गैस या चूल्हा नहीं है तो भी आराम से बनेगी दाल बाटी और लिट्टी, इस जुगाड़ से आसान हो जाएगा काम
अगर आपके पास गैस नहीं है, लेकिन कोई दूसरा हिट सोर्स है तो प्रेशर कुकर एक अच्छा ऑप्शन बन सकता है. कुकर में बिना सिटी लगाए धीमी आंच पर बाटी को सेक कर तैयार किया जा सकता है.

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे तनाव के चलते पूरे दुनिया को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. सबसे बड़ा असर गैस की कीमतों को लेकर पड़ा है, जिससे भारत भी नहीं बच पाया है. दरअसल इन देशों में तनाव के चलते ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट बंद कर दिया था, जिसके चलते गैस की सप्लाई पर असर पड़ा था और इसका असर भारत पर भी देखने को मिला है. इस तनाव के चलते देश में लोग खाना बनाने के लिए अलग-अलग जुगाड़ लगा रहे हैं. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि आप गैस या चूल्हा न होने पर भी आराम से दाल बाटी और लिट्टी कैसे बना सकते हैं और किस जुगाड़ से आपका काम आसान हो जाएगा?
कुकर और पैन में बन सकती है बाटी
अगर आपके पास गैस नहीं है, लेकिन कोई दूसरा हिट सोर्स है तो प्रेशर कुकर एक अच्छा ऑप्शन बन सकता है. कुकर में बिना सिटी लगाए धीमी आंच पर बाटी को सेक कर तैयार किया जा सकता है. इसके अलावा अप्पे पैन में भी बाटी और लिट्ठी को धीरे-धीरे घूमा कर सेका जा सकता है. जिससे वह हर तरफ से कुरकुरी बनती है. यह तरीका खास तौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी है जिनके पास ओवन या तंदूर नहीं है.
हीटर पर भी तैयार हो सकती है लिट्टी और बाटी
आजकल बाजार में मिलने वाले स्प्रिंग वाले इलेक्ट्रिक हीटर का इस्तेमाल भी लोग इन डिशेज को बनाने में कर रहे हैं. हीटर की रोड पर धीरे-धीरे बाटी या लिट्टी को घुमाते हुए सेका जाता है. यह तरीका थोड़ा समय लेता है, लेकिन गैस न होने की कंडीशन में यह एक अच्छा ऑप्शन माना जाता है.
गोबर के उपलो और कोयला, पारंपरिक तरीका
अगर आपके पास घर का आंगन या खुली जगह है, तो गोबर के उपले पर या कोयले का इस्तेमाल सबसे पारंपरिक और स्वादिष्ट तरीका माना जाता है. लिट्टी-बाटी को धीमी आंच पर पकाने से उसमें एक अलग ही स्मोकी फ्लेवर आता है, जो गैस या ओवन से नहीं मिल पाता. यही वजह है कि आज भी कई लोग इस पुराने तरीकों को पसंद करते हैं.
तवे या मोटे बर्तन का इस्तेमाल
गैस के बिना अगर किसी तरह की हिट उपलब्ध है, तो मोटे तवे या भारी तले वाले बर्तन में भी बाटी बनाई जा सकती है. इसमें बाटी को ढक कर धीमीं आंच पर पकाया जाता है और बीच-बीच में पलटना जरूरी होता है, ताकि वह अंदर तक अच्छी तरह सिक जाए.
ये भी पढ़ें-Oil Wells Ocean: क्या समुद्र में भी होते हैं तेल के कुएं, जानें यहां से कैसे निकाला जाता है तेल
Source: IOCL



























