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India To Iran Road Route: सड़क रास्ते से ईरान जाने में कितना वक्त लगेगा, कौन-कौन से देश पार करने होंगे?

India To Iran Road Route: मिडिल ईस्ट में तनाव जा रही है. इसी बीच आइए जानते हैं कि अगर भारत से सड़क रास्ते के जरिए ईरान जाया जाए तो रास्ते में कौन-कौन से देश आएंगे.

India To Iran Road Route: मिडिल ईस्ट में तनाव काफी ज्यादा बढ़ चुका है. चल रही लड़ाईयों के बीच ईरान के प्रेसिडेंट ने कहा है कि ईरान अपने पड़ोसी देशों पर तब तक हमला नहीं करेगा जब तक कि उनके इलाकों से ईरान पर हमला ना किया जाए. जैसे-जैसे हालात बदल रहे हैं काफी लोग ईरान के साउथ एशिया के साथ ज्योग्राफिकल कनेक्शन के बारे में जानने को उत्सुक हैं. एक आम सवाल यह भी है कि भारत से ईरान तक सड़क से जाने में कितना समय लगेगा और रास्ते में कौन-कौन से देश पड़ेंगे? आइए जानते हैं क्या है इस सवाल का जवाब.

अनुमानित सफर का समय और दूरी 

भारत से ईरान तक सड़क के सफर में आमतौर पर लगभग 7 से 14 दिन लगते हैं. यह सफर की स्पीड, बॉर्डर क्रॉसिंग पर इंतजार के समय और चुने गए रास्ते पर निर्भर करता है. सड़क से कुल दूरी लगभग 4000 से 5000 किलोमीटर है. यह भारत के शुरुआती बिंदु और ईरान में डेस्टिनेशन शहर, जैसे तेहरान और मशहद पर निर्भर करता है. 

पाकिस्तान से होकर जाने वाला मेन रास्ता 

भारत से ईरान जाने का सबसे सीधा और आम तौर पर चर्चित रास्ता पाकिस्तान से होकर जाता है. यह सफर आमतौर पर अमृतसर के पास अटारी बाघा बॉर्डर से शुरू होता है. यह भारत और पाकिस्तान को जोड़ता है. पाकिस्तान में घुसने के बाद यह रास्ता लाहौर, क्वेटा और दलबंदिन जैसे बड़े शहरों से होकर गुजरता है. इसके बाद यह ताफ्तान- मिर्जावेह बॉर्डर क्रॉसिंग पर पहुंचता है. यह पाकिस्तान को ईरान से जोड़ता है. 

सेंट्रल एशिया से होकर जाने वाला दूसरा रास्ता

जो यात्री पाकिस्तान से होकर नहीं जाना चाहते उनके लिए सेंट्रल एशिया से होकर जाने वाला एक और रास्ता हो सकता है. हालांकि यह काफी लंबा और ज्यादा मुश्किल है. दूसरे रास्ते में ईरान में घुसने से पहले चीन, किर्गिस्तान, उज्बेकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान जैसे देशों से होकर जाना शामिल हो सकता है.

वीजा और यात्रा की जरूरतें 

इंटरनेशनल सड़क यात्रा के लिए कई ऑफिशल डॉक्युमेंट और परमिशन की जरूरत होती है. ट्रैवलर्स को उन देशों के लिए  ट्रांजिट वीजा लेना होता है जिनसे वह गुजर रहे हैं. अगर वें मेन रूट का इस्तेमाल कर रहे हैं तो पाकिस्तान. ईरान ने पहले भारतीय टूरिस्ट को 15 दिनों तक के छोटे स्टे के लिए वीजा फ्री एंट्री की इजाजत दी थी. लेकिन जियोपॉलिटिकल सिचुएशन के आधार पर ऐसी पॉलिसी बदल सकती है. ट्रैवलर्स को यह सलाह दी जाती है कि वह अपनी यात्रा प्लान करने से पहले ईरानी ई विजा पोर्टल या एंबेसी के जरिए लेटेस्ट अपडेट्स चेक कर लें.

 गाड़ी और ड्राइविंग के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट

अगर कोई अपनी गाड़ी से यात्रा करने का प्लान बना रहा है तो एक्स्ट्रा डॉक्यूमेंट की जरूरत होगी. इसमें आमतौर पर एक कार्नेट डे पैसेजेस शामिल होता है. जो टेम्पररी गाड़ी इंपोर्ट करने के लिए कस्टम डॉक्यूमेंट का काम करता है. ड्राइवर के पास इंटरनेशनल बॉर्डर्स पर कानून तौर पर गाड़ी चलाने के लिए एक इंटरनेशनल ड्राइविंग परमिट, वैलिड पासपोर्ट, गाड़ी का रजिस्ट्रेशन पेपर और ट्रैवल इंश्योरेंस भी होना चाहिए.

यह भी पढ़ें: अमेरिका, इजरायल या ईरान... किसके पास सबसे ज्यादा जमीनी सैनिक, ग्राउंड ऑपरेशन की तैयारी के बीच जानिए जवाब

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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