Signs Of Emotional Drain: सिर्फ अपना दुखड़ा रोने वाले दोस्तों से रहें दूर, वरना हो जाएंगे 'एनर्जी वैम्पायर' के शिकार
Healthy Relationship Tips: आज के समय में, जब हम पहले ही बर्नआउट, काम के दबाव और लगातार आने वाली नोटिफिकेशन्स से जूझ रहे हैं, ऐसे लोग, जिन्हें आमतौर पर एनर्जी वैम्पायर कहा जाता है.

How To Know If Someone Is Draining Your Energy: हम सभी ने कभी न कभी यह अनुभव किया है कि किसी दोस्त से थोड़ी देर के लिए मिले या फोन पर बात की, और उसके बाद ऐसा लगे जैसे पूरे दिन की शिफ्ट करके आए हों. दिमाग सुस्त पड़ जाता है, मूड डाउन हो जाता है और आपकी सोशल बैटरी लगभग खत्म हो जाती है. आज के समय में, जब हम पहले ही बर्नआउट, काम के दबाव और लगातार आने वाली नोटिफिकेशन्स से जूझ रहे हैं, ऐसे लोग, जिन्हें आमतौर पर एनर्जी वैम्पायर कहा जाता है.
हेल्थ के बारे में जानकारी देने वाली संस्था clevelandclinic की रिपोर्ट के अनुसार, एनर्जी वैम्पायर हमारी ऊर्जा को और तेजी से खत्म कर देते हैं. जरूरी नहीं कि वे बुरे हों, लेकिन उनकी मौजूदगी आपको जितना देती है, उससे कहीं ज्यादा आपसे ले लेती है. साइकोलॉजी से जुड़े कई एक्सपर्ट्स मानते हैं कि लगातार इमोशनल खपत रिश्तों की क्वालिटी को प्रभावित करती हैय
पोस्ट-हैंगआउट फॉग
अगर किसी से बात कर जाने के बाद आपको अचानक बहुत ज्यादा थकान महसूस होती है. यहां तक कि आपको आराम की जरूरत पड़े, तो यह एक बड़ा संकेत है. यह सिर्फ शरीर की थकान नहीं, बल्कि मेंटल और इमोशनल थकावट होती है. अक्सर ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आप सामने वाले की भावनाओं को लगातार संभाल रहे होते हैं.
इससे बचने के लिए क्या करें
ऐसे में हमारे मन में एक सवाला आता है कि इससे बचने के लिए क्या करें. इसके लिए एक हफ्ते तक वाइब चेक करें. हर बातचीत से पहले और बाद में अपनी फीलिंग्स नोटिस करें. अगर हर बार बातचीत के बाद आप थके या खाली महसूस करते हैं, तो समय सीमित करें, जैसे कि आज मेरे पास सिर्फ 15 मिनट हैं.
कुछ लोग बातचीत में सिर्फ अपनी ही कहानी सुनाते हैं, उनकी परेशानी, उनका ब्रेकअप, उनकी उपलब्धियां. लेकिन जैसे ही आप अपनी बात कहना चाहें, वे अचानक व्यस्त हो जाते हैं. ऐसे में आप दोस्त कम और सुनने वाला ज्यादा बन जाते हैं. ऐसे में बातचीत को बैलेंस करने की कोशिश करें कि तुम्हारी बात समझ में आई, लेकिन मैं भी अपनी कुछ बातें शेयर करना चाहता था. अगर सामने वाला फिर भी आपको नजरअंदाज करे, तो यह साफ संकेत है कि वह आपको सुनने में रुचि नहीं रखता.
लगातार निगेटिविटी
कुछ लोग हर स्थिति में सिर्फ कमी निकालते हैं. हर बातचीत शिकायतों और समस्याओं से भरी होती है. यह निगेटिविटी धीरे-धीरे आपके दिमाग पर असर डालती है और तनाव बढ़ाती है. रिसर्च बताती है कि लगातार नेगेटिव बातचीत कोर्टिसोल लेवल बढ़ा सकती है, जिससे मानसिक थकान महसूस होती है. ऐसे में उनकी शिकायतों में ज्यादा उलझने के बजाय पूछें कि तो आप इसे कैसे संभालेंगे? इससे बातचीत का फोकस समाधान की ओर जाता है.
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ड्रामा से भरी जिंदगी
कुछ लोगों के जीवन में हर समय कोई न कोई नया विवाद या इमरजेंसी चलती रहती है. इससे निपटने के लिए ग्रे रॉक तरीका अपनाएं. मतलब खुद को शांत और कम प्रतिक्रिया देने वाला बनाएं. जब आप उनके ड्रामे में हिस्सा नहीं लेंगे, तो वे धीरे-धीरे दूरी बना लेंगे.
इमोशनल हैंगओवर
अगर किसी से मिलने या बात करने के बाद आप खुद को बेचैन, कमजोर या कमतर महसूस करते हैं, तो यह सबसे बड़ा संकेत है कि कुछ सही नहीं है. इससे बचने के लिए अपने मन और शरीर के संकेतों को नजरअंदाज न करें.
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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

























