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होर्मुज स्ट्रेट को कब्जे में लेना क्यों है इतना मुश्किल, क्यों नहीं कब्जा कर पा रही अमेरिकी सेना

Indian Military Strait Of Hormuz: होर्मुज में जारी वैश्विक तनाव के बीच भारतीय नौसेना की सक्रियता ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. सवाल यह है कि अमेरिका के लिए होर्मुज पर कब्जा करना इतना मुश्किल क्यों है.

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  • ईरान का होर्मुज जलडमरूमध्य पर मजबूत सैन्य नियंत्रण है.
  • भौगोलिक बनावट, संकरी लेनें, ईरान का सुरक्षा तंत्र.
  • छोटी नावें, खदानें, मिसाइलें, असममित युद्ध रणनीति प्रभावी.
  • बड़े युद्धपोत सीमाबद्ध, संघर्ष से वैश्विक ऊर्जा संकट.

दुनिया का सबसे व्यस्त और संवेदनशील समुद्री रास्ता 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' इस समय बारूद के ढेर पर बैठा है. अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी और ईरान की जवाबी धमकियों के बीच, भारतीय युद्धपोतों की मौजूदगी ने वैश्विक शक्तियों का ध्यान खींचा है. लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि अमेरिका इसको आसानी से अबने कब्जे में क्यों नहीं ले पा रहा है? यह सवाल जितना रोमांचक लगता है, इसकी जमीनी हकीकत उतनी ही रणनीतिक और गंभीर है. आइए समझ लेते हैं.

होर्मुज की जटिल सैन्य स्थिति

होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान का दबदबा एक कड़वी सच्चाई है. ईरान के पास ऐसी उन्नत जहाज-रोधी मिसाइलें (Anti-ship missiles) मौजूद हैं, जो पलक झपकते ही किसी भी लक्ष्य को ध्वस्त करने में सक्षम हैं. ऐसी परिस्थितियों में किसी भी बाहरी देश के लिए, चाहे वह अमेरिका ही क्यों न हो, इस पूरे इलाके को चंद घंटों में अपने कब्जे में लेना सैन्य रूप से अत्यंत चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरा है. यहां की भौगोलिक स्थिति और ईरानी सुरक्षा तंत्र का जाल किसी भी बड़े सैन्य हस्तक्षेप को एक भीषण संघर्ष में बदलने की पूरी क्षमता रखता है.

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भूगोल का ऐसा जाल जिसे भेदना नामुमकिन

होर्मुज जलडमरूमध्य की भौगोलिक बनावट ही इसका सबसे बड़ा रक्षा कवच है. इसका सबसे संकरा हिस्सा मात्र 21 मील चौड़ा है, जिसमें से जहाजों की आवाजाही के लिए केवल दो-दो मील की दो लेन उपलब्ध हैं. इसका उत्तरी किनारा पूरी तरह से ईरान के अधिकार क्षेत्र में आता है, जहां की चट्टानी और गुफाओं से भरी जमीन प्राकृतिक दुर्ग की तरह काम करती है. ईरान के पास इन दुर्गम गुफाओं और कुश्म, होर्मुज व लराक जैसे द्वीपों का एक ऐसा जाल है, जहां से मिसाइलें और ड्रोन पलक झपकते ही दागे जा सकते हैं. किसी भी बड़े युद्धपोत के लिए यह इलाका एक 'किल जोन' में तब्दील हो जाता है, जहां से बच निकलना बेहद कठिन है.

छोटी नावों और खदानों का घातक चक्रव्यूह

ईरान की नौसैनिक ताकत उसकी पारंपरिक जहाजों की संख्या में नहीं, बल्कि असममित युद्ध रणनीति में निहित है. अमेरिकी विशालकाय जहाजों के सामने ईरान की ताकत उसके हजारों समुद्री खदानों और सैकड़ों तेज रफ्तार स्पीडबोट्स में छिपी है. ये समुद्री खदानें इतने उथले पानी में छिप सकती हैं कि उन्हें ढूंढना और नष्ट करना आधुनिक नौसेना के लिए भी एक बुरा सपना है. वहीं, रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की छोटी नावें स्वार्म अटैक (झुंड में हमला) करने में माहिर हैं, जो रडार को चकमा देकर बड़े युद्धपोतों के करीब पहुंच सकती हैं. इसके अलावा, छिपी हुई एंटी-शिप मिसाइलें इस इलाके को हर पल खतरे से भरा रखती हैं.

विशालकाय युद्धपोतों की सीमाएं और जोखिम

अमेरिकी विमान वाहक पोत, जो खुले समुद्र में अपनी ताकत का लोहा मनवाते हैं, होर्मुज के छिछले और संकरे पानी में अपनी गतिशीलता खो देते हैं. ऐसी स्थिति में वे ईरान की तट-आधारित मिसाइलों के लिए आसान लक्ष्य बन जाते हैं. दूसरी तरफ, यदि अमेरिका इस क्षेत्र पर जबरन कब्जा करने की कोशिश करता है, तो उसे न केवल भारी सैन्य क्षति और सैनिकों के जीवन का जोखिम उठाना पड़ेगा, बल्कि यह एक वैश्विक ऊर्जा संकट को भी जन्म देगा. होर्मुज का बंद होना सीधे तौर पर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिला देने के बराबर है, क्योंकि तेल की वैश्विक आपूर्ति इसी पर टिकी है.

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About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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