Why Airplane Lights are Dimmed: टेकऑफ-लैंडिंग के समय क्यों धीमी होती हैं प्लेन की लाइट्स, जानें वजह?
Why Airplane Lights are Dimmed: टेकऑफ और लैंडिंग के समय विमान की केबिन लाइट धीमी करने के पीछे यात्रियों की सुरक्षा जुड़ी है. जानें, ऐसा क्यों किया जाता है.

Why Airplane Lights are Dimmed: अगर आपने कभी हवाई जहाज में सफर किया है तो आपने जरूर नोटिस किया होगा कि टेकऑफ और लैंडिंग के समय केबिन की लाइट्स धीमी कर दी जाती हैं. बहुत से यात्री सोचते हैं कि ऐसा शायद बिजली बचाने के लिए या यात्रियों को आराम से सुलाने के लिए किया जाता है. हालांकि, ऐसा करने की असल वजह इससे कहीं ज्यादा जरूरी और सुरक्षा से जुड़ी है.
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह सिर्फ एक आम आदत नहीं बल्कि हर फ्लाइट में फॉलो किया जाने वाला एक सेफ्टी नियम है. टेकऑफ और लैंडिंग को फ्लाइट के सबसे संवेदनशील पल माना जाता है, क्योंकि किसी भी तरह की दिक्कत होने की आशंका इसी दौरान सबसे ज्यादा रहती है. इसलिए एयरलाइंस इस दौरान कई तरह की एहतियात बरतती हैं, जिनमें से एक है केबिन की लाइट्स को धीमा करना. आइए जानते हैं क्या है इसके पिछे की वजह क्या है.
असली वजह क्या है?
केबिन की लाइट्स धीमी करने के पीछे सबसे बड़ी वजह है इमरजेंसी की स्थिति के लिए तैयार रहना. जब लाइट्स तेज होती हैं तो आंखों को अंधेरे में देखने की आदत डालने में पांच से दस मिनट तक का समय लग सकता है. अगर उड़ान के दौरान अचानक कोई इमरजेंसी हो और प्लेन को तुरंत खाली करना पड़े तो उस समय अंधेरे में रास्ता ढूंढने में देरी हो सकती है. इसलिए पहले से ही लाइट्स धीमी करके यात्रियों और क्रू मेंबर्स की आंखों को अंधेरे के हिसाब से तैयार कर दिया जाता है, ताकि जरूरत पड़ने पर वे बिना किसी परेशानी के जल्दी बाहर निकल सकें.
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बाहर देखना भी है जरूरी वजह
केबिन की लाइट्स धीमी करने की एक और अहम वजह है कि बाहर का नजारा साफ देख पाना. अगर केबिन के अंदर तेज रोशनी हो तो खिड़की से बाहर का नजारा ठीक से दिखाई नहीं देता, जैसे रात में तेज लाइट वाले कमरे से बाहर अंधेरा देखने में दिक्कत होती है. इसी वजह से टेकऑफ और लैंडिंग के समय खिड़कियों के पर्दे भी खुले रखने के लिए कहा जाता है. ऐसा करने से फ्लाइट क्रू और यात्री दोनों बाहर किसी भी तरह की परेशानी, जैसे आग या धुआं, आसानी से देख और पहचान सकते हैं. यही वजह है कि दुनियाभर की एयरलाइंस टेकऑफ और लैंडिंग के दौरान लाइट्स धीमी करने के इस नियम का सख्ती से पालन करती हैं, ताकि किसी भी अनहोनी की स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
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