जब सड़कों पर बहा बीयर का समंदर, कई लोगों की हुई थी मौत
साल 1814 में दुनिया के एक देश में बीयर कारखाने में 22 फीट ऊंचा टैंक फटने से कई टन बीयर सड़कों पर बह गई थी. उसने तबाही मचाते हुए तमाम निर्दोष लोगों की जान ले ली थी.

आज से 212 वर्ष दुनिया के एक देश में एक ऐसी अजीबोगरीब औद्योगिक त्रासदी घटी थी, जिसने पूरे विश्व को स्तब्ध कर दिया था. किसी शहर में बाढ़ आने की बात तो हम हर मानसून में सुनते हैं, इसे सुनते ही हमारे जहन में पानी याद आता है, लेकिन ब्रिटेन में एक विशाल बीयर कारखाने का विशालकाय टैंक फटने से चारों तरफ शराब का सैलाब उमड़ पड़ा था. इस अप्रत्याशित हादसे ने देखते ही देखते कई आशियाने तबाह कर दिए, बल्कि कई निर्दोष इंसानों की जान ले ली. आइए इस ऐतिहासिक त्रासदी के हर एक पहलू को जानते हैं.
हॉर्स शू ब्रूअरी की विशाल क्षमता वाले बैरल
लंदन के सेंट जाइल्स इलाके स्थित बैनब्रिज स्ट्रीट पर हॉर्स शू ब्रूअरी नाम का एक बहुत बड़ा शराब कारखाना हुआ करता था. इस यूनिट में हर साल 1,00,000 बैरल से ज्यादा की बीयर तैयार की जाती थी. उत्पादन के लिए यहां तीन मंजिल जितने ऊंचे यानी लगभग 22 फीट के विशालकाय लकड़ी के फर्मेंटेशन टैंक लगाए गए थे. इन टैंकों में एक समय में लाखों लीटर बीयर फर्मेंटेशन प्रक्रिया से गुजरती थी. इसके अलावा कंपनी के विशाल गोदामों में सैकड़ों बड़े पीपों के अंदर भी अत्यधिक मात्रा में बीयर भरकर रखी जाती थी.
एक छोटी सी अनदेखी और बड़ा हादसा हो गया
17 अक्टूबर 1814 के दिन इस कारखाने के एक विशाल फर्मेंटेशन टैंक पर बंधी लोहे की भारी रिंग अचानक खिसककर बाहर गिर गई. गोदाम के क्लर्क जॉर्ज क्रिक ने इस घटना को देखा जरूर, पर उसने लापरवाही के कारण इसे सामान्य समझकर टाल दिया. उस समय टैंक के अंदर लाखों लीटर बीयर में फर्मेंटेशन की प्रक्रिया तेजी से चल रही थी, जिससे अंदरूनी दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था. शाम 5 बजे के करीब वह भारी-भरकम लकड़ी का टैंकर जोरदार धमाके के साथ फट गया और उसके चिथड़े उड़ गए.
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सड़कों पर बहा 570 टन बीयर का सैलाब
टैंक फटने से लगभग 570 टन बीयर की प्रचंड धार बाहर निकल पड़ी. इस जबरदस्त दबाव और झटके के कारण गोदाम में रखे अन्य सैकड़ों बैरल और पीपे भी एक-एक करके फटने लगे. देखते ही देखते कारखाने से निकलकर लाखों लीटर गर्म बीयर आसपास की तंग गलियों में फैल गई. पास की न्यू स्ट्रीट में मैरी बैनफील्ड अपनी छोटी बच्ची के साथ चाय पी रही थीं, तभी बीयर की सुनामी उन्हें बहा ले गई. वहीं पास के पब के पीछे बर्तन साफ कर रही 14 साल की किशोरी दीवार गिरने से दब गई.
मासूमों की मौत और तबाही का भयानक मंजर
उसी इलाके में एक मृत बच्चे के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करने इकट्ठा हुई आयरिश महिलाओं के मकान की छत बीयर के दबाव से ढह गई. इस भयानक प्रलय में कई महिलाओं की मौत हो गई. सेंट जाइल्स के तंग इलाकों में ड्रेनेज की सही व्यवस्था न होने से बीयर लोगों के घरों में भर गई. बचाव दल जब मौके पर पहुंचा तो वे कमर तक बीयर और मलबे में डूबकर लोगों को तलाश रहे थे. कारखाने के अंदर के कर्मचारी सुरक्षित बच गए, लेकिन बाहर आठ महिलाओं और बच्चों की मौत हो गई.
कंपनी का नुकसान और सरकार से कितनी राहत?
इस भयानक आपदा के कारण ब्रूअरी को लगभग 23,000 यूरो का भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा. हालांकि, कंपनी सरकार से बीयर पर चुकाई गई एक्साइज ड्यूटी वापस पाने में सफल रही, जिससे वह कंगाल होने से बच गई. इसके साथ ही बर्बाद हुए बीयर बैरलों के एवज में उन्हें 7,250 यूरो का मुआवजा भी प्रदान किया गया. इस ऐतिहासिक दुर्घटना के बाद लकड़ी के खतरनाक फर्मेंटेशन टैंकों को हटाकर कंक्रीट से बने मजबूत और सुरक्षित बर्तनों का इस्तेमाल शुरू किया गया.

उस ब्रूअरी की जगह आज क्या है?
साल 1922 में इस ऐतिहासिक हॉर्स शू ब्रूअरी की इमारत को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया था. आज जिस स्थान पर कभी बीयर की भीषण बाढ़ आई थी, वहां लंदन का मशहूर डोमिनियन थिएटर बनाया गया है. इतिहास में दर्ज यह घटना शुरुआती औद्योगीकरण और सुरक्षा नियमों की अनदेखी के गंभीर खतरों को दर्शाती है. आज भी लंदन बीयर फ्लड को दुनिया की सबसे अजीब और भयानक औद्योगिक त्रास्दियो में गिना जाता है, जब एक खुशहाल शहर की सड़कें बीयर के समंदर में बदल गई थीं.
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