट जैसे आउटडोर गेम खिलाने पर फोकस करें. 

गार्डनिंग: एक्सपर्ट्स बच्चों का स्क्रीन टाइम कम करने के लिए गार्डनिंग को भी अच्‍छा विकल्‍प मानते हैं. ऐसे में आप बच्चों को पौधों की देखभाल में शामिल करें. पौधों को पानी देना, मिट्टी में खेलना और थोड़ी हल्की मेहनत करना उनके लिए एक्सरसाइज की तरह काम करेगा.

20-20-20 का नियम: स्क्रीन टाइम से बच्चों की आंखों को सुरक्षित रखने के लिए आप बच्चों पर 20-20-20 का नियम बनाएं. इस नियम के अनुसार 20 मिनट स्क्रीन देखने के बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर किसी चीज को देखना होता है. यह नियम बच्चों के साथ बड़े भी फॉलो कर सकते हैं. 

ब्राइटनेस और ब्लू लाइट फिल्टर: अगर बच्चे या बड़े भी कमरे के अंदर लैपटॉप या फोन चलाते हैं तो फोन या लैपटॉप की ब्राइटनेस कमरे की रोशनी के अनुसार सेट करें. या फिर ब्‍लू लाइट फ‍िल्‍टर या नाइट मोड का इस्तेमाल करें. 

इसे भी पढ़ें- Skin Signs Of High Cholesterol: स्किन पर दिखें ये 5 लक्षण तो समझ जाएं खतरे का लेवल पार कर चुका कोलेस्ट्रॉल, तुरंत भागें डॉक्टर के पास

Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

Check out below Health Tools-
Calculate Your Body Mass Index ( BMI )

Calculate The Age Through Age Calculator

कविता गाडरी बीते कुछ साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी हुई है. राजस्थान के जयपुर से ताल्लुक रखने वाली कविता ने अपनी पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में की है. 
पत्रकारिता में अपना सफर उन्होंने राजस्थान पत्रिका से शुरू किया जहां उन्होंने नेशनल एडिशन और सप्लीमेंट्स जैसे करियर की उड़ान और शी न्यूज के लिए बाय लाइन स्टोरी लिखी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो पर काम करने का मौका मिला. जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन के लिए नए अनुभव दिए. 

इसके बाद उन्होंने एबीपी नेटवर्क नोएडा का रुख किया. यहां बतौर कंटेंट राइटर उन्होंने लाइफस्टाइल, करंट अफेयर्स और ट्रेडिंग विषयों पर स्टोरीज लिखी. साथ ही वह कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लगातार सक्रिय रही. कविता गाडरी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दक्ष हैं. न्यूज़ राइटिंग रिसर्च बेस्ड स्टोरीटेलिंग और मल्टीमीडिया कंटेंट क्रिएशन उनकी खासियत है. वर्तमान में वह एबीपी लाइव से जुड़ी है जहां विभिन्न विषयों पर ऐसी स्‍टोरीज लिखती है जो पाठकों को नई जानकारी देती है और उनके रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ती है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

India-UK Trade Deal: यूके से कौन-कौन सी दवाएं आयात करता है भारत, जानें अब कितना कम हो जाएगा इनका दाम?
यूके से कौन-कौन सी दवाएं आयात करता है भारत, जानें अब कितना कम हो जाएगा इनका दाम?
Omega-3 Supplements: क्या दिमाग तेज करने के लिए खा रहे हैं ओमेगा-3 कैप्सूल? इस नई रिसर्च को जरूर पढ़ लें
क्या दिमाग तेज करने के लिए खा रहे हैं ओमेगा-3 कैप्सूल? इस नई रिसर्च को जरूर पढ़ लें
9 हजार का खर्च अब सिर्फ 91 रुपये! सैंपल ले जा रहा ड्रोन और दवा भी करेगा डिलीवर
9 हजार का खर्च अब सिर्फ 91 रुपये! सैंपल ले जा रहा ड्रोन और दवा भी करेगा डिलीवर
क्या Millennials से ज्यादा फिट और हेल्दी है Gen Z? नई रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा
क्या Millennials से ज्यादा फिट और हेल्दी है Gen Z? नई रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा

