क्या पीएम मोदी को दे सकते हैं खुद की शादी का न्योता, क्या होता है इसका प्रोटोकॉल?
लोगों के बीच में एक नया सवाल खड़ा हो गया कि जिस तरह से सेलिब्रिटी अपनी शादी का कार्ड प्रधानमंत्री को देने पहुंचते हैं उसी तरह से क्या आम नागरिक भी अपनी शादी का न्योता पीएम को दे सकता है.

हाल ही में अभिनेत्री रश्मिका मंदाना और अभिनेता विजय देवरकोंडा की शादी चर्चा में चल रही है. रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा ने उदयपुर में शादी की. वहीं शादी से पहले दोनों ने दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और उन्हें अपने वेडिंग रिसेप्शन का इनविटेशन दिया. वहीं शादी के बाद रश्मिका और विजय देवरकोंडा की पीएम मोदी से मुलाकात की तस्वीरें भी सामने आई. जिसके बाद लोगों के बीच में एक नया सवाल खड़ा हो गया कि जिस तरह से सेलिब्रिटी अपनी शादी का कार्ड प्रधानमंत्री को देने पहुंचते हैं उसी तरह से क्या आम नागरिक भी अपनी शादी का न्योता पीएम को दे सकता है और इसकी प्रक्रिया क्या होती है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि क्या खुद की शादी का न्योता पीएम मोदी को दे सकते हैं और इसका प्रोटोकॉल क्या है.
क्या आम नागरिक भी पीएम को भेज सकते हैं निमंत्रण?
हमारा देश एक लोकतांत्रिक देश है और लोकतांत्रिक देश में हर नागरिक को अपने पीएम से संपर्क करने का अधिकार होता है. जिसका मतलब यह है कि आप अपनी शादी का कार्ड भी पीएम को भेज सकते हैं. हालांकि यह पूरी तरह अलग बात है कि पीएम समारोह में शामिल हो पाएंगे या नहीं. दरअसल देश के प्रधानमंत्री के सभी कार्यक्रम पहले से तय होते हैं और सुरक्षा से जुड़ी कई औपचारिकताएं भी होती है. ऐसे में यह जरूरी नहीं होता है कि पीएम सभी की शादी में शामिल हो.
पीएम को कैसे भेज सकते हैं शादी का न्योता?
अगर कोई व्यक्ति पीएम को शादी का न्योता भेजना चाहता है, तो वह प्रधानमंत्री कार्यालय के एड्रेस पर कार्ड से भेज सकता है. कार्ड सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय,नई दिल्ली के एड्रेस पर भेजा जा सकता है. इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास के एड्रेस पर भी डाक के माध्यम से निमंत्रण भेजने का ऑप्शन मौजूद होता है. वहीं आमतौर पर ऐसे निमंत्रण संबंधित विभाग के जरिए दर्ज किए जाते हैं.
मिलकर भी दे सकते हैं निमंत्रण
वहीं जो लोग व्यक्तिगत रूप से पीएम को शादी का न्योता देना चाहते हैं, उन्हें पहले अपॉइंटमेंट लेना होता है. प्रधानमंत्री से मुलाकात के लिए अनुरोध प्रधानमंत्री कार्यालय के माध्यम से ही किया जाता है. इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध है. ऑनलाइन अनुरोध करते समय व्यक्ति को अपनी पूरी जानकारी और मिलने का कारण स्पष्ट रूप से बताना होता है. इसके बाद अधिकारी अनुरोध की जांच करते हैं. वहीं जरूरी समझे जाने पर ही मुलाकात की अनुमति दी जाती है. इसके अलावा देशभर से बड़ी संख्या में निमंत्रण पीएम कार्यालय तक पहुंचते हैं. ऐसे में सुरक्षा, समय और अधिकारिक कार्यक्रमों के कारण हर फंक्शन में शामिल होना संभव नहीं होता है. इसलिए कई बार प्रधानमंत्री की ओर से शुभकामना मैसेज भेजा जाता है.
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Source: IOCL


























