ये हैं दुनिया के सबसे गंदे शहर, यहां सांस लेना भी है दूभर
World Dirtiest Cities: इन शहरों में गंदगी अब हवा, पानी और जिंदगी में घुल चुकी है. सवाल यह नहीं कि हालात कितने खराब हैं, सवाल यह है कि क्या ये शहर कभी फिर से सांस लेने लायक बन पाएंगे?

दुनिया के चमकते शहरों की तस्वीरें हम सब देखते हैं, लेकिन सच का दूसरा पहलू कहीं ज्यादा कड़वा है. कई ऐसे शहर भी हैं जहां हवा में घुली सड़ांध, जमीन पर बिखरा कचरा और आसमान को ढकता धुआं इतना भारी पड़ता है कि वहां कुछ मिनट खड़े रहना भी मुश्किल हो जाता है. सिर्फ गंदगी ही नहीं, इन शहरों में बुनियादी व्यवस्था की नाकामी, लापरवाह इंडस्ट्री और प्रशासन की उदासीनता ने हालात को इस कदर बिगाड़ दिया है कि यहां सांस लेना तक चुनौती बन चुका है. आइए उन शहरों के बारे में जानें.
बाकू: तेल की चमक में खो गया शहर का दम
अजरबैजान की राजधानी बाकू कभी अपनी काली सोने जैसी पहचान तेल के लिए मशहूर था. लेकिन यही तेल अब शहर की सबसे बड़ी मुसीबत बन गया है. लगातार औद्योगिकीकरण, कच्चे तेल का खुला रिसाव, समुद्र किनारे जमा रसायन और पुराने कारखानों का गंदा कचरा बाकू की हवा को इतना जहरीला बना चुका है कि तटीय इलाकों में चलते हुए आंखों में जलन तक महसूस होने लगती है. यहां की हवा भारी है, जमीन बदरंग है और समुद्र की खुशबू की जगह अब रासायनिक बदबू ने ले ली है.
पोर्ट-औ-प्रिंस: कचरे में दबी राजधानी
हैती की राजधानी पोर्ट-औ-प्रिंस में गंदगी सिर्फ सड़कों पर नहीं, पूरी व्यवस्था में घुली दिखाई देती है. शहर में कचरा उठाने की व्यवस्था लगभग नाम मात्र है, सीवेज सिस्टम टूट चुका है और पीने के पानी का हाल इतना खराब है कि लोग बीमारियों से जूझते रहते हैं. बरसात आते ही नालों का गंदा पानी सड़कों पर फैल जाता है और पूरा शहर मानो कचरे की नदी में बदल जाता है. यहां साफ हवा पाना किसी चमत्कार से कम नहीं लगता है.
ढाका: भीड़, धुआं और बेबस सड़कें
दक्षिण एशिया के सबसे व्यस्त शहरों में गिना जाने वाला ढाका जनसंख्या दबाव के नीचे सांसें गिन रहा है. लाखों वाहनों का धुआं, संकरी गलियां, तंग बाजार और कचरे का पहाड़ हर तरफ फैला दिखाई देता है. शहरी योजना की कमी ऐसी है कि कूड़े के डंप अक्सर आवासीय इलाकों के पास बना दिए जाते हैं. सड़कों पर लगातार जमा कचरा और खुले नाले यहां के वातावरण को हमेशा अस्वच्छ बनाए रखते हैं.
एंटानानारिवो: कचरे और बदबू की गिरफ्त में
मेडागास्कर की राजधानी एंटानानारिवो में गंदगी का आलम इतना गंभीर है कि शहर की पहचान ही बदल चुकी है. गरीबी और प्रशासन की लापरवाही के कारण सफाई व्यवस्था वर्षों से चरमराई हुई है. सड़कों पर हर मोड़ पर कूड़े के ऊंचे ढेर और खुले नालों से उठती बदबू यात्रियों को परेशान करती है. लोकल मार्केट भी अक्सर इसी गंदगी के बीच संचालित होते हैं, जिससे बीमारियों का खतरा लगातार बना रहता है.
पोर्ट हारकोर्ट: तेल की राजधानी में जहर की धुंध
नाइजीरिया के पोर्ट हारकोर्ट में तेल उद्योग से पैदा हुआ प्रदूषण शहर की सबसे भयावह समस्या है. काला धुआं, हवा में घुला तेलीय तत्व और सीवर सिस्टम की दयनीय स्थिति इसे अफ्रीका के सबसे प्रदूषित शहरों में खड़ा कर देती है. खुले में फेंका गया ठोस कचरा, टूटी नालियों की बदबू और हर वक्त हवा में तैरता धुंध का परदा यहां की जिंदगी को बेहद मुश्किल बना देता है.
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Source: IOCL
























