एक्सप्लोरर

552 लोकसभा सीटें लेकिन चुनाव केवल 543 पर! जान लीजिए इसके पीछे का सच

भारतीय संविधान के अनुसार लोकसभा में अधिकतम 552 सीटें हो सकती हैं, लेकिन चुनाव केवल 543 सीटों पर ही क्यों होते हैं? चलिए जानते हैं इसके पीछे क्या कारण है ऐसा क्यों होता है.

हमारे देश में जिस तरह अलग अलग चीजों को लेकर कानून है उसी तरह लोकसभा सीटों के बंटवारे लेकर भी कुछ नियम बना है. जिस राज्य की जितनी ज्यादा जनसंख्या होती है उसको उतनी ज्यादा सीटें मिलती हैं. भारतीय संविधान के अनुसार लोकसभा में अधिकतम 552 सीटें हो सकती हैं, लेकिन चुनाव केवल 543 सीटों पर ही क्यों होते हैं? पिछले कुछ सालों में नए राज्य और यहां तक कि केंद्र शासित प्रदेश भी बने हैं तो लेकिन फिर भी लोकसभा में केवल 543 सीटें है ऐसा क्यों आइए इसके पीछे का सच जानते हैं.

लोकसभा में अधिकतम कितने सदस्य हो सकते हैं?

भारत का लोकतंत्र दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और लोकसभा इसका निचला सदन है. जो देश की जनता का प्रतिनिधित्व करता है. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 81 के अनुसार, लोकसभा में अधिकतम 552 सदस्य हो सकते हैं. इनमें से 530 सीटें राज्यों का प्रतिनिधित्व करती हैं, जबकि 20 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए निर्धारित हैं. इसके अलावा दो सीटें एंग्लो-इंडियन समुदाय के लिए नामांकन द्वारा भरी जा सकती थीं.

चुनाव सिर्फ 543 सीटों पर ही क्यों?

लेकिन, अब सवाल यह है कि अगर संविधान में 552 सीटों का प्रावधान है, तो फिर 543 सीटों पर ही क्यों रुका गया? तो आपको बता दें 1952 में पहली लोकसभा में 497 सीटें थीं. जैसे-जैसे नए राज्य और केंद्र शासित प्रदेश बने सीटों की संख्या बढ़ी. 1956 में संविधान संशोधन के बाद केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 20 सीटें जोड़ी गईं. जिससे अधिकतम सीमा 520 हो गई. फिर, 1976 तक सीटें बढ़कर 545 हो गईं, जिसमें 543 निर्वाचित और 2 नामांकित (एंग्लो-इंडियन) सीटें शामिल थीं.

सीटें बढ़ने की संभावना

1976 में परिसीमन पर अस्थायी रोक लगा दी गई थी, जो 2001 तक लागू रही. 91वें संवैधानिक संशोधन के तहत यह रोक 2026 तक बढ़ा ली गई. इसका मतलब है कि 2026 तक लोकसभा की सीटें 543 ही रहेंगी. लेकिन, 2026 के परिसीमन के बाद संभावना है कि लोकसभा के सीटों की संख्या बढ़ सकती है. बता दें कि लोकसभा की सीटों की संख्या को जनसंख्या के आधार पर समायोजित करने की प्रक्रिया को परिसीमन कहते हैं. इतना ही नहीं माना जा रहा है कि 2029 में लोकसभा चुनाव परिसीमन के बाद 543 की बजाए साढ़ें सात सौ सीटों के लिए हो सकता है.

इसे भी पढ़ें- ये है भारत का सबसे जहरीला सांप! जंगल का राजा भी भरता है इसके आगे पानी

About the author नेहा सिंह

नेहा सिंह बीते 6 साल से डिजिटल मीडिया की दुनिया से जुड़ी हैं. उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जनपद से ताल्लुक रखती हैं. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद हैदराबाद स्थित ईटीवी भारत से साल 2019 में अपने करियर की शुरुआत की. यहां पर दो साल तक बतौर कंटेट एडिटर के पद पर काम किया इस दौरान उन्हें एंकरिंग का भी मौका मिला जिसमें उन्होंने बेहतरीन काम किया.

फिर देश की राजधानी दिल्ली का रुख किया, यहां प्रतिष्ठित चैनलों में काम कर कलम को धार दी. पहले इंडिया अहेड के साथ जुड़ीं और कंटेंट के साथ-साथ वीडियो सेक्शन में काम किया. 

इसके बाद नेहा ने मेनस्ट्रीम चैनल जी न्यूज में मल्टीमीडिया प्रोड्यूसर के पद पर अपनी सेवाएं दीं. जी न्यूज में रहते हुए नेशनल और इंटरनेशनल मुद्दों पर एक्सप्लेनर वीडियो क्रिएट किए.

इसी बीच प्रयागराज महाकुंभ के दौरान कुलवृक्ष संस्थान से जुड़कर महाकुंभ भी कवर किया, साधु-संतों का इंटरव्यू किया. लोगों से बातचीत करके उनके कुंभ के अनुभव और समस्याओं को जाना.

