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Diabetes है? डॉक्टर ने चीनी खाने को मना किया, फिर मीठे में गुड़ खाएं या शहद लें?

डायबिटीज में शुगर खाने को डॉक्टर साफ मना कर देते हैं. ऐसे में पेशेंट क्या खाएं? यही दिक्कत उनके सामने रहती है. आज यही जानने की कोशिश करते हैं. शहद और गुड़ खाना डायबिटीक पेशेंट के लिए कैसा है?

Diabetes Treatment: शुगर लाइफ स्टाइल से जुड़ी डिसीज है. खराब जीवनशैली है तो डायबिटीज बहुत तेजी से होने वाला मर्ज है. इसके साथ ही हाइपरटेंशन, मोटापा जैसी बीमारियाां भी लोगोें को देखने को मिलती है. डायबिटीज होने पर सबसे बड़ी दिक्कत मीठे खाने की होती है. डॉक्टर पेशेंट को साफ मना कर देता है कि मीठा किसी भी रूप में बिल्कुल नहीं खाना है. जब शुगर लेवल डाउन लगे, तब ही मीठा खाने की परमिशन होती है. कुछ लोग चीनी के बजाय गुड़ या शहद खाने की सलाह देते हैं. उनका तर्क होता है कि गुड़ खाने से शुगर लेवल पर कोई फर्क नहीं पड़ता, बल्कि ये तो इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है. 

पहले शहद से शुगर बढ़ने का लिंक जानिए

गुड़ और शहद को मधुमेह रोगियों के लिए सबसे सुरक्षित मिठास के रूप में देखा जाता है. लोग इन प्रॉडक्ट को नेचुरल फूड मानते हैं. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, टोरंटो विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने एक स्टडी की. इसमें सामने आया कि कच्चे शहद का सेवन शरीर को कार्डियोमेटाबोलिक लाभ दे सकता है. इसका सीधा मतलब है कि ये हार्ट को दुरस्त रखता है. मधुमेह जैसे चयापचय संबंधी प्रॉब्लम को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है. स्टडी में 1105 प्रतिभागियों को शामिल किया गया. शोधकर्ताओं ने बताया कि शहद में पाए जाने वाले दुर्लभ शर्करा जैसे आइसोमाल्टुलोज, कोजिबियोज, ट्रेहलोज, मेलेजिटोज ग्लूकोज की प्रतिक्रिया में सुधार करते हैं. इससे डायबिटीज नियंत्रण होने में मदद होती है. 

अब गुड़ का पता कर लिजिए

डॉक्टरों का कहना है कि चीनी की तुलना में गुड़ रासायनिक रूप से अधिक जटिल है. इसमें सुक्रोज की लंबी श्रृंखला होती है. डायबिटीक पेशेंट के लिए गुड़ खाना बेहतर ऑप्शन नहीं हो सकता है. डॉक्टरों का कहना है कि चीनी और गुड़ दोनों गन्ना से ही बने होते हैं. दोनों में शुगर लेवल लगभग उतना ही रहता है. ऐसे में चीनी के बजाय गुड़ खाना फायदेमंद नहीं हो सकता है. गन्ना आयरन और मैग्नीशियम का हाइ सोर्स हैं. चीनी में केवल शुगर का लेवल हाई होता है, जबकि गुड़ में शुगर के साथ आयरन और मैग्नीशियम भरपूर होते हैं. 

ग्लाइसेमिक इंडेक्स का भी है संबंध

ग्लाइसेमिक इंडेक्स(जीआई) कार्बाेहाइड्रेट युक्त खाद्य पदार्थों के लिए एक रेटिंग प्रणाली है. भोजन का ग्लाइसेमिक इंडेक्स बताता है कि यह किस तरह से ब्लड मेें शुगर लेवल बढ़ा सकता है. जीआई को समझने का सरल तरीका यह है कि कम जीआई वाले खाद्य पदार्थ धीरे-धीरे लेकिन लगातार ग्लूकोज डिस्चार्ज करते हैं, जबकि हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थ तेजी से ग्लूकोज डिस्चार्ज करते हैं. मधुमेह वाले लोगों को हमेशा कम जीआई वाले खाद्य पदार्थ खाने की सलाह दी जाती है. गुड़ का जीआई लगभग रिफाइंड चीनी के समान होता है. शहद का जीआई उससे थोड़ा कम होता है; हालांकि अलग-अलग शहद के अलग-अलग जीआई होते हैं.

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