इस देश में 90% मुसलमान फिर भी राष्ट्रीय ग्रंथ जैसा महाभारत-रामायण, जानें हिन्दुओं का कैसा दबदबा
PM Modi Visit Indonesia: भारत और इंडोनेशिया का आपसी रिश्ता इतिहास के पन्नों में बहुत पुराना है. ईसा पूर्व के दौर से ही भारतीय नाविकों और व्यापारियों का वहां लगातार आना-जाना लगा रहा.

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन देशों की यात्रा पर निकले हैं. इस दौरे के पहले चरण में वह इंडोनेशिया पहुंचने वाले हैं, जहां वह 6 से लेकर 8 जुलाई तक रहेंगे. इस दौरान वह दोनों देशों के बूीच कई क्षेत्रों में साझेदारी को गहरा करने पर जोर देंगे. इसके अलावा, भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात करेंगे. पीएम मोदी के इंडोनेशिया यात्रा के कई उद्देश्य हैं. दुनिया का सबसे बड़ा मुस्लिम बहुल देश होने के बावजूद इंडोनेशिया में हिंदू संस्कृति की जड़ें बहुत गहरी हैं.
भारत और इंडोनेशिया की सदियों पुरानी सांस्कृतिक
भारत और इंडोनेशिया का आपसी रिश्ता इतिहास के पन्नों में बहुत पुराना है. ईसा पूर्व के दौर से ही भारतीय नाविकों और व्यापारियों का वहां लगातार आना-जाना लगा रहा. इसी आवाजाही के चलते इंडोनेशिया की धरती पर बौद्ध और हिंदू धर्म की जड़ें बेहद गहरी हो गईं. प्राचीन समय में वहां श्रीविजया, मजापहित और गजाह मधा जैसे महान साम्राज्यों का उदय हुआ, जिनकी संस्कृति और नामकरण में भारतीय झलक स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है. दिलचस्प बात ये है कि इंडोनेशिया की आधिकारिक भाषा ‘बहासा इंडोनेशिया’ में आज भी संस्कृत के अनगिनत शब्द रचे-बसे हैं, जो इस ऐतिहासिक जुड़ाव को और मज़बूत करते हैं.
रामायण और महाभारत से जुड़ी साझा विरासत
इंडोनेशिया के समाज में महाभारत और रामायण को केवल बाहरी कथाएं नहीं, बल्कि अपनी खुद की अनमोल धरोहर माना जाता है. वहां के पारंपरिक त्योहारों, कलात्मक नृत्यों और मशहूर पपेट (कठपुतली) शो में राम, हनुमान, अर्जुन और कौरवों जैसे पौराणिक पात्र दिखते हैं. इंडोनेशिया के नागरिकों के सामने इन महाकाव्यों का ज़िक्र करने पर वे इन्हें पूरे गर्व के साथ अपना बताते हैं. हालांकि, समय के साथ उनकी कहानियों के ताने-बाने में थोड़ा स्थानीय बदलाव जरूर आया, लेकिन संदेश और मुख्य कथा आज भी वही है.
इंडोनेशिया में दशहरा से पहले रामलीला का अद्भुत स्वरूप देखने को मिलता है. इस दौरान कलाकार रंगमंच पर रामायण के स्वरूप में सज-धजकर उतरते हैं और इस महागाथा को जीवंत करते हैं. सबसे खूबसूरत बात तो ये है कि इन किरदारों को निभाने वाले कलाकारों में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लोग शामिल होते हैं.
बाली में हिंदू आबादी सबसे ज्यादा
इंडोनेशिया के बाली में हिंदू आबादी सबसे ज्यादा है. भारत से जाने पर्यटकों की संख्या भी यहां खूब होती है. हालांकि पूरे इंडोनेशिया की बात करें तो यहां हिंदू अल्पसंख्यक हैं और उनकी आबादी करीब 1.7% से 2% तक है, लेकिन उन्हें धार्मिक स्वतंत्रता पूरी है. वहां की सरकार भी सांस्कृति विरासत को संरक्षण देती है. सरकारी स्तर पर महाभारत और रामायण पर आधारित कार्यक्रम आयोजित होते हैं. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक प्राचीन समय में इंडोनेशिया में हिंदू और बौद्ध धर्म का प्रभाव सबसे अधिक था.
भारत और इंडोनेशिया करीबी समुद्री पड़ोसी हैं, जिनके सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंध हजारों साल से भी ज्यादा पुराने हैं. प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति प्रबोवो इंडोनेशिया में भगवान शिव को समर्पित सबसे बड़े मंदिर परिसर, प्रम्बानन मंदिर परिसर का दौरा करेंगे. भारत 2027 में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की इंडोनेशिया यात्रा की 100वीं सालगिरह मनाएगा.
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