वर्तमान में नेहा एबीपी लाइव में कार्यरत हैं, जहां पर नॉलेज सेक्शन में ऐसी खबरों को एक्सप्लेन करती हैं, जिनके बारे में आम पाठक को रुचि होती है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

FIFA या फिर ICC, जानिए किस बोर्ड के पास है पैसों की भरमार; कौन है ज्यादा अमीर?
FIFA या फिर ICC, जानिए किस बोर्ड के पास है पैसों की भरमार; कौन है ज्यादा अमीर?
White House: व्हाइट हाउस में कितने कमरे हैं, राष्ट्रपति के अलावा वहां कौन-कौन रहता है?
व्हाइट हाउस में कितने कमरे हैं, राष्ट्रपति के अलावा वहां कौन-कौन रहता है?
अयोध्या के राम मंदिर में कितने कमरे, इसमें कहां गिना जाता है दान में मिलने वाला कैश?
अयोध्या के राम मंदिर में कितने कमरे, इसमें कहां गिना जाता है दान में मिलने वाला कैश?
Keir Starmer Resignation: ब्रिटेन में राजा ज्यादा ताकतवर है या प्रधानमंत्री, जानें किसके इशारे पर चलता है देश
ब्रिटेन में राजा ज्यादा ताकतवर है या प्रधानमंत्री, जानें किसके इशारे पर चलता है देश

वीडियोज

Lucknow Coaching Centre Fire: लखनऊ अग्निकांड: न भागने की जगह, न बचने का चांस...ऐसे काल बन गई कोचिंग!
Rajkumar Hirani ने दिया बड़ा अपडेट, जल्द लौट सकते हैं Munna Bhai और 3 Idiots
नई SUV खरीदनी है? July में launch होंगी ये सबसे बड़ी SUVs! #suv #autolive
Sansani | Crime News: लखनऊ अग्निकांड...15 बच्चों का कातिल कौन ? | Lucknow Coaching Fire
Lucknow Coaching Center Fire: लखनऊ अग्निकांड पर योगी का सबसे बड़ा फैसला | Yogi | Latest News

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
India-US Trade Deal: भारत-अमेरिका की 500 अरब डॉलर की डील पर फैसला कब? दिल्ली में हुई बड़ी बैठक
भारत-अमेरिका की 500 अरब डॉलर की डील पर फैसला कब? दिल्ली में हुई बड़ी बैठक
राम मंदिर चढ़ावा मामले में SIT रिपोर्ट में चोरी का जिक्र! ट्रस्ट के पदाधिकारियों पर भी गंभीर सवाल
राम मंदिर चढ़ावा मामले में SIT रिपोर्ट में चोरी का जिक्र! ट्रस्ट के पदाधिकारियों पर भी गंभीर सवाल
El Nino Impact: NASA ने डराया! प्रशांत महासागर में खतरनाक अल नीनो एक्टिव, भारत पर मंडराया बड़ा खतरा
NASA ने डराया! प्रशांत महासागर में खतरनाक अल नीनो एक्टिव, भारत पर मंडराया बड़ा खतरा
सलमान-संजय दत्त पर पैप्स ने पूछा ऐसा सवाल की भड़क उठे रितेश देशमुख, बोले- 'मुझे जवाब नहीं देना'
सलमान-संजय दत्त पर पैप्स ने पूछा ऐसा सवाल की भड़के रितेश देशमुख, बोले- 'मुझे जवाब नहीं देना'
IND Vs ENG T20 Series 2026: वैभव सूर्यवंशी से पहले इंग्लैड क्यों पहुंचे उनके पिता,अरबपति बिजनेसमैन से की मुलाकात, जानिए वजह
वैभव सूर्यवंशी से पहले इंग्लैड क्यों पहुंचे उनके पिता,अरबपति बिजनेसमैन से की मुलाकात, जानिए वजह
कांग्रेस संगठन में होंगे बड़े फेरबदल, 4 महासचिवों की होगी छुट्टी, इन राज्यों में बदलेंगे प्रभारी
कांग्रेस संगठन में होंगे बड़े फेरबदल, 4 महासचिवों की होगी छुट्टी, इन राज्यों में बदलेंगे प्रभारी
Skin Problems: महंगे फेसवॉश-क्रीम भी फेल! पिंपल्स और चेहरे के दाग-धब्बों के कारण क्या हैं, डॉक्टर से जानें
महंगे फेसवॉश-क्रीम भी फेल! पिंपल्स और चेहरे के दाग-धब्बों के कारण क्या हैं, डॉक्टर से जानें
बायोगैस प्लांट बनाने के लिए कितनी सब्सिडी देती है सरकार, हर महीने मिलेगी दो सिलेंडर जितनी गैस
बायोगैस प्लांट बनाने के लिए कितनी सब्सिडी देती है सरकार, हर महीने मिलेगी दो सिलेंडर जितनी गैस
Embed widget