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बाबा वेंगा के बाद कौन-कौन से बाबा दुनिया में हुए फेमस, जिनकी भविष्यवाणी निकलती हैं एकदम सही?

Famous World Predictors: भविष्य देखने वाले ये चेहरे आज भी दुनिया में उतनी ही जिज्ञासा और बहस पैदा करते हैं, जितनी पुराने समय में होती थी. आइए आपको अन्य भविष्यवक्ताओं के बारे में बताते हैं.

दुनिया में भविष्य देखने वालों की कहानियां नई नहीं हैं, लेकिन दिलचस्प यह है कि समय-समय पर कुछ नाम बाकी सबके शोर को चीरकर सबसे ऊपर उभर आते हैं. बाबा वेंगा के बाद भी ऐसे कई भविष्यवक्ताओं ने दुनिया का ध्यान खींचा जिनकी भविष्यवाणियों को लेकर लोग आज भी खूब बहस करते हैं. सवाल यह नहीं कि वे सच बोलते थे या नहीं… असली सवाल यह है कि कैसे उनकी कही बातें घटनाओं से मिलती-जुलती दिखाई देती हैं. आइए जानें.

नास्त्रेदमस 

16वीं सदी का फ्रांस, महामारी और उथल-पुथल से भरे समय में जन्मा एक नाम नास्त्रेदमस. उनकी भविष्यवाणियों की किताब Les Prophéties आज भी दुनिया की बेस्टसेलर भविष्यवाणी पुस्तकों में गिनी जाती है. खास बात यह है कि नास्त्रेदमस अपने लेखन में सीधी भविष्यवाणियां नहीं करते थे, बल्कि संकेतों, रूपकों और पहेलियों में बात करते थे. यही वजह है कि हर बड़ी घटना चाहे वह युद्ध हो या राजनीतिक हलचल लोग उन्हें जोड़कर देखने लगते हैं. 

बाबा वेंगा 

बाबा वेंगा उन भविष्यवक्ताओं में थीं जिन्हें लोग सिर्फ भविष्य बताने वाला नहीं, बल्कि समय से परे मानते थे. उनकी कई चर्चित भविष्यवाणियां जैसे- आतंकी हमले, राजनीतिक बदलाव, प्राकृतिक आपदाएं पिछले 30 सालों में कई बार सुर्खियों में रहीं. लोग कहते हैं कि वेंगा के पास देखने की कोई खास क्षमता नहीं थी…पर समझने की थी. वह लोगों को देखकर नहीं, महसूस करके जवाब देती थीं. यही वजह थी कि उनके नाम पर आज भी डॉक्यूमेंट्री बनती हैं, शोध होते हैं और बहसें थमती नहीं हैं. 

रयो तत्सुकि

जापान की रयो तत्सुकि का नाम दुनिया के उन भविष्यवक्ताओं में गिना जाता है जिन्हें असाधारण तरीके से अपने सपनों में घटनाएं दिखाई देती हैं. एशिया में सुनामी, भूकंप और राजनैतिक संकटों को लेकर उनके दावे सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में रहे. रयो का अंदाज अनोखा है, वे भविष्यवाणी को किसी चमत्कार नहीं बल्कि एक ‘संवेदनशील चेतावनी’ मानती हैं. उनका कहना है कि भविष्य बदल सकता है, और इसी सोच के कारण लोग उनकी बातों को डर नहीं, चेतावनी की तरह लेते हैं. 

एडगर केसी 

अमेरिका के एडगर केसी दुनिया के उन दुर्लभ भविष्यवक्ताओं में रहे जो गहरी नींद जैसी अवस्था में जाकर सवालों का जवाब देते थे. उनका दावा था कि इस अवस्था में उनका अवचेतन ‘सूचना के स्रोत’ से जुड़ जाता है. बीमारियों से लेकर दुनिया के राजनीतिक बदलते मौसम तक, केसी ने हजारों भविष्यवाणियां दर्ज कीं और कई घटनाएं समय के साथ मिलती-जुलती दिखीं. 

जुनीओर जस्टिन 

जुनीओर जस्टिन का दावा है कि उन्हें भविष्य की घटनाएं सपनों में मिलती हैं, वह भी बेहद साफ और क्रम में. अर्थव्यवस्था, प्राकृतिक खतरे और वैश्विक संघर्षों को लेकर उनके पूर्वानुमान ब्राजील से लेकर यूरोप तक सुर्खियों में रहे हैं. उनकी भविष्यवाणियों में एक खास बात है- वे सब कुछ तीज-तपाक में नहीं कहते, बल्कि तारीख, समय या दिशा जैसी बेहद विशिष्ट बातें बताते हैं. 

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About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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