एक्सप्लोरर

Jail VS Prison: जेल और कारागार में क्या होता है फर्क, जानें किसकी सिक्योरिटी सबसे टाइट?

Jail VS Prison: जेल और कारागार में काफी ज्यादा फर्क होता है. आइए जानते हैं क्या है यह फर्क और दोनों की सुरक्षा कितनी ज्यादा टाइट होती है.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • जेल अल्पकालिक हिरासत, एक साल से कम सजा वालों हेतु।
  • कारागार दीर्घकालिक कैद, एक साल से अधिक सजा वालों हेतु।
  • जेल में विचाराधीन, कारागार में गंभीर दोषी रखे जाते।
  • कारागार में बेहतर सुविधाएं, जेलों में कम व्यवस्था होती।

Jail VS Prison: अक्सर ही आपने जेल के साथ-साथ कारागार के बारे में भी सुना होगा. काफी लोगों को ऐसा लगता है कि ये दोनों एक ही होते हैं. लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है. यह अंतर सिर्फ नाम का नहीं है, बल्कि इसमें कैदियों के प्रकार, रहने की अवधि, सुविधा और सबसे जरूरी बात सुरक्षा का स्तर भी शामिल होता है. आइए जानते हैं कि जेल और कारागार में क्या फर्क है.

रहने की अवधि 

सबसे बुनियादी अंतर इस बात में है कि कैदियों को कितने समय तक रखा जाता है. जेल कम समय के लिए हिरासत में रखने के लिए होती है. आमतौर पर उन लोगों के लिए जिनकी सजा एक साल से कम होती है या फिर जो मुकदमे का इंतजार कर रहे होते हैं. दूसरी तरफ कारागार ज्यादा समय तक कैद में रखने के लिए बनाए जाते हैं. इनमें उन दोषियों को रखा जाता है जिन्हें एक साल से ज्यादा की सजा मिली होती है. 

रखे जाने वाले कैदियों के प्रकार 

जेल में आमतौर पर विचाराधीन कैदी, यानी वे लोग जिन पर अभी दोष सिद्ध नहीं हुआ है और साथ ही छोटे-मोटे अपराधों में शामिल लोगों को रखा जाता है. कारागार में दोषी अपराधियों को रखा जाता है. इनमें हत्या, आतंकवाद या संगठित अपराध जैसे गंभीर अपराध शामिल है. 

सुविधा और रहने की स्थिति 

क्योंकि कारागार ज्यादा समय तक रहने के लिए होते हैं इस वजह से उनमें शैक्षिक कार्यक्रम, व्यावसायिक प्रशिक्षण, पुस्तकालय और पुनर्वास जैसी सुविधा बेहतर ढंग से उपलब्ध होती है. जेल में आमतौर पर ऐसी कोई बुनियादी सुविधा नहीं होती. ऐसा इसलिए क्योंकि कैदियों के वहां ज्यादा समय तक रहने की उम्मीद नहीं होती.

प्रशासनिक नियंत्रण 

जेल का प्रबंधन आमतौर पर स्थानीय या फिर जिला अधिकारियों द्वारा किया जाता है. इससे उनका पैमाना और दायरा छोटा होता है. कारागार का प्रशासन राज्य या फिर केंद्र सरकार द्वारा किया जाता है. यह उनके बड़े आकार, ज्यादा क्षमता और ज्यादा जटिल संचालन को दर्शाता है.

कहां होती है सबसे कड़ी सुरक्षा? 

जब सुरक्षा की बात आती है तो कारागार खास तौर से केंद्रीय जेल और खास जेल की तुलना में काफी ज्यादा सुरक्षित होते हैं. यह सुविधा उच्च जोखिम वाले अपराधियों को रखने के लिए बनाई जाती है. इस वजह से यहां कड़ी निगरानी और सुरक्षा के कई परतें शामिल होती हैं. 

कारागार को सुरक्षा के स्तर के आधार पर आगे और भी विभाजित किया जाता है. ज्यादा सुरक्षा वाले कारागार में सबसे खतरनाक कैदियों को रखा जाता है. इसी के साथ मध्य सुरक्षा वाले कारागार में कम हिंसक अपराधियों को रखा जाता है. सबसे कम सुरक्षा वाले या फिर खुली जेल उन कैदियों के लिए बनाई जाती हैं जिनका व्यवहार अच्छा होता है.

