एक्सप्लोरर

Truck Slogan: ट्रकों के पीछे क्यों लिखते हैं Use Dipper At night, इसका कंडोम से क्या कनेक्शन?

Truck Slogan: भारत में ट्रैकों के पीछे Use Dipper At Night लिखा होता है. आइए जानते हैं कि यह क्यों लिखते हैं और इसका संबंध कंडोम से कैसे है.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • ट्रकों पर 'डिपर' का अर्थ हेडलाइट्स की लो बीम था।
  • बाद में यह नारा HIV/AIDS जागरूकता अभियान से जुड़ा।
  • अभियान में 'डिपर' कंडोम हाइवे पर सस्ते बेचे गए।
  • यह नारा सड़क सुरक्षा व जन स्वास्थ्य का दोहरा संदेश देता।

Truck Slogan: 'Use Dipper at night' यह तो आपने कई ट्रकों के पीछे लिखा देखा होगा. लेकिन आपको बता दें कि यह सड़क सुरक्षा और हेडलाइट के सही इस्तेमाल से जुड़े होने के साथ-साथ एचआईवी/ एड्स जागरूकता अभियान और एक खास तौर से लॉन्च किए गए कंडोम ब्रांड से भी जुड़ा हुआ है. आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे की पूरी सच्चाई.

क्या था इसका मूल उद्देश्य? 

ट्रकों पर रात में डिपर का इस्तेमाल करें लिखने का प्राथमिक कारण अंधेरे के बाद सुरक्षित ड्राइविंग को प्रोत्साहित करना था. ड्राइविंग शब्दावली में डिपर वाहन की हेडलाइट की लो बीम सेटिंग को कहा जाता है. जब रात में दो वाहन एक दूसरे के पास आते हैं तो ड्राइवरों से हाई बीम हेडलाइट से लो बीम लाइट पर स्विच करने की अपेक्षा की जाती है. यह तेज रोशनी से आने वाले चालक को अस्थायी रूप से अंधा होने से रोकता है. इससे दोनों वाहनों को विजिबिलिटी बनाए रखने और दुर्घटना की संभावना को कम करने में मदद मिलती है. 

यह भी पढ़ेंः देश क्यों खरीदते हैं कटे-फटे टायर, जानें कहां होता‌ है इनका इस्तेमाल?

क्या है इसका कंडोम से संबंध 

मशहूर राजमार्ग नारे को 2016 में एक सार्वजनिक स्वास्थ्य अभियान के जरिए से पूरी तरह से अलग मतलब मिला.  भारत के ट्रक निर्माता टाटा मोटर्स ने लंबी दूरी के ट्रक ड्राइवर के बीच एचआईवी/ एड्स और सुरक्षित यौन प्रथाओं के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन के साथ साझेदारी की. अब क्योंकि Use Dipper At Night पहले से ही ट्रक ड्राइवर से परिचित था इस अभियान ने चतुराई से इसे दोहरे प्रवेशक के रूप में दोबारा से इस्तेमाल किया. पहल के हिस्से के रूप में डिपर नाम से एक कंडोम ब्रांड पेश किया गया था. 

राजमार्ग पर बांटा गया कंडोम 

अभियान को प्रभावी बनाने के लिए डिपर कंडोम को सस्ता और काफी आसानी से सुलभ बनाया गया. तीन कंडोम वाले एक पैक की कीमत सिर्फ ₹2 थी और इसे राजमार्ग ढाबों, पेट्रोल पंप, टायर की दुकान और वाहन मरम्मत कार्यशालाओं के साथ ट्रक ड्राइवर द्वारा आमतौर पर जाने वाले स्थान पर बेचा गया. 

दो संदेशों वाला एक नारा 

हालांकि Use Dipper At Night मुख्य रूप से सुरक्षित ड्राइविंग से जुड़ा हुआ है मगर यह इस बात का भी उदाहरण है कि कैसे एक सुरक्षा नारे को सार्वजनिक स्वास्थ्य पहल के लिए चुना गया था. अभियान ने इस बात को दर्शाया कि कैसे लाखों ड्राइवर द्वारा देखे जाने वाले रोजमर्रा के संदेश को नारे को बदले बिना जिम्मेदार व्यवहार और बीमारी की रोकथाम के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए एक उपकरण में बदला जा सकता है.

