Houses Color Law: अपनी मर्जी से नहीं रख सकते यहां घर का रंग, जानें क्यों बनाया गया यह अजीब कानून
Houses Color Law: सभी को अपने घरों को अपने मनपसंद रंग से रंगने की आजादी होती है. लेकिन दुनिया में एक जगह ऐसी भी है जहां लोगों को यह आजादी नहीं है. आइए जानते हैं कौन सी है वह जगह.

Houses Color Law: दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में अपने घर को पेंट करना एक निजी पसंद होती है. लेकिन इटली के रंग-बिरंगे द्वीप बुरानो में एक अलग कानून है. यहां घर के मालिक अपनी मर्जी से कोई भी रंग नहीं चुन सकते. इसके बजाय यहां पर एक सख्त नियम है. यहां सरकार इस बात को तय करती है कि आपके घर का रंग क्या हो सकता है. आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे की वजह.
सरकार द्वारा मंजूर रंगों की एक सूची
बुरानो में अगर आप अपने घर को दोबारा पेंट करना चाहते हैं तो आप बस पेंट की दुकान पर जाकर अपना पसंदीदा शेड नहीं चुन सकते. दरअसल आपको सबसे पहले स्थानीय नगर निगम अधिकारियों से अनुमति लेने के लिए आवेदन करना होगा. एक बार जब आवेदन जमा हो जाता है उसके बाद अधिकार आपके घर की जगह और आस पड़ोस के घरों के रंगों का मूल्यांकन करते हैं. इसके आधार पर वे मंजूर रंगों की एक खास सूची देते हैं. आपको इस सूची में से अपना मनपसंद रंग चुनना होता है. इससे यह पक्का होता है कि द्वीप अपनी मशहूर और देखने में एक जैसी दिखने वाली खूबसूरती को बनाए रखे.
एक जैसी रंग बिरंगी पहचान को बचाना
पहली नजर में यह नियम काफी ज्यादा पाबंदी वाला लग सकता है. लेकिन यह इस द्वीप के अनोखे आकर्षण को बचाने के लिए बड़ी भूमिका निभाता है. यह द्वीप दुनिया भर में अपने चमकीले और सलीके से बने घरों के लिए मशहूर है. इनमें से हर एक चमकीली लेकिन संतुलित रंगों में रंगा हुआ है. अगर निवासियों को आजादी से पेंट करने की अनुमति होती तो यह जानबूझकर बनाई गई एक जैसी पहचान जल्दी ही खत्म हो जाती.
कैसे हुई इसकी शुरुआत?
दरअसल यह परंपरा काफी पुरानी है. बुरानो लंबे समय से मछुआरों का घर रहा है. इन्हें समुद्र से लौटते समय अक्सर घने कोहरे का सामना करना पड़ता था. इस समस्या को हल करने के लिए उन्होंने अपने घरों को अलग-अलग चमकीले रंगों में पेंट करना शुरू कर दिया ताकि वह दूर से ही अपने घरों को आसानी से पहचान सकें.
परंपरा से कानून तक
जो चीज एक जरूरत के तौर पर शुरू हुई थी वह धीरे-धीरे यहां की पहचान बन गई. इस विरासत को बचाने के लिए स्थानीय प्रशासन ने आखिरकार इस प्रथा को एक औपचारिक नियम में बदल दिया. आज यह कानून इस बात को पक्का करता है कि द्वीप को ऐतिहासिक रूप से सुरक्षित रखा जाए और ऐसे मनमाने बदलावों को रोका जाए जो इसकी पहचान को कमजोर कर सकते हैं.
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Source: IOCL




























