समंदर में क्या होता है स्ट्रेट का मतलब, इनसे शिप के सफर पर कैसे पड़ता है असर?
स्ट्रेट का मतलब जलडमरूमध्य होता है, यानी पानी का ऐसा संकरा रास्ता जो दो बड़े समुद्री हिस्सों को आपस में जोड़ता है. यह समुद्रों, खाड़ियों या महासागरों के बीच एक कड़ी की तरह काम करता है.

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और खासतौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर लगातार चर्चा हो रही है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक ऐसी जगह है, जहां दुनिया भर के कई जहाज फंसे हुए हैं. हालांकि मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कई जहाज फंसे हुए है, लेकिन हाल ही में ईरान ने भारत के दो ईंधन जहाजों को यहां से निकलने की परमिशन दी थी.
वहीं, पिछले कुछ सप्ताह में कई जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान का शिकार हो चुके हैं. ईरान और अमेरिका- इजरायल के बीच चल रहे तनाव के बीच अब एक बार फिर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज शब्द भी सुर्खियों में आ गया है. तेल और गैस की सप्लाई की खबरों के बीच कई लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर स्ट्रेट होता क्या है और इसका जहाज की आवाजाही पर कितना असर पड़ता है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि समुद्र में स्ट्रेट का मतलब क्या होता है और इससे शिप के सफर पर कैसे असर पड़ता है.
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क्या होता है स्ट्रेट?
स्ट्रेट का मतलब जलडमरूमध्य होता है, यानी पानी का ऐसा संकरा रास्ता जो दो बड़े समुद्री हिस्सों को आपस में जोड़ता है. यह समुद्रों, खाड़ियों या महासागरों के बीच एक कड़ी की तरह काम करता है, जिससे होकर जहाज एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र तक पहुंचते हैं. कई स्ट्रेट नेचुरल रूप से बनते हैं, जैसे जमीन के कटाव या टेक्टोनिक बदलाव से. जबकि कुछ जगहों पर यह पानी के फैलाव या जमीन के धंसने से भी बन जाते हैं. दुनिया के कई बड़े समुद्री रास्ते इसी तरह के स्ट्रेट के जरिए जुड़े हुए हैं.
शिप के लिए क्यों अहम होता है यह रास्ता?
स्ट्रेट समुद्री व्यापार के लिए बहुत जरूरी होते हैं, क्योंकि यह लंबी दूरी को छोटा कर देते हैं. जहाज के बड़े महासागर का लंबा चक्कर लगाने की बजाय सीधे इसी संकरे रास्ते से गुजरने का ऑप्शन मिलता है. जिससे समय और लागत दोनों बचते हैं, लेकिन यही संकरापन कई बार चुनौती भी बन जाता है. जहाज के लिए यह तय लेन बहुत सीमित होती है, इसलिए यहां ट्रैफिक कंट्रोल सख्त होता है और जरा सी चूक भी बड़े हादसे में बदल सकती है. वहीं अमेरिका और ईरान के तनाव के बीच भी सबसे ज्यादा असर इसी रास्ते पर पड़ रहा है.
स्ट्रेट के संकरे रास्ते में कैसे बढ़ जाता है खतरा?
दरअसल स्ट्रेट जितना संकरा होता है, वहां खतरा उतना ही ज्यादा होता है. उदाहरण के तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का सबसे संकरा हिस्सा करीब 33 किलोमीटर तक सीमित है और जहाज के लिए सुरक्षित लेन इससे भी कम चौड़ी होती है. ऐसे में अगर किसी तरह का तनाव होता है, तो पूरा समुद्री ट्रैफिक प्रभावित हो जाता है. वहीं दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल और गैस का परिवहन स्ट्रेट के जरिए होता है, खासकर खाड़ी देशों से निकलने वाला कच्चा तेल इन्हीं रास्तों से होकर दुनिया के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचता है. अगर किसी कारण से यह रास्ता बंद हो जाए या इसमें दिक्कत आए तो इसका सीधा असर वैश्विक बाजार पर पड़ता है. तेल की कीमतें बढ़ती है, चैन सप्लाई प्रभावित होती है और कई देश में महंगाई तक बढ़ सकती है.
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Source: IOCL

























