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क्या डील के बाद भी ईरान पर हमला कर सकता है अमेरिका, इसके खिलाफ कहां शिकायत कर सकता है तेहरान?

अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में प्रतिबंध हटाने को लेकर 82 मिनट की अहम बातचीत हुई है, लेकिन इसी बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी दे दी है. चलिए जानें अगर अमेरिका ने हमला किया तो ईरान कहां शिकायत करेगा.

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव इस वक्त सबसे संवेदनशील मोड़ पर आ गया है. स्विट्जरलैंड के बंद कमरों की बैठक में भले ही दोनों देश आर्थिक प्रतिबंधों और फ्रीज किए गए पैसों को लौटाने पर बात कर रहे हों, लेकिन वाइट हाउस के तीखे तेवर कुछ और ही कहानी कह रहे हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कह दिया है कि अगर ईरान ने लेबनान में हिजबुल्लाह की हरकतों पर लगाम नहीं लगाई तो उसे इतिहास के सबसे भीषण हमले का सामना करना होगा. चलिए जानें कि अगर वाकई अमेरिका ऐसा करता है तो ईरान कहां शिकायत कर सकता है.

हिजबुल्लाह पर नहीं कसी लगाम तो भुगतना होगा अंजाम

स्विट्जरलैंड की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के डिप्लोमैट्स एक मेज पर मौजूद थे. पूरे 82 मिनट तक यह मुलाकात चली, जिसमें दोनों देशों की ओर से अपनी-अपनी दलीलें दी जा रही थीं. जहां एक तरफ डिप्लोमैट्स कागजों पर दस्तखत की जमीन तैयार कर रहे थे, वहीं डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि वह लेबनान में सक्रिय अपने सबसे बड़े समर्थक गुट हिजबुल्लाह की हिंसक और उग्रवादी गतिविधियों को तुरंत बंद कराए. अगर ईरान ने हिजबुल्लाह की फंडिंग और हथियारों की सप्लाई नहीं रोकी अमेरिका उस पर पिछले हफ्ते हुए हमलों से भी बड़ा और खतरनाक हमला हरने में संकोच नहीं करेगा. 

क्या समझौते के बाद भी हमला कर सकता है अमेरिका?

यह सबसे बड़ा कानूनी और सामरिक सवाल है कि क्या दोनों देशों के बीच शांति डील होने के बाद भी अमेरिका ईरान पर हमला कर सकता है नहीं. अंतरराष्ट्रीय कानूनों और इतिहास के पन्ने पलटें तो इसका जवाब है हां. सैद्धांतिक रूप से दुनिया का कोई भी शांति समझौता किसी देश को पूरी तरह तब तक नहीं बाध कर रख सकता है, जब तक दोनों पक्ष शर्तों पर टिके रहें. अगर अमेरिका को ऐसा लगता है कि ईरान इस मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग का उल्लंघन कर रहा है या परोक्ष रूप से हिजबुल्लाह के जरिए तनाव बढ़ा रहा है तो अमेरिका अपनी सुरक्षा का हवाला देकर समझौते को तोड़कर सैन्य कार्रवाई का रास्ता चुन सकता है.

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ऐसी स्थिति में कहां शिकायत करेगा ईरान?

अगर अमेरिका इस 14-सूत्रीय समझौते के बाद भी ईरान पर किसी तरह की सैन्य कार्रवाई या हमला करता है तो तेहरान के पास वैश्विक मंचों पर कानूनी लड़ाई लड़ने के लिए सीमित लेकिन महत्वपूर्ण विकल्प मौजूद हैं. ईरान सबसे पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का दरवाजा खटखटाएगा. यूएन चार्टर के तहत किसी भी संप्रभु देश पर हमला करना एक्ट ऑफ अग्रेशन यानि सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन माना जाता है. सुरक्षा परिषद में शिकायत दर्ज कराकर ईरान दुनिया के सामने अमेरिका को एक हमलावर देश के रूप में पेश करने की पूरी कोशिश करेगा और वैश्विक स्तर पर राजनीतिक दबाव बनाने की रणनीति अपनाएगा.

ICJ का रास्ता पकड़ने का विकल्प

सुरक्षा परिषद के अलावा ईरान के पास दूसरा कानूनी हथियार हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय है. यदि अमेरिका हस्ताक्षरित संधियों या फिर दशकों पुराने अंतरराष्ट्रीय नियमों को ताक पर रखकर एकतरफा कार्रवाई करता है, तो ईरान इस अदालत में अमेरिका के खिलाफ मुकदमा दायर कर सकता है. हालांकि अंतररराष्ट्रीय राजनीति की एक हकीकत यह भी है कि अमेरिका अक्सर इन वैश्विक अदालतों के फैसले को मानने से इनकार करता रहा है और सुरक्षा परिषद में उसके पास वीटो पावर भी है. इसके बाद भी ईरान इन मंचों का इस्तेमाल करके खुद को पीड़ित साबित करने और वैश्विक सहानुभूति बटोरने के लिए जरूर करेगा.

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About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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