वीडियोज

Salman Khan की Maatrubhumi पर फिर संकट! रिलीज़ से पहले 40% फिल्म दोबारा शूट
Nitin Gadkari Exclusive: E20 Petrol पर क्या बोले? #nitingadkari #e20fuel #autolive
Operation Safed Sagar की अनसुनी कहानी अब आएगी सबके सामने
59 की उम्र में Sunita Ahuja का बॉलीवुड डेब्यू, बेटे Yashvardhan Ahuja संग करेंगी शुरुआत
Bollywood News: ट्रोलिंग से तौबा या प्रेग्नेंसी का नया ड्रामा? कियारा आडवाणी की 'दूसरी प्रेग्नेंसी' का सच आया सामने! (14-07-2026)

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
CJI जस्टिस सूर्यकांत को अपशब्द कहने वाले लॉ स्टूडेंट गिरफ्तार, सुप्रीम कोर्ट में किया था हंगामा; पुलिस रिमांड पर भेजे गए
CJI जस्टिस सूर्यकांत को अपशब्द कहने वाले लॉ स्टूडेंट गिरफ्तार, सुप्रीम कोर्ट में किया था हंगामा; पुलिस रिमांड पर भेजे गए
दो दिन में हो सकती है सोनम वांगचुक की मौत! 8.5 kg घटा वजन, अनशन पर दिल्ली HC में याचिका
दो दिन में हो सकती है सोनम वांगचुक की मौत! 8.5 kg घटा वजन, अनशन पर दिल्ली HC में याचिका
'हॉर्मुज पार कर लिया...', परिवार को किया मैसेज और तभी ईरान ने कर दिया मिसाइल अटैक, भारतीय शख्स की मौत
'हॉर्मुज पार कर लिया...', परिवार को किया मैसेज और तभी ईरान ने किया मिसाइल अटैक, भारतीय शख्स की मौत
'गौतम गंभीर और चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर के बीच मतभेद', इस पूर्व इंडियन क्रिकेटर के दावे से मची सनसनी
'गौतम गंभीर और चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर के बीच मतभेद', इस पूर्व इंडियन क्रिकेटर के दावे से मची सनसनी
Welcome To The Jungle BO Day 19: ‘वेलकम टू द जंगल' की कमाई में तीसरे मंगलवार आई मामूली तेजी, जानें- 19 दिनों में कितना बटोरा मुनाफा?
‘वेलकम टू द जंगल' की कमाई में तीसरे मंगलवार आई मामूली तेजी, जानें- 19 दिनों में कितना कमाया मुनाफा?
Explained: UAE होर्मुज स्ट्रेट के बगल में क्यों बना रहा नया बंदरगाह? ईरान के 'इकोनॉमिक बम' का तोड़ या कमजोरी छिपाने की कोशिश
UAE होर्मुज स्ट्रेट के बगल में क्यों बना रहा नया बंदरगाह? ईरान के इकोनॉमिक बम का तोड़ क्यों खास?
Punjab Politics: 'यह कोई गुड्डे-गुड़ियों का खेल नहीं...' राजा वडिंग को हटाने की मांग के बीच भूपेश बघेल ने सौंपी रिपोर्ट
'यह कोई गुड्डे-गुड़ियों का खेल नहीं...' राजा वडिंग को हटाने की मांग के बीच भूपेश बघेल ने सौंपी रिपोर्ट
किन फसलों को अब बिना टैक्स यूके में बेच पाएंगे किसान, कितना बढ़ जाएगा मुनाफा?
किन फसलों को अब बिना टैक्स यूके में बेच पाएंगे किसान, कितना बढ़ जाएगा मुनाफा?
Embed widget