यह भी पढ़ें: जिस लेबनान पर मिसाइलें दाग रहा इजरायल, वहां तैनात हैं भारत के 600 सैनिक; लेकिन क्यों?

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

सिंधु समझौता रद्द, फिर भी भारत ने क्यों नहीं रोका पाक का पानी? क्या है वजह
सिंधु समझौता रद्द, फिर भी भारत ने क्यों नहीं रोका पाक का पानी? क्या है वजह
किन देशों को बिजली सप्लाई करता है भारत, नेपाल को किस भाव बेचेगा?
किन देशों को बिजली सप्लाई करता है भारत, नेपाल को किस भाव बेचेगा?
भारत को क्यों है चीन के होटन एयर रूट की जरूरत, क्या होगा इससे फायदा?
भारत को क्यों है चीन के होटन एयर रूट की जरूरत, क्या होगा इससे फायदा?
दिरहम या रुपया, किस करेंसी में मिलती है पायलट मच्छार को सैलरी?
दिरहम या रुपया, किस करेंसी में मिलती है पायलट मच्छार को सैलरी?

वीडियोज

SIR में 'गड़बड़' सॉफ्टवेयर का 'डेवलपर' कौन?
कैप्टन स्मिथ की पूरी कहानी!
फॉर्म 6 को लेकर विवाद क्यों? विश्लेषकों का सटीक विश्लेषण
नए अध्यक्ष की रेस में कौन आगे?
फॉर्म 6 से SIR तक...विपक्ष की 'पॉलिटिक्स' क्या है? बड़ा खुलासा!

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
अभिजीत दीपके को मुंबई पुलिस ने हिरासत में लिया, मरीन ड्राइव के पास हाथ में थीं तख्तियां
अभिजीत दीपके को मुंबई पुलिस ने हिरासत में लिया, मरीन ड्राइव के पास हाथ में थीं तख्तियां
JDU-अनंत सिंह में भिड़ंत करवाकर PK पहुंचे दरभंगा, अनुज सिंह की रैली से क्यों रहे गायब?
JDU-अनंत सिंह में भिड़ंत करवाकर PK पहुंचे दरभंगा, अनुज सिंह की रैली से क्यों रहे गायब?
2027 ODI वर्ल्ड कप में टीम इंडिया का शेड्यूल, नोट कर लीजिए सभी मैचों की तारीख
2027 ODI वर्ल्ड कप में टीम इंडिया का शेड्यूल, नोट कर लीजिए सभी मैचों की तारीख
'बॉक्स ऑफिस पर रूल करेगी', 'दृश्यम 3' का आया फर्स्ट रिव्यू, जानें कैसी है अजय देवगन की फिल्म
'बॉक्स ऑफिस पर रूल करेगी', 'दृश्यम 3' का आया फर्स्ट रिव्यू, जानें कैसी है अजय देवगन की फिल्म
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अभिजीत दीपके का बड़ा ऐलान, 'जंतर-मंतर पर बैठेंगे और...'
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अभिजीत दीपके का बड़ा ऐलान, 'जंतर-मंतर पर बैठेंगे और...'
UP: ओपी राजभर-अखिलेश के बीच तू-तू-मैं-मैं, नथवानी, रामगोपाल, INDIA पर भिड़े दोनों नेता
UP: ओपी राजभर-अखिलेश के बीच तू-तू-मैं-मैं, नथवानी, रामगोपाल, INDIA पर भिड़े दोनों नेता
गांधीजी के आश्रम में खाने से सामान रखने तक के नियम, क्यों जरूरी थे 11 व्रत?
गांधीजी के आश्रम में 11 व्रत क्यों जरूरी थे? खाने से सामान रखने तक के थे नियम
सालभर बिकता है गेंदा का ये फूल, 10 हजार की लागत से शुरू करें खेती
सालभर बिकता है गेंदा का ये फूल, 10 हजार की लागत से शुरू करें खेती
Embed widget