Bihar Fake IAS Officer: बिहार में फर्जी IAS के घर पर मिले बाहरसिंगा के दो सींग, इस मामले में कितना सजा?
Bihar Fake IAS Officer: बिहार में फर्जी IAS अधिकारी बनकर घूम रहे आरोपी की गिरफ्तारी के बाद कई चौंकाने वाली चीजें बरामद हुईं. इसमें बारहसिंगा के दो सींग भी शामिल हैं.

Bihar Fake IAS Officer: बिहार से एक खबर इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. खगड़िया जिले में पुलिस ने एक फर्जी IAS अधिकारी को गिरफ्तार किया है. आरोपी का नाम मनीष कुमार गुप्ता बताया जा रहा है, जो खुद को कभी IAS अधिकारी तो कभी देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का अंडरकवर एजेंट बताता था. पुलिस के मुताबिक, वह करीब दस साल से अपनी झूठी पहचान का इस्तेमाल करके लोगों को प्रभावित करता आ रहा था और अपनी गाड़ियों पर भी सरकारी बोर्ड लगाकर घूमता था.
जब पुलिस ने उसके घर पर छापेमारी की, तो वहां से टेस्ला जैसी महंगी गाड़ियां, विदेशी शराब की कई बोतलें, कई क्रेडिट-डेबिट कार्ड और लैपटॉप के साथ-साथ बारहसिंगा के दो सींग भी बरामद हुए हैं. बारहसिंगा के सींग की बरामदगी ने पुलिस के साथ लोगों को चौंका दिया है. दरअसल, बारहसिंगा एक संरक्षित जानवर है, इसलिए उसके सींग घर में रखना भी कानूनन अपराध माना जाता है. इसी वजह से यह खबर सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रही है.
बारहसिंगा के सींग रखने पर क्या कहता है कानून
बारहसिंगा भारत में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम यानी वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट के तहत सबसे ज्यादा सुरक्षा पाने वाले जानवरों की सूची यानी शेड्यूल-1 में आता है. इस कानून के तहत किसी भी संरक्षित जानवर को मारना, उसके अंग रखना या उनकी खरीद-बिक्री करना पूरी तरह गैरकानूनी है. अगर कोई व्यक्ति ऐसे जानवर के सींग, खाल या अन्य अंग अपने पास रखता हुआ पाया जाता है, तो उसे तीन से सात साल तक की जेल हो सकती है, साथ ही जुर्माना भी लगाया जा सकता है.
फर्जी IAS बनने पर कितनी सजा?
भारत में खुद को सरकारी अधिकारी बताकर लोगों को धोखा देना एक गंभीर अपराध माना जाता है. कानून के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति बिना अधिकार के खुद को सरकारी अफसर बताता है और इस झूठी पहचान का फायदा उठाकर लोगों से पैसे या फायदा लेता है, तो उस पर धोखाधड़ी और सरकारी अधिकारी की पहचान चुराने जैसी धाराओं में मामला दर्ज होता है. ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर आरोपी को तीन साल तक की जेल और जुर्माना, दोनों हो सकते हैं. अगर धोखाधड़ी से किसी को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है तो सजा और भी ज्यादा हो सकती है. साथ ही सरकारी गाड़ियों पर बिना अनुमति सरकारी बोर्ड लगाना भी अपने आप में अलग अपराध माना जाता है, जिसके लिए अलग से कार्रवाई हो सकती है.
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