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Hajj Pilgrims: किस देश से आते हैं सबसे ज्यादा हज यात्री, जानें इस मामले में भारत किस नंबर पर?

Hajj Pilgrims: सऊदी अरब में हज यात्रा शुरू होने जा रही है. इसी बीच आइए जानते हैं कि किस देश से सबसे ज्यादा हज यात्री आते हैं.

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  • 26 मई से शुरू होने वाली हज यात्रा, इंडोनेशिया सबसे बड़ा कोटेदार.
  • पाकिस्तान को 1,80,000 हज यात्रियों का कोटा मिला.
  • भारत तीसरे स्थान पर, 1,75,025 यात्रियों का कोटा.
  • हज के लिए पासपोर्ट, आयु सीमा और विशेष नियम लागू.

Hajj Pilgrims: सऊदी अरब में 26 मई से हज यात्रा शुरू होने जा रही है. हर साल दुनिया भर से लाखों मुसलमान हज की पवित्र तीर्थ यात्रा करने के लिए मक्का जाते हैं.  दुनिया भर में तीर्थ यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है इस वजह से सऊदी अरब की सरकार हर देश को एक तय हज कोटा देती है.  यह मुख्य रूप से उस देश की मुस्लिम आबादी के आकार पर आधारित होता है. इसी बीच आइए जानते हैं किस देश से सबसे ज्यादा हज यात्री आते हैं.

इंडोनेशिया से सबसे ज्यादा हज यात्री 

इंडोनेशिया को दुनिया का सबसे ज्यादा हज कोटा मिलता है. ऐसा इसलिए क्योंकि दुनिया भर में सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी यहीं है. आंकड़ों के मुताबिक इंडोनेशिया को 2026 के हज सीजन के लिए लगभग 2,21,000 का कोटा दिया गया है. हर साल सऊदी अरब जाने वाले तीर्थ के सफर, रहने और ट्रेनिंग का इंतजाम करने के लिए पूरे देश में बड़े पैमाने पर तैयारी की जाती है.

पाकिस्तान दूसरे स्थान पर 

वैश्विक हज कोटा सूची में पाकिस्तान दूसरे स्थान पर है. इस देश को 2026 के लिए लगभग 1,80,000 तीर्थ यात्रियों का कोटा मिला है. यह कोटा सरकारी हज योजना और निजी टूर ऑपरेटर के बीच बांटा जाता है. 

भारत तीसरा स्थान पर

भारत 1,75,025 तीर्थ यात्रियों के हज कोटे के साथ दुनिया भर में तीसरे स्थान पर है. हर साल बड़ी संख्या में भारतीय मुसलमान सरकारी इंतजाम और निजी हज ऑपरेटर दोनों के जरिए तीर्थ यात्रा करते हैं. यह कोटा भारत और सऊदी सरकार के बीच बातचीत के जरिए तय किया जाता है. 

भारत का कोटा दो श्रेणियों में बंटा हुआ है. लगभग 70% सीट भारत की हज समिति द्वारा सरकारी कोटा प्रणाली के तहत प्रबंधित की जाती हैं. इसी के साथ लगभग 30% सीट पंजीकृत निजी हज समूह आयोजकों को दी जाती हैं.

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पात्रता के नियम 

हज प्रक्रिया में आवेदकों के लिए पात्रता की कड़ी शर्तें होती हैं. तीर्थ यात्रियों के पास एक मशीन रीडेबल भारतीय पासपोर्ट होना जरूरी है. सरकारी कोटा प्रणाली के तहत किसी भी व्यक्ति को आमतौर पर अपने जीवन काल में सिर्फ एक बार ही हज करने की अनुमति दी जाती है. 12 साल से कम उम्र के बच्चों को इस तीर्थ यात्रा पर जाने की अनुमति नहीं है. इसी के साथ बुजुर्ग और महिला तीर्थ यात्रियों के लिए कुछ खास नियम हैं.  

65 साल या फिर उससे ज्यादा उम्र के तीर्थ यात्रियों के लिए यह जरूरी है कि अपने साथ 18 से 60 वर्ष की उम्र का कोई साथी लेकर यात्रा करें. 45 से 65 साल की उम्र की महिलाएं, अगर वे बिना महरम वाली महिलाएं नामक विशेष श्रेणी के तहत चार या फिर उससे ज्यादा महिलाओं के समूह में यात्रा करती हैं तो वे बिना किसी पुरुष अभिभावक के भी हज के लिए आवेदन कर सकती हैं.

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स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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