PUSU Elections: पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव में अध्यक्ष पद पर NSUI का कब्जा, शांतनु शेखर ने दर्ज की जीत
PUSU Elections Result: पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव में NSUI ने अध्यक्ष और महासचिव पद पर जीत दर्ज की. शांतनु शेखर 2896 वोट पाकर अध्यक्ष बने. संयुक्त सचिव और कोषाध्यक्ष पद पर ABVP ने बाजी मारी.

पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव में इस बार कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अध्यक्ष और महासचिव जैसे अहम पदों पर जीत दर्ज की है. चुनाव नतीजे आने के बाद कैंपस में जश्न का माहौल देखने को मिला. अध्यक्ष पद के लिए NSUI के प्रत्याशी शांतनु शेखर ने 2896 वोट हासिल कर बाजी मारी. उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी छात्र जेडीयू के प्रिंस राज को बड़े अंतर से हराया. प्रिंस राज को 1400 वोट मिले और वे दूसरे स्थान पर रहे.
उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार का कमाल
उपाध्यक्ष पद पर मुकाबला काफी दिलचस्प रहा. निर्दलीय उम्मीदवार उमड़ सिफत फैज ने 71 वोटों से जीत दर्ज की. सिफत फैज को 1568 वोट मिले, जबकि छात्र जेडीयू के आयुष हर्ष को 1497 वोट मिले. यहां भी छात्र जेडीयू दूसरे नंबर पर रहा.
महासचिव पद पर NSUI की खुशी की जीत
महासचिव पद के लिए NSUI और छात्र राजद के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली. NSUI की उम्मीदवार खुशी ने 2164 वोट पाकर जीत दर्ज की. छात्र राजद के प्रत्युष राज को 1611 वोट मिले और वे दूसरे स्थान पर रहे.
पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में NSUI की अध्यक्ष व महासचिव पद पर पहली बार ऐतिहासिक जीत के लिए देश भर के सभी छात्र-छात्राओं और कार्यकर्ताओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं
पटना विश्वविद्यालय के छात्रों ने आज यह सिद्ध कर दिया है कि सत्ता के दमन और नफ़रत का जवाब मोहब्बत की… pic.twitter.com/zh5EgTSuLT
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इस चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने भी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई. संयुक्त सचिव पद पर अभिषेक शर्मा ने जीत हासिल की. वहीं कोषाध्यक्ष पद पर ABVP के हर्षवर्धन ने बाजी मारी. अभिषेक को 2143 वोट मिले है. उन्होंने NSUI के मनौव्वर आजम को 392 वोटों से हराया है.
5 केंद्रीय पदों पर अलग-अलग दलों का प्रदर्शन
पटना यूनिवर्सिटी के सेंट्रल पैनल के पांच पदों में अध्यक्ष और महासचिव पर NSUI का कब्जा रहा. संयुक्त सचिव और कोषाध्यक्ष पद ABVP के खाते में गए, जबकि उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार की जीत हुई. छात्र जेडीयू, छात्र राजद और वाम दलों की इकाई आइसा को इस बार कोई केंद्रीय पद नहीं मिल सका. कुल मिलाकर इस चुनाव में छात्रों ने अलग-अलग संगठनों को मौका दिया, लेकिन सबसे ज्यादा फायदा NSUI को हुआ.
Source: IOCL























