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H-1B Visa Holders: अमेरिका में किसके पास हैं सबसे ज्यादा H-1B वीजा होल्डर, अमेजन, गूगल, मेटा या माइक्रोसॉफ्ट... टॉप पर कौन?

H-1B Visa Holders: अमेरिका में H-1B वीजा के लिए आवेदन फीस बेतहाशा बढ़ी है. चलिए इसी क्रम में यह जान लेते हैं कि आखिर अमेजन, गूगल या माइक्रोसॉफ्ट किस कंपनी के पास सबसे ज्यादा H-1B वीजा होल्डर हैं.

H-1B Visa Holders: अमेरिका की सत्ता संभालने के बाद डोनाल्ड ट्रंप लगातार ऐसे कदम उठा रहे हैं, जो देश के हित के बजाय आर्थिक और वैश्विक दृष्टि से नुकसानदेह साबित हो रहे हैं. बेतहाशा टैरिफ बढ़ाने के बाद अब ट्रंप प्रशासन ने H-1B वीजा के लिए आवेदन शुल्क में जबरदस्त बढ़ोतरी की घोषणा की है. नए नियम के तहत H-1B वीजा आवेदन की फीस 100,000 डॉलर यानि लगभग 88 लाख रुपये कर दी गई है, जबकि पहले यह शुल्क सामान्यतः 2,000 से 5,000 डॉलर के बीच होता था. 

यह बढ़ेतरी टेक्नोलॉजी और अन्य उद्योगों में काम करने वाले विदेशी पेशेवरों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती है. चलिए जानें कि अमेजन, गूगल, मेटा या माइक्रोसॉफ्ट किसके पास सबसे ज्यादा H-1B वीजा हैं. 

किसके पास सबसे ज्यादा H-1B वीजा

अमेरिका में H-1B वीजा धारकों की संख्या में इस साल एक नया रिकॉर्ड बना है. अमेरिकी नागरिकता और इमीग्रेशन सर्विस USCIS के आंकड़ों के अनुसार, 2025 की पहली छमाही में Amazon ने सबसे अधिक H-1B वीजा अप्रूवल प्राप्त किए हैं. अमेजन के पास कुल 10,044 अप्रूवल हैं, इसके बाद Microsoft 5,189, Meta 5,123, Apple 4,202, और भारतीय कंपनी Tata Consultancy Services के पास 5,505 वीजा अप्रूवल हैं.

कंपनियों पर बढ़ सकता है दबाव

यह आंकड़ा दिखाता है कि तकनीकी कंपनियां खासतौर से Amazon, H-1B वीजा कार्यक्रम पर अत्यधिक निर्भर हैं, जो उन्हें हाई प्रोफेशनल लोगों को अस्थायी रूप से रोजगार देने की अनुमति देता है. यह वीजा विशेष रूप से इंजीनियरिंग, अनुसंधान और विकास जैसे क्षेत्रों में उपयोग किया जाता है. H-1B वीजा आवेदनों पर शुल्क बढ़ने के बाद से कंपनियों पर वित्तीय दबाव बढ़ सकता है, विशेष रूप से उन कंपनियों पर जो H-1B वीजा पर निर्भर हैं.

अमेरिकी श्रम बाजार में इन बदलावों के बावजूद, H-1B वीजा धारकों की संख्या में बढ़ोतरी दिखाती है कि तकनीकी कंपनियां वैश्विक प्रतिभाओं की तलाश में हैं. हालांकि, नए शुल्क और नीतियों के कारण इन कंपनियों को अपनी रणनीतियों में बदलाव करना पड़ सकता है.

यह भी पढ़ें: क्या अमेरिका में पहले से नौकरी कर रहे लोगों को भी देनी होगी H-1B वीजा की बढ़ी हुई फीस? जानें नियम

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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