यह भी पढ़ेंः क्या सच में दुनिया में होते हैं एक शक्ल के 7 लोग? जानें इसके पीछे का साइंस और इसकी असलियत

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Ayodhya Ram Mandir Controversy: मस्जिद के लिए वक्फ बोर्ड और मंदिर के लिए ट्रस्ट, जानें क्या है दोनों के संचालन तरीके में फर्क?
मस्जिद के लिए वक्फ बोर्ड और मंदिर के लिए ट्रस्ट, जानें क्या है दोनों के संचालन तरीके में फर्क?
Gender Pay Gap India: बड़े शहरों में पुरुषों से 23% कम कमा रहीं महिलाएं, मेहनत पूरी फिर सैलरी क्यों है अधूरी?
बड़े शहरों में पुरुषों से 23% कम कमा रहीं महिलाएं, मेहनत पूरी फिर सैलरी क्यों है अधूरी?
NGO से कितना अलग होता है ट्रस्ट का कामकाज, 'राम मंदिर चंदा चोरी' विवाद के लिए जान लीजिए जवाब?
NGO से कितना अलग होता है ट्रस्ट का कामकाज, 'राम मंदिर चंदा चोरी' विवाद के लिए जान लीजिए जवाब?
यूरोप में भयंकर गर्मी तो भारत में सूखे के आसार, किस खतरनाक तबाही की ओर इशारा कर रहा यह कनेक्शन
यूरोप में भयंकर गर्मी तो भारत में सूखे के आसार, किस खतरनाक तबाही की ओर इशारा कर रहा यह कनेक्शन
Advertisement

वीडियोज

Aamir Khan की शादी में Kiran Rao क्यों नहीं दिखीं?
Vaibhav Sooryavanshi: डेब्यू कैप पाते ही रो पड़े वैभव सूर्यवंशी! 15 साल की उम्र में रच दिया इतिहास!.
Diljit Dosanjh की Sutluj रिलीज के 2 दिन बाद ही ZEE5 से क्यों हटाई गई?
Hyundai Creta Electric अब ₹10.99 लाख में! BAAS क्या है? सस्ती EV का पूरा सच | Creta EV Explained
Shilpa Shinde की धमाकेदार एंट्री, Lock Upp 2 में बढ़ेगा ड्रामा
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
खामनेई की आखिरी सलामी में जाने से इन 3 मुस्लिम देशों का इनकार, कैसे तेहरान के चलते बंट गया इस्लामिक वर्ल्ड
खामनेई की आखिरी सलामी में जाने से इन 3 मुस्लिम देशों का इनकार, कैसे तेहरान के चलते बंट गया इस्लामिक वर्ल्ड
'मुझे विधानसभा सीट के नाम पर झुनझुना पकड़ा दिया', जीतन राम मांझी का छलका दर्द, चिराग पर क्यों भड़के?
'मुझे विधानसभा सीट के नाम पर झुनझुना पकड़ा दिया', जीतन राम मांझी का छलका दर्द, चिराग पर क्यों भड़के?
England Vs Mexico Pre Quarter Match:इंग्लैंड ने प्री-क्वार्टर मैच में मेक्सिको को हराया, जूड बेलिंगहैम ने 90 सेकंड में दो गोल दाग कर रचा इतिहास
इंग्लैंड ने प्री-क्वार्टर मैच में मेक्सिको को हराया, जूड बेलिंगहैम ने 90 सेकंड में दो गोल दाग कर रचा इतिहास
Satluj: बैन के बाद प्रोजेक्टर लगाकर 'सतलुज' देख रहे लोग, दिलजीत दोसांझ बोले- अब ये फिल्म नहीं रुकेगी
बैन के बाद प्रोजेक्टर लगाकर 'सतलुज' देख रहे लोग, दिलजीत दोसांझ बोले- अब ये फिल्म नहीं रुकेगी
इस देश में 90% मुसलमान फिर भी राष्ट्रीय ग्रंथ जैसा महाभारत-रामायण, जानें हिन्दुओं का कैसा दबदबा
इस देश में 90% मुसलमान फिर भी राष्ट्रीय ग्रंथ जैसा महाभारत-रामायण, जानें हिन्दुओं का कैसा दबदबा
Explained: अग्निपथ स्कीम में 75% को मिलेगी पक्की नौकरी! तीनों सेनाओं ने क्यों मांगे ज्यादा अग्निवीर, बदलाव कितना मुमकिन?
75% अग्निवीरों को मिलेगी पक्की नौकरी! तीनों सेनाओं ने क्यों मांगे ज्यादा सैनिक, क्या असर होगा?
'गेहूं साफ करने की निंजा टेक्निक' गांव के लड़ने ने लगाया गजब का दिमाग- वीडियो देख हैरान रह गए लोग
'गेहूं साफ करने की निंजा टेक्निक' गांव के लड़ने ने लगाया गजब का दिमाग- वीडियो देख हैरान रह गए लोग
नीरव मोदी का भारत प्रत्यार्पण का रास्ता साफ, कोर्ट में आखिरी कानूनी लड़ाई भी हारा भगोड़ा हीरा कारोबारी
नीरव मोदी के प्रत्यार्पण का रास्ता साफ, कोर्ट में आखिरी कानूनी लड़ाई भी हार गया हीरा कारोबारी
Embed widget